#रमज़ान का मुबारक महीना और कमर तोड़ मंहगाई अपने दस्तरख़्वान पर अफ्तार और खाने की दो चार चीज़ें कम करके आसपड़ोस का दस्तरख़्वान सजा दें सत्तर गुना देने वाला सत्तर लाख गुना देने पर भी क़ादिर है।*
“अगर हम हर वक्त दूसरों को नापते रहेंगे, उनकी अच्छाई और सच्चाई को मापते रहेंगे तो कभी किसी को अपना नहीं बना पाएँगे. रिश्ते तभी बनेंगें जब हम दूसरों को समझने की कोशिश करेंगे, अपने आप को उनकी जगह रख कर देखने का प्रयास करेंगें “