हम चाहते हैं:
• स्टूडेंट्स की टूटी हुई उम्मीद वापस आए और वे फिर से शिक्षा और सिस्टम पर विश्वास करना शुरू करें
• स्टूडेंट्स अपनी स्ट्रेंथ- Curiosity, Honesty, Compassion, Love, Affection- के बल से देश को आगे बढ़ाएं
आज देश में जो हिंसा और नफरत फैलाई जा रही है, उसे छात्र ही मिटा सकते हैं, इसे अंधभक्त कभी नहीं मिटा सकता।
हम स्टूडेंट्स का हिंदुस्तान चाहते हैं, अंधभक्तों का नहीं।
: नेता विपक्ष श्री
@RahulGandhi
📍 इंदौर
#ChhatronKiGoonj
स्टूडेंट्स भारत के भविष्य हैं, उनके बिना देश मजबूत नहीं हो सकता।
स्टूडेंट्स 👇
• Curious होते हैं
• नफरत नहीं करते
• Humble होते हैं
• निडर होते हैं
• Tolerant होते हैं
• ईमानदार होते हैं
: नेता विपक्ष श्री
@RahulGandhi
📍 इंदौर, मध्य प्रदेश
#ChhatronKiGoonj
जयपुर के पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के प्रभावितों ने अपनी पीड़ा बताई, सरकार की तरफ से कोई प्रतिनिधि न आने तथा नगर निगम द्वारा सुनवाई न किए जाने से प्रभावित व्यापारियों के बीच नाराज़गी है। सरकार को इन्हें राहत देने के लिए तत्काल कोई कदम उठाना चाहिए।
जयपुर के पुरोहित जी के कटले में अग्निकांड से प्रभावित लोगों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत:
पत्रकार: सर, दिवाली से पहले यह बहुत बड़ा हादसा है, जिसमें व्यापारियों का करोड़ों का नुक़सान हुआ है। इंतज़ामात को लेकर आप क्या कहेंगे?
जवाब: यह जयपुर का सबसे पुराना बाज़ार है। मुझे बताया गया है कि यहाँ जो फ़ायर फ़ाइटिंग सिस्टम था, उसे पूरी तरह से दुरुस्त (फूलप्रूफ) करके चालू रखना चाहिए था। इसमें जो कमी रही, वह एक बहुत बड़ी लापरवाही है।
हालांकि, मैं SDRF और फ़ायर फ़ाइटिंग टीम की तारीफ़ करूंगा कि वे समय पर आ गए और बेहतरीन काम किया। लेकिन यह नगर निगम की ड्यूटी है कि सरकार बदलने के बावजूद, अधूरे या पूरे हो चुके फ़ायर सिस्टम को सक्रिय और परफेक्ट रखा जाए। इमारतों को जो NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलती है, वह पूरी जांच-पड़ताल और मानकों को परखने के बाद पूरी निष्पक्षता से दी जानी चाहिए। इस मामले में निगम और संबंधित विभागों की भारी लापरवाही सामने आई है।
कई बार राजनीतिक दबाव में NOC दे दी जाती है, जो कि बहुत ग़लत है और इसी से ऐसे हादसे होते हैं। मुझे जानकारी मिली है कि पास की ही किसी बिल्डिंग में एक भाजपा नेता ने दबाव डालकर NOC दिलवाई है। मैं नाम लेना उचित नहीं समझता, लेकिन सरकार से मांग करता हूँ कि तुरंत आसपास की उन सभी बिल्डिंगों की जांच हो जिन्हें दबाव में NOC दी गई है और पुनः जांच-पड़ताल करें ताकि ओर कोई हादसा नहीं हो जाए।
इस घटना के बाद सरकार को जयपुर की सभी पुरानी बिल्डिंगों की गहन जांच करवानी चाहिए।
हमने दिल्ली, लखनऊ, राजकोट और सूरत में आगजनी के भयानक हादसे देखे हैं। जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में भी आग से सात लोगों की जान चली गई थी। ईश्वर की कृपा रही कि इस घटना में कोई जनहानि (कैज़ुअल्टी) नहीं हुई। यह अंदर का इलाका है, सोचिए अगर मार्केट खुला होता तो लोग दुकानों से बाहर तक नहीं निकल पाते। सरकार नगर निगम और संबंधित विभागों की एक स्पेशल टीम बनाए जो यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटना किसी कीमत पर न हो।
पत्रकार: सर, व्यापारियों द्वारा मुआवज़े की भी मांग की जा रही है।
जवाब: हैरानी की बात है कि अब तक सरकार का कोई नुमाइंदा या मंत्री यहाँ नहीं आया है। पड़ोस के एक विधायक आए और चले गए। अगर कोई मंत्री यहाँ आता, तो लोगों का हौसला बढ़ता कि सरकार का ध्यान इस ओर है।
यहाँ करीब 20 दुकानें जलकर बर्बाद हो गई हैं। 20 साल से काम कर रहे एक व्यापारी मुझे मिले, जिनकी 5 दुकानें राख हो गईं। वे ईमानदारी से GST और यूडी टैक्स भरते हैं। उनका 1 करोड़ 60 लाख रुपये का बीमा है, लेकिन नुक़सान कई करोड़ों का हुआ है। अब वे इस बात को लेकर परेशान हैं कि बीमा कंपनी उन्हें क्या क्लेम देगी।
ऐसे समय में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप (Intervene) करना चाहिए। सरकार व्यापारियों से बातचीत करे और मॉनिटरिंग करे ताकि इंश्योरेंस कंपनी बिना किसी अड़चन के उन्हें अधिकतम मुआवज़ा दे सके। इससे व्यापारियों में यह विश्वास जगेगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार तुरंत हरकत में आएगी। व्यापारियों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर या उनके साथ मीटिंग कर उन्हें विश्वास में ले, उनकी तकलीफें सुने, आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच करवाए और तत्काल उनकी हर संभव मदद करे।
डेगाना, कुचेरा में अनैतिक तरीके से भाजपा का चेयरमैन के प्रयास चल रहे हैं। कल भरतपुर में निर्दलीय मेयर प्रत्याशी के प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने धमकाया और आज स्वयं गृहराज्य मंत्री ने पहुंचकर प्रत्याशी का नामांकन वापस करवा दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकार के मंत्री जाकर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। भरतपुर की जनता ने भाजपा को नकार दिया था। वहां 65 में से 20 ही पार्षद जीत पाए थे। इसके बावजूद सरकार और पूरा प्रशासन मिलकर अलोकतांत्रिक तरीके से भाजपा का मेयर बना रहे हैं।
भाजपा राजस्थान में सरकार के दुरुपयोग की नई परंपरा डाल रही है। यह राजस्थान के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय स्थिति है।
गत दिवस जयपुर के पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आज मौके पर जाकर नुकसान का जायज़ा लिया एवं प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
हादसे से हताश व्यापारियों की पीड़ा है कि राज्य सरकार की ओर से अब तक उनसे मिलने भी कोई नहीं आया। सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात कर सभी प्रभावितों को अविलंब उचित मुआवजा देना चाहिए।
आज मांढ़ण-बहरोड़ में पुलिस की गुंडागर्दी हो या खैरथल में कांग्रेस प्रत्याशी की फैक्ट्री पर जीएसटी और पर्यावरण विभाग की टीमों को भेजना हो या बीकानेर में कांग्रेस पार्षद श्री मनोज विश्नोई जी को बीकानेर विकास प्राधिकरण के नोटिस के जरिए दबाव में लेने का प्रयास हो या प्रदेशभर में पार्षदों की खरीद-फरोख्त के मामले हों ये सभी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर हैं।
मैं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से साफ शब्दों में कहना चाहता हूँ कि सत्ता का अहंकार, प्रशासनिक दबाव और पुलिसिया तानाशाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। निकाय चुनावों में जनता अपना फैसला सुना चुकी है। अब उस जनादेश को दबाव, भय और खरीद-फरोख्त के जरिए बदलने की कोशिश बंद कीजिए।
मुख्यमंत्री जी, अभी भी समय है पुलिस और प्रशासन द्वारा निर्वाचित पार्षदों पर डाला जा रहा दबाव तुरंत बंद कराइए और खरीद-फरोख्त के इस खेल पर रोक लगाइए।
@RajCMO@BhajanlalBjp@INCRajasthan
Birthday greetings to former Cabinet Minister and Rajya Sabha MP Shri @PChidambaram_IN ji.
May the year ahead bring you good health, happiness, and many more fulfilling years in public life.
Best wishes!
Deeply saddened by the passing of senior Congress leader and Former Union Minister, Dr. E. M. S. Natchiappan.
A dedicated Congressman, his long-standing commitment to public service, Tamil Nadu, and the Congress party will always be remembered.
My heartfelt condolences to his family, friends, colleagues, and supporters in this hour of grief. May his soul rest in peace.
प्रदेश का किसान आज दोहरी मार झेल रहा है, न राम साथ दे रहा है, न राज। मानसून ने धोखा दिया तो फसलें सूखने लगीं, और जब खाद की जरूरत पड़ी तो वह भी नसीब नहीं हो रही। प्रदेशभर की सहकारी समितियों में खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, किसान सुबह से शाम तक इधर-उधर भटक रहे हैं, ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सहकारी कर्मचारी संगठनों को खाद कारोबार बंद करने की चेतावनी तक देनी पड़ रही है। जिस सरकार को समय पर खाद और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, वह मूकदर्शक बनी बैठी है। अन्नदाता प्रकृति की मार और सरकार की लापरवाही, दोनों के बीच पिस रहा है। भजनलाल जी, कम से कम खाद की व्यवस्था तो सुनिश्चित कीजिए, किसान का धैर्य अब जवाब दे रहा है।
पहले झुंझुनूं में होटल में घुसकर तलाशी, फिर नीमराना में पार्षद के परिजन को उठाना, कापरेन में पीहर जा रही महिला पार्षद को रोकना, और अब बीकानेर में सरकारी नोटिस का हथियार, हर जगह एक ही स्क्रिप्ट चल रही है। नगर निगम बोर्ड बनाने के लिए भाजपा किस हद तक गिर सकती है, इसका एक ताजा नमूना बीकानेर से सामने आया है।
बीकानेर के रानी बाजार स्थित होटल को लेकर इसके मालिक और नवनिर्वाचित कांग्रेसी पार्षद श्री मनोज विश्नोई को बीडीए ने अचानक नोटिस थमा दिया है और सिर्फ 2 दिन की मोहलत देकर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह प्रशासन नहीं, प्रशासन के नाम पर चलाया जा रहा भाजपा का डर और दबाव तंत्र है। पार्षद श्री मनोज विश्नोई ने साफ कह दिया है, "हम डरने वाले नहीं हैं", यही जवाब काफी है इस गुंडागर्दी का।
@BhajanlalBjp जी, बोर्ड जीतने के लिए कानून का इस्तेमाल हथियार की तरह मत कीजिए। प्रशासनिक अधिकारियों को भी ध्यान रखना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन अपने दायरे से बाहर जाकर काम करने पर उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
Will the PM find the guts to stand up to the US’ latest Senate resolution?
Will India’s foreign policy and energy sovereignty be controlled from Washington?
The PM was boasting that the BRICS Joint Declaration was a symbol of the world trusting India, but soon after, we are seeing such aggressive bullying from a strategic partner.
Just this week, we saw the Centre bow to US pressure and impose MDR on UPI transactions, and now we are facing renewed pressure on oil purchases.
Given the Compromised PM’s track record, we are likely to see the Centre toe the US’ line and surrender to Washington.
We demand that the Modi government clarify its stance on this at the earliest, and ensure India’s energy security is not sacrificed.
"एक बार इंदिरा गांधी जी से पूछा गया कि उनका झुकाव लेफ्ट की ओर है या राइट की ओर...? उनका जवाब था - मेरा झुकाव न लेफ्ट है, न राइट, मैं रीढ़ सीधी रखती हूं। लेकिन मोदी जी का सिद्धांत अलग है, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने सीधे लेट जाने का फैसला किया है। उन्होंने अमेरिका को भारी मुनाफा पहुंचाने के लिए UPI पर चार्ज लगाकर हर एक भारतीय पर टैक्स थोप दिया है। मोदी जी, रीढ़ सीधी कीजिए और UPI टैक्स वापस लीजिए।"
~ राहुल गांधी जी, नेता प्रतिपक्ष
.@narendramodi ji,
Your dear friend “Abki Baar Trump Sarkar” dictates, you capitulate and 140 Cr Indians are left to bear the consequences!
The threat of up to 100% US tariffs on Indian goods shows how your Govt’s Foreign and Trade policies have miserably failed!!
Pharmaceuticals, textiles, engineering goods, chemicals, auto components, gems and jewellery, electronics and technology could face a severe tariff shock.
First came 25% tariffs, then 50%, and now the threat of 100%.
Meanwhile, the Modi Govt agreed to a trade framework that expands American access India’s agricultural products, mortgaging the interests of our farmers!
The framework virtually forces to buy $500 billion worth of American goods over five years.
Yesterday’s surrender on the MDR on UPI is another stark example of your govt’s meekness!
From tariffs and trade to H1B1 immigration, visas and digital payments, the pressure from Washington keeps mounting, and you, ‘Howdy Modi ji’ keeps surrendering!
Deeply saddened by the news of Ex Union Minister Dr. EMS Natchiappan's tragic demise. He was a staunch Congressman who stood for secular values and human rights. The party has lost a true gem.
Our sincere condolences to his family and loved ones in this time of grief. May his soul find rest.
टोंक जिले की देवली-उनियारा की दूनी नगरपालिका में कांग्रेस की अध्यक्ष प्रत्याशी और निर्वाचित पार्षदों को पुलिस के दम पर डराने, धमकाने और जबरन उठाने का एक और मामला सामने आया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी और भाजपा की सत्ता की भूख इतनी बढ़ गई है कि जनता के जनादेश का अपमान कर पुलिस और प्रशासन के दम पर लोकतंत्र को कुचलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। प्रदेशभर में नगर निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने, उन्हें डराने-धमकाने और जबरन उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं।
स्थिति इतनी गंभीर है कि महिला प्रत्याशी कथित सत्ता के दबाव और तानाशाही से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने तक की बात कह रही हैं। भाजपा सरकार सत्ता पाने की भूख में लगातार लोकतांत्रिक मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघती जा रही है।
@RajCMO@BhajanlalBjp@CeoRajasthan@PoliceRajasthan@TonkPolice_