Re-tweet - Re-tweet - Re-tweet
👉 भूंईहार ( भूमिहार ) का एक तबका स्वयं को सिर्फ और सिर्फ भूंईहार ( भूमिहार ) कह रहा हैं...
कृपया पूरा Videos सुनें और Re-tweet करें।
सागर जिले में अंग्रेजों के खिलाफ़ बिगुल फूंकने वाले महान क्रांतिकारी सूबेदार मेजर लाल त्रिवेदी जी।
इनके पास ब्राह्मण लडाको की रेजीमेंट सेना हुआ करती थी जिसने की अंग्रेजों के खिलाफ़ सागर जिले में विद्रोह किया था और कई महीनों तक ये विद्रोह चला था
जिसने की 3 मार्च 1853 तक विद्रोह जारी रखा था और बाद में इनके साथ 300 ब्राह्मण लड़के अंग्रेजों से लड़ते हुए कुर्बान हो गए थे।
ब्राह्मण एक कुर्बानी देने वाली कौम रही है नहीं तो आजकल अंग्रेजों के ऊपर छिपकर पत्थर फेंकने वाले भी क्रांतिकारी बने घूम रहे हैं।
ÌBhumirand kuldevi Neha sharma se jab reporter ne pucha aapke "threesome" yani 2 mardo se ek sath снцdwane pe kya khayal hain jispe usne bola "I wish", bhumirandiyo ki chut bhumirando ke chote l0le se satisfy nhi ho pati hai unhe 2 admi ki jrurat hoti h.
@BhumiharTimes
भूदान में सबसे ज्यादा कहीं ज़मीन दान दी गई थी तो वह था संयुक्त बिहार जिसमें की झारखंड भी शामिल था। इसमें भी सबसे ज्यादा भूदान झारखंड में हुआ था।
बिहार + झारखंड - 17,16,971 एकड़
झारखंड - 12 लाख 77 हज़ार 835 एकड़
बिहार - 4 लाख 42 हजार 432 एकड़
बिहार के सबसे बड़े दानी दरभंगा राज के ब्राह्मण महाराजा महाराजधिराज कामेश्वर सिंह जी थे।जबकि संयुक्त बिहार मतलब झारखंड लेकर के सबसे बड़े दानवीर फुलेन्द्र नाथ सिंह और राजा राजा कामाख्या नारायण सिंह थे दोनों झारखंड के राजपूत थे। जिन्होंने 3 लाख एकड़ से ज्यादा ज़मीन भूदान में दी थी
भूमिहार सोर्स फर्जी होता है। जो सहजानंद सरस्वती द्वारा लिखा गया है। बाकी सहजानंद सरस्वती ने यह भी बलवंत सिंह सरयूपारीन ब्राह्मण दरभंगा शाहानाबाद के
भूमिहार सरयूपारीन ब्राह्मण के औलाद है।
भूमिहार ब्राह्मण के नाजायज़ औलाद बनने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। क्या भूमिहार की उत्पत्ति ब्राह्मण के विर्य हुआ है है।जो ब्राह्मण को बाप बोलने के आंदोलन कर रहे हैं।
भूमिहार ब्राह्मण के नाजायज़ औलाद बनने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। क्या भूमिहार की उत्पत्ति ब्राह्मण के विर्य हुआ है है।जो ब्राह्मण को बाप बोलने के आंदोलन कर रहे हैं।