न्याय नहीं मिला तो @CMOfficeUP@myogiadityanath जी की जीरो टॉलरेंस नीति किस काम की जमीनी विवाद था विपक्षी पैसा और दबंग व्यक्ति है पुलिस लिपापोती करने में जुटी है। संज्ञान में लेकर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
@yadavakhilesh भंडारे में खाने के लिए लाइन लगाने वाला हर व्यक्ति भुखमरी का शिकार नहीं होता है मियां
इतना बड़ा त्योहार मनाया गया कहीं खून का एक कतरा भी नहीं बहाया हमने......
@Vijayjansewak@ocjain4 Khi akele me le jate jab dono ko koi problem nhi thi aise public me gandagi failane ki kya jaroorat thi.magar bade powerful log hai
@chaipijiyega सिर्फ किस्से कहानियों में ही होते है मुकम्मल जहां,
चाहो जो जीवन में हकीकत में मिलता है कहां...!
कट जाती है यूं ही उम्र सारी सब्र-ए-इम्तेहान में,
हकीकत में पूरे नहीं होते हैं हर किसी के दिले अरमां...!!
स्त्री क्या है ..? अवश्य पढ़े 🙏
भगवान .. जब स्त्री की रचना कर रहे थे ,
तब उन्हें ��ाफी समय लग गया
आज छठा दिन था , और स्त्री की रचना
अभी भी अधूरी थी !
इसलिए देवदूत ने पूछा ~ भगवन् !
आप इसमें इतना समय क्यों ले रहे हो ?
भगवान ने जवाब दिया ~ क्या तुमने
इसके सारे गुण धर्म (specifications)
देखे हैं, जो इसकी रचना के लिए जरूरी हैं !
👉 यह हर प्रकार की परिस्थितियों को
संभाल सकती है !
👉 यह अपने सभी बच्चों को एक साथ
संभाल सकती है , एवं
खुश रख सकती है !
👉 यह अपने प्यार से ~
घुटनों की खरोंच से लेकर टूटे हुये दिल
💔 के घाव भी भर सकती है !
👉 इसमें सबसे बड़ा गुणधर्म यह है कि
बीमार होने पर भी अपना ख्याल
खुद रख सकती है , एवं
18 घंटे काम भी कर सकती है !
देवदूत चकित रह गया , और आश्चर्य से
पूछा ~ भगवान ! क्या यह सब ...
दो हाथों से कर पाना संभव है ?
भगवान ने कहा ~ यह स्टैंडर्ड रचना है !
देवदूत ने नजदीक जाकर ...
स्त्री को हाथ लगाया , और कहा ~
भगवान .. यह तो बहुत सोफ्ट है !
भगवान ~ हाँ ... यह बहुत ही सोफ्ट है ,
मगर ... इसे बहुत strong बनाया है !
👉 इसमें हर परिस्थिती को संभालने की
ताकत है !
देवदूत ने पूछा ~
क्या यह सोच भी सकती है ?
भगवान ने कहा ~
👉 यह सोच भी सकती है , और मजबूत
होकर मुकाबला भी कर सकती है !
देवदूत ने नजदीक जाकर ...
स्त्री के गालों को हाथ लगाया , और
बोला ~ भगवान ये तो गीले हैं !
लगता है ���समें से लिकेज हो रहा है !
भगवान बोले यह लीकेज नहीं है !
यह इसके आँसू हैं !
देवदूत ~ आँसू किस लिए ?
भगवान बोले ~
यह भी इसकी ताकत हैं !
आँसू .. इसको फरियाद करने ,
प्यार जताने एवं अपना अकेलापन
दूर करने का तरीका है !
देवदूत ~ भगवन् !
आपकी रचना अदभुत है !
आपने सब सोच-समझ कर बनाया है !
आप महान हैं !
भगवान बोले ~
यह स्त्री रूपी रचना अदभुत है !
यही हर पुरुष की ताकत है , जो
उसे प्रोत्साहित करती है !
सभी को खुश देखकर ये भी खुश रहती है !
हर परिस्थिति ��ें हंसती रहती है !
उसे जो चाहिए ...
वह लड़ कर भी ले सकती है !
उसके प्यार में कोइ शर्त नहीं है !
उसका दिल टूट जाता है , जब ...
अपने ही उसे धोखा देते हैं !
मगर .. हर परिस्थिती से ...
समझौता करना भी जानती है !
देवदूत ~ भगवन् !
आपकी रचना संपूर्ण है !
भगवान बोले ~ ना ...
अभी इसमें एक त्रुटि है !
यह अपनी #महत्वत्ता' भूल जाती है ....
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏