चन्द्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को भाभरा (वर्तमान आजादनगर), झाबुआ, मध्यप्रदेश।
इनके माता-पिता: पंडित सीताराम तिवारी एवं जगदानी देवी।
27 फरवरी 1931 को अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद में अंग्रेजों के हाथ जीवित न पड़ने के संकल्प को निभाते हुए स्वयं को गोली मारकर बलिदान दिया।
एक लड़की की #कहानी लिख रहा हूं जिसे मैं जानता हु और यह बात सत्य है...!!😏(मेरे अपने विचार है)
एक लड़की सारी दुनिया से नहीं,सिर्फ एक इंसान से समझे जाने की उम्मीद रखती है ...!
एक लड़की अपनी जिंदगी में बहुत सी बाते सह लेती है,वह लोगों की बाते सह लेती है,समाज के ताने सह लेती है,अपनों की ग़लतफहमिया भी सह लेती है,
लेकिन उसके दिल में हमेशा एक उम्मीद बची रहती है,
अगर पूरी सारी दुनिया उसे ना समझे ,तो कम से कम उसका साथी उसे जरूर समझेगा....!!
वह सोचती है कि जब वह थक जाएगी ,तो उसका पार्टनर (साथी) उसकी थकान महसूस कर लेगा..!!
जब बिना कुछ कहे उदास होगी,तो उसका दिल उसकी खामोशी को पढ़ लेगा ...?
जब वह टूटने लगेगी,तो उसका साथी उसे संभाल लेगा.
क्योंकि प्यार सिर्फ साथ रहने का नाम नहीं होता.प्यार एक दूसरे को महसूस करने का नाम भी होता है...!!
लेकिन सबसे ज्यादा दर्द तब होता है जब वही इंसान ,जिससे उसे सबसे ज्यादा उम्मीद होती है उसके दर्द को समझ नहीं पाता ... continues
(अगले पोस्ट में बाकी का लिखूंगा)
तब तक #dance देखो कैसा लगा
हर इंसान अपनी लाइफ में एक परफेक्ट love की imagine करता है ..एक ऐसा रिश्ता जहां misunderstanding ना हो ..
जहां Arguments ना हो,जहां हमेशा care हो,जहां respect हो or जहां stability हो..
Movies , stories or social मीडिया भी हमें अक्सर एक ideal relationship picture dikhate hai....!!
धीरे धीरे हम believe करने लगते है कि सच्चा प्यार वही होता है जो बिल्कुल परफेक्ट हो ....
Lekin रियलिटी me परफैक्ट love जैसा कुछ नहीं होता...!!
सच्चा pyar परफैक्ट nahi hota .....
सच्चा प्यार real होता है ......😏