इस देश केे तमाम यूनिवर्सिटी कैंपस में SC ST OBC प्रोफेसर की संख्या नगण्य है।
वजह? कैंपस में बैठे द्रोणाचार्य, हम जैसे एकलव्यों का अंगूठा काटने में लगे हुए है!
2019 में जो मांग उठा रही थी आज भी वही मांग उठानी पड़ रही है, मगर ये मनुवादी सुधरने का नाम नहीं लेते!
मोदी सरकार अपने विभागों में SC ST OBC समाज के अफसरों को देखना नहीं चाहते, हमें संस्थाओं से लुप्त किया जा रहा है!
जनपद गाज़ीपुर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा विकास भवन सभागार में स्वनिर्मित हस्त उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। आत्मनिर्भरता, हुनर और उद्यमिता के माध्यम से महिलाएं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन रही हैं।
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"सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को ही सरकारी नौकरी दी जाए"
छोटी बच्ची ने बात बहुत बड़ी कह दी।
मुझे लगता है कि "ग्रुप ए" की नौकरी छोड़ अन्य सभी ग्रुप में ये नियम लागू होना चाहिए।