पूरे राजस्थान में एकमात्र विधायक जो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की बोलती बंद कर देती है जिसका नाम है दबंग दिव्या मदेरणा
@DivyaMaderna@ashokgehlot51@RajCMO
आज इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge जी, नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी एवं कांग्रेस महासचिव (संगठन) श्री @kcvenugopalmp जी के साथ ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत AICC Observers की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, जमीनी स्तर पर कांग्रेस को सशक्त करने एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
📍 इंदिरा भवन, दिल्ली
"न प्रधानमंत्री मोदी, न गृह मंत्री अमित शाह में हिम्मत है कि वो संसद में आकर हमारे छात्रों पर हुई बर्बरता पर जवाब दें।"
- नेता विपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी
भाजपा समर्थित गुंडों की धमकियों और ज़हरीली ट्रोलिंग के बावजूद, ये युवा आज भी कैमरे और प्रेस के सामने डटकर खड़े हैं।
लेकिन गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालत यह है कि वे यहाँ आकर इन युवाओं का सामना करना तो दूर, संसद में आकर जवाब देने का साहस भी नहीं जुटा पा रहे हैं।
- नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी
जनता इलाज के लिए अस्पताल जाती है, लेकिन राजस्थान में अस्पताल ही जानलेवा साबित हो रहे हैं।
चूरू के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुँची एक महिला, डॉक्टर तक भी नहीं पहुँच पाई कि छत का प्लास्टर उसके ऊपर आ गिरा। स्कूल हों या अस्पताल, भाजपा सरकार में हर तरफ़ जर्जर इमारतें, लापरवाही और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ देखने को मिल रहा है।
हमारे राष्ट्रगान के रचयिता, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान कवि, साहित्यकार और विचारक गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आरोपों की उम्र लंबी हो सकती है, लेकिन सच को हराया नहीं जा सकता।
चार दशक तक बोफ़ोर्स का नाम लेकर कांग्रेस और स्वर्गीय राजीव गांधी जी पर अनगिनत राजनीतिक हमले किए गए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंततः सत्य की ही विजय होती है।
सत्यमेव जयते। 🇮🇳
8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी के आह्वान पर शुरू हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ देश की आज़ादी की लड़ाई का एक निर्णायक अध्याय बना।
अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ़ इस ऐतिहासिक जनआंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि।
भारत की प्रगति तभी पूरी होगी, जब हर महिला को बिना डर अपने सपने देखने, अपनी बात कहने और सवाल पूछने की पूरी आज़ादी मिले।
महिलाओं की आज़ादी सिर्फ़ राजनीति और रोज़गार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। घर, परिवार और समाज में भी उनकी आवाज़ को बराबर सम्मान और जगह मिलनी चाहिए।
महिलाओं को अपनी बात कहने और अपने फैसले लेने का अधिकार देना ही एक न्यायपूर्ण समाज की पहचान है।
- नेता विपक्ष आदरणीय श्री @RahulGandhi जी