@ZeptoNow is there any way we can connect to an actual support agent instead of a irritating bot which just gives an automated reply increasing the frustration
हमारी एक दर्शक 'अपर्णा' वृंदावन में प्रेममंदिर के पास एक छोटी-सी दुकान चलाती हैं, 17 वर्ग मीटर का। इस दुकान को प्रशासन ने सील कर दिया क्योंकि MVDA द्वारा अप्रूव्ड मैप नहीं था। यदि प्रशासन कोई फ़ीस ले कर, पेनल्टी ले कर उनकी दुकान खोल दे तो बड़ी कृपा होगी।
यदि आप किसी को जानते हों जो यहाँ सहयोग कर सकें तो कृपया बताएँ।
प्रिय @HemantSorenJMM जी,
आपके राज्य में तीन सर्वोत्कृष्ट विद्यालय हैं: सैनिक स्कूल तिलैया, हजारीबाग और नेतरहाट। मुझे आज मेरे विद्यालय के प्राचार्य के माध्यम से एक सूचना मिली।
एक प्रतिभाशाली बालक विशाल के, जो आपके ही राज्य के कोडरमा के ‘छोटकी धमराय’ ग्राम का निवासी है, पिता का निधन हो गया। पिता मुंबई में वेटर का कार्य करते थे। माता सुनीता देवी चिंतित हैं।
उसकी बकाया फीस कुल पौन दो लाख के लगभग है, जिसमें से लाख रुपए मैं दे रहा हूँ और बाकी के लिए भी हमारी मित्र मंडली लगी हुई है। अगले वर्ष भी हम लोग सँभाल लेंगे।
आपसे आग्रह है कि ऐसे छात्रों के लिए राज्य शिक्षा मंत्रालय कोई व्यवस्था बना दे ताकि यहाँ से ये वंचित समुदाय के बच्चे विद्यालय और शिक्षा दोनों ही न त्याग दें।
इसके साथ ही @JharkhandCMO से यह भी पूछना चाहता हूँ कि विगत दस वर्षों से सैनिक स्कूल तिलैया में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति तक नहीं हो पा रही थी जबकि बगल में तिलैया डैम है!
कुछ समय पूर्व वहाँ के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दिया था और बच्चों को दो-तीन तक ठीक से भोजन आदि नहीं मिला। यह सब मेरे लिए अत्यंत पीड़ा का विषय है क्योंकि मैंने बिहार के तिलैया में तीन वर्ष और आपके राज्य के तिलैया में चार वर्ष पढ़ाई की।
कभी कोई समस्या नहीं हुई। हेमंत जी, आप यह अच्छे से जानते हैं कि शिक्षा की मुक्ति का मार्ग है। सैनिक स्कूल निर्धन और प्रतिभाशाली बच्चों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा पाने का एक अच्छा मार्ग है। उसे फंड नहीं मिलेगा तो विद्यालय नष्ट हो जाएगा।
हालाँकि इसका प्रशासनिक दायित्व मूलतः @SpokespersonMoD का होता है, परंतु फंड आदि राज्य सरकार के हिस्से में है। आशा है आपका कार्यालय विद्यालय के संचालन हेतु उचित सहयोग देगा।