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इस वीडियो को सभी लोग आरटी करें।
राजस्थान के जयपुर से आई दिल जीत लेने वाली तस्वीर ❤️
Eid ul-Fitr के मौके पर ईदगाह में नमाज़ पढ़ने पहुंचे मुस्लिम भाइयों पर हिंदू भाइयों ने बरसाए फूल।
हिंदू-मुस्लिम एकता समिति के इस कदम ने फिर साबित कर दिया कि नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत ही इस देश की असली पहचान है
बिहार में एक समारोह में पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक लड़की का जबरन हिजाब खींच लिया
सुरक्षाकर्मी को उस लड़की को पीछे खींचना पड़ा
इतनी घटिया हरकत पर इतना सुई टपक सन्नाटा क्यों?
एक CM ने यह किया पर कोई आक्रोश नहीं?
TV पर कोई डिबेट नहीं?
हद है
देवबन्द थाना के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा जी वायरल हैं!
सीधा कहना है हमारा धर्म पुलिस है इतने दिन की नौकरी में कोई भी आरोप लगा दे कि पक्षपात करके काम किया है तो नौकरी छोड़ द��ंगा!
"ओजस्वी विचार" शर्मा जी के!🫡
ठोको लाइक संघी फुंक जायेंगे!✊
आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, आपराधिक प्रवृत्ति धर्म से या पहचान से नहीं इंसान के आंतरिक संरचना से आती है।
इसलिए अपराधी दुनियाँ के हर को��े हर धर्म में पाये गये हैं।
@Uppolice
भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर, जब एक आम आदमी ने चुपचाप अपनी सीट एक थके हुए सैनिक को दे दी🙏
न कोई शब्द, न कोई दिखावा, बस एक खामोश इज़्ज़त का इज़हार।
यह पल याद दिलाता है कि देश की भावना नारों में नहीं, बल्कि ऐसे छोटे-छोटे मानवीय पलों और बलिदान के सम्मान में छिपी है।
तुम्हारे नज़र में आजादी क्या है और देशद्रोह का क्या मतलब है ? देश गर्त में जा रहा है देशद्रोही,गद्दार लोग देश प्रेमियों को देशद्रोही करार दे रहे हैं -
"लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर माद्री काकोटी (मेड्युसा) पर देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज
वज़ह : उक्त प्रोफेसर ने अपने X अकाउंट पर बस यही तो लिखा था -
" अगर धर्म पूछकर गोली मारना आतंकवाद है,तो फिर धर्म पूछकर मॉबलिंचिंग करना,धर्म पूछकर नौकरी से निकाल देना,धर्म पूछकर मकान किराए पर न देना, धर्म पर घर न देना,धर्म पूछकर घर पर बुल्डोज़र चलाना, धर्म पूछकर डिलिवरी बॉय से पार्सल न लेना,धर्म पूछकर इलाज करने से मना कर देना आदि भी आतंकवाद है , असली आतंकियों को पहचानो।
फिर क्या था,हो गई असली की पहचान और शिनाख्त के बाद गाज गिर गई प्रोफेसर माद्री काकोटी पर !"
वह एक प्रोफेसर है उनके प्रश्न यदि चुभ रहे है तो उनका चुभना भी स्वाभाविक है। मगर आजादी कहाँ घर स्कूल विश्वविद्यालय ? अब एक शिक्षक से बेहतर किसे समझ ? धर्म / जाति के शोषण में कितना अंतर ?
ग्वालियर में एडवोकेट अनिल मिश्रा का जन्मदिन सड़क पर टेंट लगाकर मनाने की तैयारी थी.
CSP हिना खान ने सड़क पर टेंट लगाने से मना किया तो उन्हें सनातन विरोधी बताया गया.
हिना खान के सामने जय श्री राम के नारे लगाए, हिना खान ने जवाब में जोर से नारे लगाए.
नारे लगाने वाले भाग खड��े हुए