@TejYadav14 आपलोग को विरोध भी नही करने आता । आपको याद शायद न हो लेकिन याद कीजिये अपने पिता जी का वक्त जब 1240 दारोगा की बहाली में 8 से 10 लाख पर आपके ही परिजन,सगे-संबंधियों के द्वारा लिए जाते थे । आज भी कितना लोग पैसा देकर फंसा पड़ा है । हालांकि यह सरकार अब किसी काम का नहीं ।
@SANGITAPASWAN11 आज कल जिसके पास पैसा नहीं होता उसको प्रेम का दर्शन कहाँ हो पाता है । वैसे प्रेम अनमोल चीज है जिसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती । लेकिन न वैसा प्रेमी है न ही प्रेमिका ।
दोस्तों , मैं विधायक(बखरी) के द्वारा उठाये गए सवाल पर सवाल नहीं उठा रहा हूँ बल्कि खुद से पूछ रहा हूँ कि - " कितना अच्छा होता जो शहीद की पत्नी को यह सरकार अधिकार देती कि शिक्षा के मुताबिक अपने गृहक्षेत्र में किसी भी सरकारी प्रतिष्ठान में जा कर काम कर सकें !