एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यूँ है,
इन्कार करने पर चाहत का इकरार क्यूँ है,
उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद,
फिर भी हर मोड़ पर उसका इंतजार क्यूँ है।
#शुभ_प्रभात🥰🥰
पता नहीं किस तरह, कहाँ मिलूँगी
शायद तेरे कैनवास पर एक रहस्यमयी लकीर बन कर
ख़ामोश तुझे देखती रहूँगी...
या सूरज की लौ बन कर तेरे रंगों में घुलती रहूँगी,
या रंगों की बाहों में बैठ कर तेरे कैनवास से लिपट जाऊँगी...🎨✨
~ अमृता प्रीतम
#ArtOfLove