असम में चुनावी माहौल के बीच पत्रकार राणा अयूब ने ये वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन मुस्लिम परिवारों को दिखाया गया है जिनको बेघर कर दिया गया। ये लोग बता रहे हैं कि इनके पास पुराने डॉक्यूमेंट भी हैं। अब सवाल ये है कि ऐसी तस्वीरें मीडिया में क्यों नहीं आती🤔
असम में मुस्लिम समाज के लोग वोट डालने गए इन लोगों के घर सरकार ने बुल्डोजर से गिरा दिए हैं, इनके पास नागरिकता के सभी प्रूफ मौजूद हैं फिर भी इन्हें वोट डालने से रोक दिया गया है
Assam #AssamElection
फिलिस्तीनी क़ैदियों के लिए आवाज़ उठाइए..आज अगर हम चुप रहे, तो यह अन्याय के साथ खड़े होने जैसा होगा.....
👇 आइए, इस हैशटैग के ज़रिए अपनी आवाज़ और मौजूदगी दर्ज़ कराएं..
#انقذوا_الأسرى
ये IRAN के Isfahan की तस्वीर है!
Trump और इज़राइल मिलकर एक ऐसे शहर पर ताबड़तोड़ बमबारी कर रहा है जो आधुनिक दुनिया के अधिकांश शहरों से भी पुराना है!
जिसका इतिहास 2,500 साल से भी ज़्यादा पुराना है!
जहां लगभग 20 लाख नागरिक रहते है!
ट्रंप-नेतन्याहू शैतान है
https://t.co/5EpTy7doYP
खुल्लमखुल्ला हथियारों के साथ कुछ आंतकियों का वीडियो वायरल हो रहा है!
अगर यही वीडियो मुसलमानों की होती तो पूरा हिन्दुस्तान ख़तरे में आ जाता ☝️
लेकिन इन्हें कानून का कोई डर नहीं क्योंकि कानून इनका कुछ नहीं कर सकता 😡
पश्चिम बंगाल के ‘अब्दुल हलीम’ ज़बान से बोल नहीं पाते हैं। SIR में इनके माता-पिता का नाम 2002 कि लिस्ट में है। फाइनल लिस्ट में इनका नाम नहीं। चुनाव आयोग कि हेयरिंग हुई लेकिन इनका इशारा कौन समझे। हलीम जैसे लोगों के लिए चुनाव आयोग कोई उपाय निकाले…
@SamKhasa_ आपकी बात सही है, भाइ। अमरिका को भी बहुत ही नुकसान हो गया है। किसीका भी घमंड चकनाचूर हो जाता है। नुकसान तो दोनो तरफ बहुत ही हुआ है। कौन भरेगा? निर्दोषों की मौते हुई उसकी तो किंमत नही लगा सकते। काश, दोनो पक्ष, युद्ध के पहले ही, होनेवाले नुकसान का अंदाज लगा लेतें। जब जागो, तब, सुबह।
जिस डॉक्टर ने कभी युद्ध के मैदान में घायल सैनिकों की जान बचाई आज वही महाशक्ति अमेरिका की आंखों में आंखें डाल रहा है।
जब दुनिया ईरान को झुकते देखना चाहती थी तब इस पूर्व सर्जन ने अपनी कूटनीति से दुश्मन के इरादों को ही चीर के रख दिया
इन्होंने चेतावनी दी है यदि कोई...see more
15 वर्षीय आदम सैयद सालेह दहमन की मां बेथलहम के धेइशे शिविर में उनके अंतिम संस्कार के दौरान उनके शव को ले जा रही हैं।
कल शिविर पर सैन्य छापे के दौरान कब्जेदार सैनिकों की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल होने के कारण आदम की मृत्यु हो गई।