वर्ष 1947 में विभाजन, मात्र सीमाओं का ही नहीं हुआ था। वह असंख्य परिवारों के सपनों, संबंधों और संवेदनाओं का बिखराव भी था।
'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' हमें उस अकल्पनीय पीड़ा को स्मरण करने, उससे सीख लेने और राष्ट्र की एकता-अखंडता को सर्वोच्च मानने का संदेश देता है।