सुप्रीम कोर्ट ने 11/8/2023 को NCTE का primary teacher मे Bed योग्यता के गजट को खारिज कर दिया
सुप्रीम कोर्ट ने 28/8/2023 को बिहार शिक्षक भर्ती primary से Bed बाहर करने का आदेश दे दिया।
पटना हाइकोर्ट ने स्पष्ट कह दिया bed बाहर करो
आखिर आप क्या चाहते है
#न्यायालय_विरोधी_बिहार_सरकार
NCTE(नेशनल काउन्सिल ऑफ टीचर्स एड्युकेशन)और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक शासकीय राजपत्र के अनुसार B.ED डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के योग्य घोषित किए गए। इसी योग्यता के मद्देनजर,देशभर में,करोड़ो युवक और युवतियां शिक्षण कार्य में लगें हुए हैं।
25 नवंबर 2021 को माननीय उच्च न्यायालय(हाई कोर्ट) राजस्थान द्वारा इस राजपत्र को अमान्य करार दिया और गत 11 अगस्त 2023 को माननीय उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए,भारत सरकार द्वारा जारी,राजपत्र को अमान्य करार दे दिया जिससे NCTE और भारत सरकार की कार्यनीति व विश्वसनीयता पर बुनियादी और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
करोडों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से युवाओं की इस समस्या का न्यायोचित समाधान की माँग करते हैं।
एक युवा होंने के नाते मैं बेरोजगार युवाओं के दर्द को बहुत अच्छी तरह से समझता हूं इसलिये यदि छात्रहित की हमारी ये माँग शीघ्र ही नही मांगी गई तो सभी प्रदेशों की राजधानी में आंदोलन कर महामहिम राज्यपालों को हम ज्ञापन देंगे और अन्तत: दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को हम ज्ञापन देंगे!
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी क़ीमत पर इन करोडों युवाओं के भविष्य को बर्बाद नही होने देगी!
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
NCTE(नेशनल काउन्सिल ऑफ टीचर्स एड्युकेशन)और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक शासकीय राजपत्र के अनुसार B.ED डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के योग्य घोषित किए गए। इसी योग्यता के मद्देनजर,देशभर में,करोड़ो युवक और युवतियां शिक्षण कार्य में लगें हुए हैं।
25 नवंबर 2021 को माननीय उच्च न्यायालय(हाई कोर्ट) राजस्थान द्वारा इस राजपत्र को अमान्य करार दिया और गत 11 अगस्त 2023 को माननीय उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए,भारत सरकार द्वारा जारी,राजपत्र को अमान्य करार दे दिया जिससे NCTE और भारत सरकार की कार्यनीति व विश्वसनीयता पर बुनियादी और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
करोडों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से युवाओं की इस समस्या का न्यायोचित समाधान की माँग करते हैं।
एक युवा होंने के नाते मैं बेरोजगार युवाओं के दर्द को बहुत अच्छी तरह से समझता हूं इसलिये यदि छात्रहित की हमारी ये माँग शीघ्र ही नही मांगी गई तो सभी प्रदेशों की राजधानी में आंदोलन कर महामहिम राज्यपालों को हम ज्ञापन देंगे और अन्तत: दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को हम ज्ञापन देंगे!
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी क़ीमत पर इन करोडों युवाओं के भविष्य को बर्बाद नही होने देगी!
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
NCTE(नेशनल काउन्सिल ऑफ टीचर्स एड्युकेशन)और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक शासकीय राजपत्र के अनुसार B.ED डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के योग्य घोषित किए गए। इसी योग्यता के मद्देनजर,देशभर में,करोड़ो युवक और युवतियां शिक्षण कार्य में लगें हुए हैं।
25 नवंबर 2021 को माननीय उच्च न्यायालय(हाई कोर्ट) राजस्थान द्वारा इस राजपत्र को अमान्य करार दिया और गत 11 अगस्त 2023 को माननीय उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए,भारत सरकार द्वारा जारी,राजपत्र को अमान्य करार दे दिया जिससे NCTE और भारत सरकार की कार्यनीति व विश्वसनीयता पर बुनियादी और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
करोडों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से युवाओं की इस समस्या का न्यायोचित समाधान की माँग करते हैं।
एक युवा होंने के नाते मैं बेरोजगार युवाओं के दर्द को बहुत अच्छी तरह से समझता हूं इसलिये यदि छात्रहित की हमारी ये माँग शीघ्र ही नही मांगी गई तो सभी प्रदेशों की राजधानी में आंदोलन कर महामहिम राज्यपालों को हम ज्ञापन देंगे और अन्तत: दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को हम ज्ञापन देंगे!
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी क़ीमत पर इन करोडों युवाओं के भविष्य को बर्बाद नही होने देगी!
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
NCTE(नेशनल काउन्सिल ऑफ टीचर्स एड्युकेशन)और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक शासकीय राजपत्र के अनुसार B.ED डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के योग्य घोषित किए गए। इसी योग्यता के मद्देनजर,देशभर में,करोड़ो युवक और युवतियां शिक्षण कार्य में लगें हुए हैं।
25 नवंबर 2021 को माननीय उच्च न्यायालय(हाई कोर्ट) राजस्थान द्वारा इस राजपत्र को अमान्य करार दिया और गत 11 अगस्त 2023 को माननीय उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए,भारत सरकार द्वारा जारी,राजपत्र को अमान्य करार दे दिया जिससे NCTE और भारत सरकार की कार्यनीति व विश्वसनीयता पर बुनियादी और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
करोडों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से युवाओं की इस समस्या का न्यायोचित समाधान की माँग करते हैं।
एक युवा होंने के नाते मैं बेरोजगार युवाओं के दर्द को बहुत अच्छी तरह से समझता हूं इसलिये यदि छात्रहित की हमारी ये माँग शीघ्र ही नही मांगी गई तो सभी प्रदेशों की राजधानी में आंदोलन कर महामहिम राज्यपालों को हम ज्ञापन देंगे और अन्तत: दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को हम ज्ञापन देंगे!
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी क़ीमत पर इन करोडों युवाओं के भविष्य को बर्बाद नही होने देगी!
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
आपका ये राजनैतिक कदम आपके भविष्य आपकी पार्टी हेतु बिल्कुल अनुचित है
आज बाबा साहब के बनाए संविधान पर आप उँगली उठा रहे है क्या आपको संविधान, कानून पर शक है।...11 अगस्त 2023 को आए फैसले का हम करोड़ो बीटीसी सम्मान करते है।
आप सरकार को नहीं भाजपा सरकार को नहीं btc को चुनौती दे रहे है
NCTE(नेशनल काउन्सिल ऑफ टीचर्स एड्युकेशन)और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक शासकीय राजपत्र के अनुसार B.ED डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के योग्य घोषित किए गए। इसी योग्यता के मद्देनजर,देशभर में,करोड़ो युवक और युवतियां शिक्षण कार्य में लगें हुए हैं।
25 नवंबर 2021 को माननीय उच्च न्यायालय(हाई कोर्ट) राजस्थान द्वारा इस राजपत्र को अमान्य करार दिया और गत 11 अगस्त 2023 को माननीय उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए,भारत सरकार द्वारा जारी,राजपत्र को अमान्य करार दे दिया जिससे NCTE और भारत सरकार की कार्यनीति व विश्वसनीयता पर बुनियादी और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
करोडों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से युवाओं की इस समस्या का न्यायोचित समाधान की माँग करते हैं।
एक युवा होंने के नाते मैं बेरोजगार युवाओं के दर्द को बहुत अच्छी तरह से समझता हूं इसलिये यदि छात्रहित की हमारी ये माँग शीघ्र ही नही मांगी गई तो सभी प्रदेशों की राजधानी में आंदोलन कर महामहिम राज्यपालों को हम ज्ञापन देंगे और अन्तत: दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को हम ज्ञापन देंगे!
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी क़ीमत पर इन करोडों युवाओं के भविष्य को बर्बाद नही होने देगी!
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
मै आपको न्याय का रक्षक मानता था मेरा मानना था कि आप संविधान मे विश्वास रखते है। आप बीएड के हित के लिए जो उतरने का आवाहन कर रहे है ये लाखो करोड़ो बीटीसी के दिलो को झंकझोरने की हुंकार है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जो आदेश आया है उसका हम लोग सम्मान करते है आप भी सम्मान करे🙏
NCTE(नेशनल काउन्सिल ऑफ टीचर्स एड्युकेशन)और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक शासकीय राजपत्र के अनुसार B.ED डिग्री धारक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण के योग्य घोषित किए गए। इसी योग्यता के मद्देनजर,देशभर में,करोड़ो युवक और युवतियां शिक्षण कार्य में लगें हुए हैं।
25 नवंबर 2021 को माननीय उच्च न्यायालय(हाई कोर्ट) राजस्थान द्वारा इस राजपत्र को अमान्य करार दिया और गत 11 अगस्त 2023 को माननीय उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को सही ठहराते हुए,भारत सरकार द्वारा जारी,राजपत्र को अमान्य करार दे दिया जिससे NCTE और भारत सरकार की कार्यनीति व विश्वसनीयता पर बुनियादी और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं।
करोडों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से युवाओं की इस समस्या का न्यायोचित समाधान की माँग करते हैं।
एक युवा होंने के नाते मैं बेरोजगार युवाओं के दर्द को बहुत अच्छी तरह से समझता हूं इसलिये यदि छात्रहित की हमारी ये माँग शीघ्र ही नही मांगी गई तो सभी प्रदेशों की राजधानी में आंदोलन कर महामहिम राज्यपालों को हम ज्ञापन देंगे और अन्तत: दिल्ली में बड़ा आंदोलन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को हम ज्ञापन देंगे!
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी क़ीमत पर इन करोडों युवाओं के भविष्य को बर्बाद नही होने देगी!
#बीएड_मांगे_अध्यादेश
@DeveshSharma_RJ तुम मर गए 28 जून 2018 को लेकिन डेथ सर्टिफिकेट बनेगा 11 अगस्त 2023 को...
आदमी हो या पजामा 😍..
फिर 5 रूपये भेज रहा हु गोल्डमोहर खाकर थूक देना.. टेंसन कम होगी इससे
महोदय जिलाधिकारी प्रयागराज को अवगत कराना है कि कल दिनांक 5 सितम्बर को बीएड छात्रों द्वारा महापंचायत षड्यंत्र के तहत बालसन चौराहे पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले और शासन के विरुद्ध धरना प्रदर्शन और उग्र प्रदर्शन की स्तिथि बनाने की रणनीति बनाई जा रही है कृपया संज्ञान में लें
@Uppolice
सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर बिल्कुल सही है कोई अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं rte के हिसाब से बीटीसी वालों को उनको हक मिल गया है अध्यादेश लाने से सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की अवहेलना होगी और ऐसे ही सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद सरकार अध्यादेश लाने लगे तो फिर न्यायालयों का कोई मतलब नहीं
देश में इतने परिवर्तन हो रहे है तो शिक्षा व्यवस्था क्यों नही सुधर रही, निजी स्कूल वाले ड्रेस, टाई बेल्ट, कोर्स के नाम पर लूट मचाए है KG के छात्रों का कोर्स 3000 का आ रहा है...
इस पर अंकुश कब लगेगा
माननीय @CMOfficeUP मुख्य्मंत्री जी.
इस पर अंकुश लगाया जाए @AmarUjalaNews@PMOIndia