नेपाल में ऐसी भीषण तबाही आज दूसरी बार हुई है।
इन्होंने ने जब जब मुसलमानों को परेशान किया है तब तब इन्हें भारी भरकम नुकसान हुआ है।
इससे पहले 2015 में इन्होंने मुसलमानों की मस्जिदों को जलाया था तब इन्हें भारी भूकम का सामना करना पड़ा था। https://t.co/DAeYUffUbw
🚨 BREAKING: HORRIFIC MASSACRE IN GAZA
At least six Palestinians, including a child, were killed and more than a dozen wounded in an Israeli drone strike on a café along Gaza City’s seafront.
The blast reportedly hurled victims’ bodies into the sea.
Israel called it an attack on an “imminent threat” despite the strike hitting civilians on the shoreline, far from any Israeli troops.
हिसार के राजगढ़ नाके पर महिला सुरक्षा टीम ने काले शीशों से ढकी एक संदिग्ध कार को रोककर जांच की।😳
तलाशी के दौरान चालक की सीट पर बैठे व्यक्ति के पास गंडासी मिली, जबकि कार में दो अन्य युवक भी मौजूद थे।
हरिद्वार - दिल्ली रोड सरकार ने 12 अगस्त तक के लिए कांवड़ियों की ख़िदमत में पेश कर दिया है।
कावड़ यात्रा परंपरागत हैं लेकिन दूसरी परंपराओं के दौरान अगर चप्पल भी सड़क पर पहुंच गया तो पासपोर्ट जब्तिकरण आदेश होगा।
मुस्लिम का दर्द, डरावना सच 📢
यह महिला बतला रही है,
नफ़रत मे पुलिस भी पीछे नहीं है, मुस्लिम समझ के हिन्दू को बेरहमी से पीटा, ज़ब पता चला की पीड़ित हिन्दू है तो कहा ‘ अरे पहले कह दिया होता, मारते नहीं ’ यह हाल है भारत के निर्लज्ज पुलिस प्रशासन की, मुस्लिम को बेमतलब मारो।
हिंदुओं से अनुशासन सीख लीजिए, मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक पर कांवड़ियों द्वारा रोड ब्लॉक करके डांस किया जा रहा है, योगी जी कहते हैं "मुसलमानों को हिंदुओं से अनुशासन सीखने की आवश्यकता है, सड़कें चलने के लिए होती न कि चौराहे ब्लॉक करके तमाशा करने के लिए।"
वंदे मातरम् बिल: संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ, चुनावी राजनीति तथा जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश।
हमें किसी के "वंदे मातरम्" पढ़ने या गाने से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इबादत में किसी दूसरे को साझी नहीं ठहरा सकता। "वंदे मातरम्" के कुछ हिस्से इस्लामी आस्था के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए किसी भी मुसलमान को इसे गाने या स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है, जबकि अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। किसी भी नागरिक को उसके धार्मिक विश्वास के विरुद्ध किसी नारे, गीत या विचार को अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
आज देश बेरोज़गारी, महंगाई, आर्थिक चुनौतियों, किसानों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में विवादास्पद विषयों को प्राथमिकता देने के बजाय संसद को जनता के वास्तविक और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
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