फूलों की माला का चित्र तो चित्रकार बना सकता हैं परंत�� फूलों की सुगंध वह चित्रित नही कर सकता !
चाँद व सूर्य का भी चित्र बनाया जा सकता हैं,पर प्रकाश का चित्रण सम्भव नहीं।
ऐसे ही गुरु का स्वाँग तो बहुत व्यक्ति कर सकते है लेकिन मेरे “आशु बाबा” के प्रेम का स्वाँग कोई नही कर सकता.!!
Free will is the faculty of our soul. When we blindly commit actions in accordance to our senses and limited intellect, are we truly practicing our discriminatory power or free will that God has granted us? ~ #ShriAshutoshMaharajJi#freewill#spiritualseeker#wisdom
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डी.जे.जे.एस.) के संस्थापक एवं संचालक - दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी जी की भारत की राष्ट्रपति, माननीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी से शिष्टाचार भेंट हुई। राष्ट्रपति महोदया को उनके भविष्य के अभियानों के लिए शुभकामनाएं दी।
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