‘गाँव’ गोद लेने की बात करनेवालों के बुरे दिन आ गये हैं, वो अब अपने ही ख़िलाफ़ हो रहे प्रोटेस्ट के ‘आंदोलनकारियों’ को गोद लेने पर मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री जी के सूचनार्थ-ज्ञानार्थ : P से Protest भी होता है।
दस दिखाया, सोलह गटकाया
‘भाजपा’ की पुलिस की माया
कन्नौज में पुलिस की गाड़ी से हुए एक्सीडेंट में सोने की तस्करी का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार टक्कर लगने के बाद जब कार सवार भागने लगे तो पुलिस ने पीछ�� करके उन्हें पकड़ा और तलाशी के दौरान गाड़ी से 1 किलो के 26 सोने के बिस्कुट पकड़े लेकिन दिखाए गए केवल 10 किलो के बिस्कुट…
अब ध्यान ये रखना है कि कहीं पुलिस दिखाए गए बिस्कुटों को भी ‘पीली धातु’ कहकर सरकारी हिसाब में दर्ज़ न कर ले और बाद में पीतल के बिस्कुट से बदलकर ये सारे सोने के बिस्कुट भी गटक न जाए।
नेपाल से गोरखपुर और गोरखपुर से दिल्ली यही है डबल इंजन के डबल गोरखधंधे का असली रास्ता।
मेरठ मे किसान नेतृत्व के नाम पर ‘पीडीए’ पर प्रहार किया गया है। जिस प्रकार चुन-चुनकर दलित और गुर्जर समाज को निशाना बनाया गया है, उससे पता चलता है कि भाजपा में इन समाजों के प्रति कितना अधिक विद्वेष भरा हुआ है। भाजपा समझ गई है कि अब न तो दलित समा�� उनके साथ है और न ही गुर्जर व पीडीए के अन्य समाज, इसीलिए उन्हें डरा-धमकाकर अपनी तरफ़ लाने की कोशिश की जा रही है।
पीडीए एकजुट है और रहेगा!
किसान का अपमान, देश का अपमान है!
भाजपा ने किसान के मुँह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है।
उप्र की भाजपा स��कार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में थर्ड डिग्री की मार-पीट करके प्रताड़ना देना दर्शाता है कि हार के डर से वो कितनी बौखलाई है। जिन्हें भाजपा किसानों के आगे ढाल बनाकर साथ में खड़ा करना चाहती थी वो ढाल भी निम्नलिखित कारणों से, किसानों के आक्रोश की आग के कारण मोम की ढाल ही साबित हुई है।
जो भाजपा सरकार :
- कुछ लोगों के हाथ में खेती-किसानी, भंडारण, विदेशी बीज-खाद- पैदावार का व्यापार-विपणन देने के लिए विदेशियों से डील करती है।
- एमएसपी के लिए तैयार नहीं होती है।
- ख़रीद के लिए मुकर जाती है।
- खाद की अंतहीन लाइन में किसानों को लगाती है।
- भूमि अधिग्रहण व तीन काले क़ानून लाकर, किसानों का सब कुछ हड़प लेना चाहती है।
- किसान आंदोलन में 700 से भी अधिक किसानों की शहादत पर चुप रहती है।
- किसानों की आत्महत��याओं पर शोक तक प्रकट नहीं करती है।
- किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मारनेवाले अपने लोगों का क्लीन चिट देती है…
उस भाजपा सरकार से इससे अधिक उम्मीद क्या की जा सकती है कि वो किसानों के हित के नाम पर उनके तथाकथित हितैषियों से समझौता करके अपनी स्वार्थ सिद्धी में लगी रहकर ‘किसान नेताओं’ को थर्ड डिग्री देगी और कुछ नहीं।
देश भर के किसान देख लें कि भाजपा और उसके सहयोगी किस तरह सत्ता सुख में लीन रहकर किसा���ों पर अत्याचार कर रहे हैं।
इस मामले की गहरी जाँच हो और हर दोषी के ख़िलाफ़ सख़्त दंडात्मक कार्रवाई हो और बर्खास्तगी भी।
घोर निंदनीय!
किसान कहे आज का , नहीं चाहिए भाजपा!
आज लखनऊ में सहारनपुर के श्री शादान मसूद जी, श्री शायान मसूद जी एवं उनके साथियों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के उपरांत माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी से शिष्टाचार मुलाक़ात की।
"जितने भी दल हैं जो हमारे साथ रहे हो या ना रहे हो हम चाहते हैं ज्यादा से ज्यादा उन्हें सीटें भारतीय जनता पार्टी दे।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, लखनऊ
शिक्षा, शिक्षक व शिक्षार्थी विरोधी, स्कूलबंद करवानेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथी यूनिवर्सिटी बनानेवालों के ख़िलाफ़ ED की छापेमारी कर रहे हैं जिससे कि उनके 1-2% बचे हुए साम्प्रदायिक संकीर्ण सोच के कुतर्की समर्थकों को संतुष्ट कर पाएं, जबकि उन भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जो निम्नांकित आपराधिक कांडों में संलिप्त हैं :
- राम मंदिर के चोर
- सत्ता सजातीय अपराधी
- कोडीन कांडी
- भाजपाकाल निर्मित बदहाल बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
- भाजपाकाल निर्मित हिचकोले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- भाजपाकाल निर्मित गड्ढायुक्त कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे
- भाजपाकाल निर्मित दरारी ग्रीन कॉरीडोर
- भाजपाकाल निर्मित खटपट सड़कें
- भाजपाकाल निर्मित गिरते पुल
- भाजपाकाल निर्मित ढहती टंकियाँ
- भाजपाकाल निर्मित टपकती छतें
- भाजपाकाल निर्मित स्टेशन की दीवार
- भाजपा की सत्तावाले, दूसरे राज्यों तक में पकड़े जानेवाले भ्रष्ट पुलिसकर्मी
- महाकुंभ में 1 लाख डकार गये भाजपाई ठेकेदार
- स्मार्ट सिटी के नाम पर खरबों का खेल करनेवाले भाजपाई
- अस्वीकृत भूमि पर अवैध निर्माण करनेवाले भाजपाई जन प्रतिनिधि
- दुर्व्यवहार और दुर्वचनों पर प्रचार की पुताई करके 7000 करोड़ रुपए में हिस्सा बाँट करनेवाले अधिकारी…
"4000 करोड़ की सड़क पानी में ढह गई, गंगा एक्सप्रेसवे में न जाने कितना गहरा गड्ढा हो गया, इनकी भी तो जांच होनी चाहिए। सबसे ज्यादा इलीगल नक्शे अगर किसी के हैं तो भारतीय जनता पार्टी के लोगों के हैं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, लखनऊ
भाजपा में ‘पीडीए’ स्थान तो पा सकता है लेकिन ‘सम्मान’ नहीं।
यदि संपूर्ण पीडीए समाज के लोग अपने-अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और लाभ का त्याग करके एकजुट हो जाएं तो पीडीए सरकार सदैव के लिए आ जाए। फिर किसी भी समाज का कोई भी व्यक्ति ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ नहीं होगा क्योंकि ‘पीडीए’ का मूल भावनात्म�� सिद्धांत ही है : ‘प्रेम, दया, अपनापन’।