देश में जिस दिन आरक्षण लागू हुआ उसी दिन से आरक्षण को बदनाम और गाली बनाने ��ा षड्यंत्र शुरू हो गया.
आरएसएस और बीजेपी नेताओं के अलावा विशेषजाति के धर्म गुरु अक्सर आरक्षण पर तीखी टिप्पणी करते रहते हैं
और मैनस्ट्रीम मीडिया जानबूझकर इन्ही बाबाओं का इंटरव्यू करते हैं.
आरक्षण फिर एक बार एक महिला नेता ने तीखी आलोचना की है. दुख इस बात है वो महिला विपक्षी खेमे की सुप्रिया सुले हैं.
उन्होंने आरक्षण की आलोचना करते हुए SHAME शब्द का इस्तेमाल किया और कहा आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर होना चाहिए. न कि पढ़े-लिखे और संपन्न परिवारों के लिए.
सुप्रिया सुले आप होती कौन हैं आरक्षण पर बोलने के लिए. SC ST और OBC आरक्षण कुर्बानी देकर हासिल की गयी है. जाओ पढ़ लो संविधान. आरक्षण का आधार आर्थिक नही है, सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन है.
SC ST के लोग सावधान रहें 🙏
एक तरफ इंडिया गठबंधन के नेता कहते हैं कि उनकी सरकार आने पर वो सबको आबादी के अनुसार आरक्षण देंगे वहीं दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन की नेता सुप्रिया सुले जातिगत आरक्षण खत्म करने की बात कर रही है।
#सुप्रियासुले_माफी_मांगो
सुप्रिया सुले ने हमला SC ST के आरक्षण पर किया है क्योंकि OBC EWS के आरक्षण में तो पहले से क्रीमीलेयर लागू है।
सुप्रिया सुले को पता होना चाहिए कि SC ST को गालियां जातिगत ही दी जाती है आर्थिक नहीं। दलितों को घोड़ी से जाति देखकर ही उतारा जाता है आर्थिक स्थिति देखकर नहीं।
राजस्थान में इंद्र मेघवाल की हत्या मटकी छूने पर ��ाति देखकर ही थी आर्थिक स्थिति देखकर नहीं।
जितेन्द्र मेघवाल की हत्या मूंछ रखने पर जाति देखकर ही की थी आर्थिक स्थिति देखकर नहीं।
सुप्रिया सुले पीढ़ी दर पीढ़ी राजनीति में बनी हुई है किसी गरीब को मौका क्यों नहीं देती? सुप्रिया सुले परिवार वाद पर कई नहीं बोलती?
UP के एक मठ में 2017 के आसपास 11 करोड़ रुपये थे उसमें..!आज आप 8 साल बाद बात करेंगी तो उसमें 800 करोड़ रुपये आ चुके हैं .!आप जाकर RTI लगाकर देख लेना" 🔥🔥
अभिनय सर किस मठ की बात कर रहे हैं.??
सभी मनुवादी Supriya Sule के समर्थन Trend करवा रहे हैं तो क्या बहुजन युवा खा पीकर सोने जा रहे हैं। 🤔
#सुप्रियासुले_माफी_मांगो को ट्रेंड करवा दो।
मुझे विश्वाश है उनके ट्रेंड से पहले बहुजन समाज के लोग हमारे हेस्टेग को ट्रेडिंग में लाकर रहेंगे।
बताओ करवा दोगे न?
जय भीम
पाँच हजार प्रतिमाएँ तो पूरे भारत में भी किसी लोकनायक की नहीं मिली, अकेले बुद्ध की पाँच हजार प्रतिमाएँ सिर्फ ब्रजमंडल में मिलीं...पूरे भारत की तो बात ही मत कीजिए।
मथुरा में बुद्ध के अलावा किसी भी भगवान का कोई सबूत नहीं मिला।
बुद्ध ही सत्य है बाकी सब मिथ्या हैं।
भार�� मतलब बुद्ध
कण कण में बुद्ध 🔥🔥🔥
"कांवड़ लेने मत जाना, तुम ज्ञान के दीप जलाना, मानवता की सेवा करके तुम सच्चे मानव बन जाना"
सिर्फ ये कविता पढ़ने पर UP के बरेली में रहने वाले शिक्षक Dr Rajnish Gangwaar पर FIR हो गई है।
लेकिन अब समझ नहीं आ रहा है डॉक्टर साहब ने गलत क्या कहा है?
आपने अबतक कितने डॉक्टर, इंजीनियर और सरकारी अधिकारी को कावड़ उठाते हुए देखा है??
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना ज़िले का रहने वाला ये शख्स छह साल पहले अपने 15 साथियों के साथ बंगाल की खाड़ी में हल���दिया के पास मछली पकड़ने गया था। तभी अचानक समुद्र का रुख बदल गया तेज़ तूफान उठा, लहरें बेकाबू हो गईं और देखते ही देखते ट्रॉलर पलट गया।
हर कोई समंदर की विशाल लहरों में बह गया... रवीन्द्रनाथ भी।
लेकिन वो डरने वाला नहीं था। पेशे से मछुआरा होने के कारण पानी उसका दुश्मन नहीं, साथी था। उसने हार नहीं मानी।
वो तै��ता रहा… तैरता रहा… ऊपर बस आसमान, नीचे अथाह पानी।घंटे बीते, दिन बीत गए।
5 दिन तक रवीन्द्रनाथ समंदर में अकेले तैरता रहा, न खाना, न पीने का पानी, सिर्फ़ ज़िंदा रहने की जिद। जब बारिश होती, वो वर्षा जल पीकर खुद को जीवित रखता। हर पल मौत नज़दीक थी, लेकिन हिम्मत उससे ज़्यादा मज़बूत थी।
5वें दिन… क़रीब 600 किलोमीटर दूर, बांग्लादेश के कुतुबदिया द्वीप के पास, एक जहाज़ 'एमवी जवाद' गुजर रहा था। जहाज़ के कप्तान ��े दूर से समंदर में कुछ हिलता देखा। ध्यान से देखा… कोई इंसान तैर रहा था!
कप्तान ने फ़ौरन एक लाइफ जैकेट फेंकी, लेकिन रवीन्द्रनाथ तक वो नहीं पहुंची। फिर भी कप्तान रुके नहीं… उन्होंने सीमाओं, धर्मों, जातियों की रेखाओं को भुलाकर सिर्फ़ एक चीज़ देखी --- इंसान।
कुछ ��ूरी पर रवीन्द्रनाथ फिर नज़र आए, और इस बार कप्तान ने जहाज़ घुमा दिया। लाइफ जैकेट फेंकी, और इस बार रवीन्द्रनाथ पकड़ने में कामयाब रहे।
एक क्रेन से उसे ऊपर खींचा गया थका हुआ, अधमरा, लेकिन ज़िंदा। जब वो जहाज़ पर चढ़ा, तो पूरे जहाज़ के नाविक खुशी से चिल्ला उठे।वो सिर्फ़ एक इंसान को नहीं, इंसानियत को ज़िंदा देख रहे थे।
उस लम्हे का वीडियो जहाज़ के एक नाविक ने रिकॉर्ड किया और वो दृश्य आज भी देखने वालो��� की रूह तक को हिला देता है।
❤️ धन्यवाद, उस जहाज़ के हर नाविक को।
आपने सिर्फ़ एक जान नहीं बचाई आपने हमें याद दिलाया कि इंसानियत अब भी ज़िंदा है।
कभी-कभी एक इंसान की जिद, और दूसरे इंसान की करुणा , पूरी दुनिया को बेहतर बना सकती है
हमारे देश में एक सेलिब्रिटी है जो अपने PR के लिए सेना के साथ 15 दिन रहता है, फोटो खिंचवाता है और
एक सेलिब्रिटी हैं नाना पाटेकर जो कारगिल युद्ध में लड���ने गए थे और आजतक इसका ज़िक्र भी नहीं किया।
नाना पाटेकर ने सालों बाद एक इंटरव्यू में यह सब बताया था कि
वह 2 महीने कारगिल युद्ध में लड़कर आए थे, उन्हें सेना ले नहीं रही थी तो वह रक्षा मंत्री से कहकर सेना के साथ गए थे,
नाना पाटेकर नेशनल लेवल के शूटर रहे हैं तो उनके लिए सेना के साथ काम करना आसान रहा।
मेरे एक या दो ट्वीट करने से यह हैशटैग ट्रेंड में नहीं आने वाला फिर भी मैं ट्वीट करता हूं क्योंकि मेरा नाम तमाशा देखने वालों में नहीं बल्कि संघर्ष करने वालों में हो
#ReleaseBhanteVinacharya#BTact1949_Repeal