अनिल मिश्रा जी अब एक आवाज़ नहीं, बल्कि क्रांति बन गये है।
अब तक एक लाख से अधिक लोगो ने अनिल जी के लिये आवाज़ उठाई है।
पूरा सोशल मीडिया हिल चुका है।
#Release_Anil_Mishra ✅
Legend Anil Mishra Advo द्वारा पुनः अंबेडकर पर जोरदार हमला, यह हमला इतना भीषण है कि अंबेडकर विचारधारा पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा।✊
अंबेडकर संविधान विरोधी था इसे तथ्यों के साथ साबित कर दिए मिस्टर लीजेंड ने।अब तेरा क्या होगा नीलांडुओ,🤪
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भीम आर्मी अध्यक्ष विनय रतन द्वारा मनुस्मृति फूंकने के विरोध उतरा दलित समाज
विकास कुमार जाटव खोल दी अंबेडकरवादियों की पोल
आंबेडकरवाद की करो विदाई
हिंदू हिंदू भाई भाई
ऐसा साहस उत्तर प्रदेश के 52 ब्राह्मण विधायक कब करेंगे??
जो ब्राह्मण नेता ऐसे बुलंदी से आवाज उठाएंगे वो चाहे किसी भी पार्टी मे हो या निर्दलीय हो , समाज उनके साथ सदैव खड़ा रहेगा।।
पूरा समाज साथ होने के बाद भी ऐसा क्या डर है जो प्रदेश अध्यक्ष की फटकार के बाद अपनी बात तक नही रख पा रहे हैं।।
ब्राह्मणों को अपने स्वाभिमान से समझौता कभी नही करना चाहिए।
#BJPHatesBrahmin
#ब्राह्मण_विधायकों_कायरता_छोड़ो
देश के साथ सबसे बड़ा बौद्धिक धोखा यह किया गया कि सकपाल (अंबेडकर) को जबरन “संविधान निर्माता” घोषित कर दिया गया, जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने भारतीय संविधान का एक भी मूल आर्टिकल नहीं लिखा। इससे भी बड़ा और निर्विवाद तथ्य यह है कि स्वयं भारत सरकार ने RTI के उत्तर में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर को “संविधान निर्माता” घोषित करने का कोई आधिकारिक प्रमाण या प्रमाण-पत्र मौजूद नहीं है।
तो फिर सवाल सीधा है—
जब न लेखन है,
न प्रमाण है,
न संवैधानिक घोषणा है,
तो यह झूठा नैरेटिव आखिर किसने और क्यों गढ़ा?
यह इतिहास नहीं, राजनीतिक प्रोपेगैंडा है। कुछ संगठनों ने सत्ता, वोट और सामाजिक विभाजन के लिए एक व्यक्ति को देवतुल्य बना दिया और असली संवैधानिक निर्माता सर श्री बी०एन० राउ साहब, एवं अन्य सदस्यों के सामूहिक योगदान और वास्तविक तथ्यों को पूरी तरह दबा दिया। झूठ को बार-बार दोहराकर उसे सच बनाने की साजिश रची गई।
संविधान किसी भी स्थिति में सकपाल की देन नहीं थी, बल्कि सर श्री बी०एन० राउ साहब एवं अन्य सदस्यों का सामूहिक बौद्धिक प्रयास था। सकपाल (अंबेडकर) के नाम को थोपकर बाकी योगदानकर्ताओं को मिटा देना न केवल ऐतिहासिक अपराध है, बल्कि संविधान का भी अपमान है।
आज जो लोग सवाल पूछने वालों को चुप कराना चाहते हैं, वही इस झूठी महिमा के सबसे बड़े लाभार्थी हैं।
अब बहुत हो चुका।
झूठे नारे, झूठे प्रतीक और झूठे इतिहास के सहारे समाज को गुमराह करने की यह राजनीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
इतिहास भावनाओं से नहीं, तथ्यों से लिखा जाता है—और सच चाहे कितना भी कड़वा हो, उसे सामने आना ही होगा
Gaurav Khanna Wife’s Dance. Right or Wrong?
Pov dena thk h but ye kehna k gaurav ki wife hi wrong choice h that is too much, agar Farrhana Bhatt (jo k mjhe nh tha because that was her moment) k dance se issue nh h to is se b nh hona chahye.
#GauravKhanna#FarrhanaBhatt
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा, चित्रा सिंह…
जिसे फ़ैकल्टी के HOD और प्रोफ़ेसर ने प्रताड़ित किया था…
चित्रा ने Instagram पर विडियो बनाकर मदद माँगी थी…
विडियो वायरल हुआ, और HOD और प्रोफ़ेसर लाइन पर आ गए…
कभी-कभी सोशल मीडिया बुरा लगता है..
लेकिन बहुत बार सार्थक भी लगता है..