इस लड़की ने जो मीडिया बंधु को बताया उसमे साफ हो गया है.इस बलबे का मुख्य कारण कोई दरोगा है जिसने बाबा साहब की मूर्ति को तोड़ा.खेल कुछ और है प्लानिंग किसी और की लगती है.इस सम्बंधित दरोगा की भूमिका की जाँच कर इस पर भी कार्यवाही होनी जरुरी है.@myogiadityanath जी संज्ञान लें.
1. देश के SC, ST व OBC समाज के संवैधानिक/क़ानूनी अधिकारों आदि के मामले में, कांग्रेस भी गिरगिट की तरह अपना रंग बदलने वाली यह पार्टी भी, महिला आरक्षण में, जो अब इन वर्गों की बात कर रही है, तो यही कांग्रेस पार्टी है जिसने अपनी केन्द्र की सरकार के रहते हुये किसी भी क्षेत्र में इनके आरक्षण के कोटे को पूरा कराने की कभी पहल नहीं की है।
2. तथा ना ही OBC समाज हेतु मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के हिसाब से उन्हें सरकारी नौकरी व शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण को भी लागू किया, जिसे फिर BSP के अथक प्रयासों से पूर्व प्रधानमंत्री श्री वी.पी. सिंह की सरकार में अनततः लागू किया गया था, जो सर्वविदित है।
3. इसी प्रकार, यू.पी. में पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने के लिए, पिछड़ा वर्ग आयोग की जुलाई 1994 में ही आई रिपोर्ट को भी सपा सरकार ने ठण्डे बस्ते में डालकर इसे लागू नहीं किया था, जिसे फिर यहाँ बी.एस.पी. की दिनांक 3 जून सन् 1995 में पहली बनी सरकार ने इसे तुरन्त लागू किया, जो कि अब यही सपा अपना रंग बदलकर अपने राजनैतिक स्वार्थ में इनकी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है।
4. इस प्रकार, अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी सपा जब सरकार में नहीं है तो अलग रवैया अपना रही है, किन्तु जब सरकार में होती है तो अलग संकीर्ण जातिवादी व तिरस्कारी रवैया अपनाती है। अतः इन सभी वर्गों को ऐसी सभी छलावा एवं दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से हमेशा सावधान रहना होगा, तभी कुछ बेहतर संभव हो पायेगा।
5. जहाँ तक महिला आरक्षण के लिए पिछली (सन् 2011) जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का सवाल है, तो इस बारे में यही कहना है कि यदि इसे जिन भी कारणों से जल्दी लागू करना है तो फिर इसी जनगणना के आधार पर करना है और यदि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी केन्द्र की सत्ता में होती तो फिर यह पार्टी भी बीजेपी की तरह ही यही क़दम उठाती।
6. कुल मिलाकर, कहने का तात्पर्य यह है कि देश में SC, ST व OBC एवं मुस्लिम समाज के वास्तविक हित, कल्याण व उनके भविष्य संवारने आदि के किसी भी मामले में कोई भी पार्टी गम्भीर नहीं रही है।
7. इसीलिये महिला आरक्षण के मामले में इन वर्गों को अभी जो कुछ भी मिलने वाला है तो उसे इनको फिलहाल स्वीकार कर लेना चाहिये और इस मामले में आगे अच्छा वक्त आने पर इनके हितों का सही से पूरा ध्यान रखा जायेगा अर्थात् इन्हें किसी के भी बहकावे में नहीं आना है क्योंकि इनको खुद अपने पैरों पर खड़े होकर अपने समाज को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाना है। यही सलाह है।
देश में सामाजिक परिवर्तन के पितामह के रूप में प्रसिद्ध ’बहुजन समाज’ में अति-पिछड़े वर्ग में जन्मे महात्मा ज्योतिबा फुले को आज उनकी जयंती पर मेरे व बी.एस.पी. की ओर से भी शत्-शत् नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित।
ख़ासकर शिक्षा के माध्यम से स्त्री/नारी शक्ति के प्रणेता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले व उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। महात्मा ज्योतिबा फुले के शब्दों में ’’विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी। नीति बिना गति गयी, गति बिना वित्त गया। वित्त बिना शुद्र हताश हेये, और गुलाम बनकर रह गये।’’ अर्थात यह सब कुछ शिक्षा के अभाव में हुआ और इसीलिये आगे चलकर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने इनसे प्रेरित होकर शिक्षा की तरफ विशेष ध्यान दिया।
साथ ही, उन्नीसवीं सदी के मध्य में दलितों व शोषितों की मुक्ति के लिये महात्मा ज्योतिबा फुले के ज़बरदस्त प्रयासों के कारण अकेले पुणे में ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र में सामाजिक परिवर्तन की नई अलख जगी और विशेषकर नारी मुक्ति व सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कार्य शुरू हुआ, जिस संघर्षों के लिये उनकी जितनी भी सराहना व प्रशंसा की जाये वह कम है।
ऐसे अति-पिछड़े/ओबीसी समाज के महापुरुष की स्मृति व उनके सम्मान में मेरी बी.एस.पी. सरकार द्वारा अनेकों कार्य यहाँ यूपी में किये गये जिनमें अमरोहा को नया ज्योतिबा फुले नगर ज़िला बनाना शामिल है, किन्तु सपा सरकार ने इसे भी अपनी संकीर्ण राजनीति व जातिवादी द्वेष आदि के कारण इसका नाम भी बदल डाला।
उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी की सरकार द्वारा कासगंज को कांशीराम नगर ज़िला बनाने के साथ-साथ कानपुर देहात को रमाबाई नगर, संभल को भीमनगर, शामली को प्रबुद्ध नगर व हापुड़ को भी पंचशील नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था, जिसे सपा सरकार ने ज़िला तो बनाये रखा लेकिन इन सभी ज़िलों के नामों को बदल डाला, यह है इनके पीडीए का अति-दुखद चाल, चरित्र व चेहरा।
देश के दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यक सहित महिलाओं की आवाज उठाने वाली,आयरन लेडी, बीएसपी प्रमुख माननीय सुश्री बहन कु० @Mayawati जी को उनके जनकल्याणकारी जन्म दिवस पर उनको लाख लाख बधाई एवं शुभकामनाएं। बहन जी आप दीर्घायु हों और स्वस्थ्य रहें प्रकृति से यही कामना करता हूं|
जय भीम जय बसपा ।
देश के विभिन्न भागों/राज्यों में मनाये जा रहे विभिन्न त्योहारों में भी ख़ासकर पंजाब व उत्तर भारत में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल, असम आदि में माघ बिहू तथा अन्यत्र मकर संक्रान्ति पर्व की सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें। सभी मेहनतकश लोगों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिले और उनका जीवन ख़ुश व ख़ुशहाल हो, यही इस अवसर पर कु़दरत से कामना।
यूपी में मेरठ के सरधना थाना अन्तर्गत दलित माँ की हुई हत्या तथा बेटी के अपहरण की ताज़ा घटना अति-दुखद, शर्मनाक एवं चिन्तनीय। महिलाओं की इज़्ज़त-आबरू से खिलवाड़ और फिर हत्या आदि की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ तत्काल सख़्त कार्रवाई करे ताकि आपराधिक तत्वों को ऐसे घृणित कार्यों से आगे रोका जा सके। सरकार ख़ासकर महिला सुरक्षा के मामले में समुचित ध्यान दे।
मध्य प्रदेश राज्य के इन्दौर शहर में प्रदूषित पानी पीने से अनेक निर्दोष नागरिकों की मौत तथा अन्य अनेक लोगों के बीमार हो जाने की अति-दुखद एवं चौंकाने वाली ख़बर काफी चर्चा में है तथा ऐसी सरकारी ग़ैर-ज़िम्मेदारी व उदासीनता को लेकर लोगों में स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में व्यापक आक्रोश भी स्वाभाविक है।
वैसे तो लोगों को ख़ासकर साफ हवा और पानी आदि मुहैया कराना हर सरकार की पहली ज़िम्मेदारी होती है, किन्तु यहाँ अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की तरह ही बुनियादी जनसुविधा के सम्बंध में भी सरकारी लापरवाही व भ्रष्टाचार आदि काफी घातक साबित हो रहा है तथा परिवार उजड़ रहे हैं, यह अति-दुखद व अति-चिन्तनीय।
इस प्रकार की नागरिकों के जान से खिलवाड़ करने की शर्मनाक घटना की रोकथाम के लिये राज्य सरकार को सख़्त से सख़्त क़दम उठाते रहने की ज़रूरत है। साथ ही, केन्द्र की सरकार को भी इसका उचित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई ज़रूर करनी चाहिये ताकि देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी दर्दनाक घटनायें ना होने पायें।
समस्त देशवासियों तथा दुनिया भर में रहने वाले भारतीय नागरिकों एवं उनके परिवार वालों को आज नववर्ष सन् 2026 की दिली मुबारकबाद एवं उन सबकी सुख, शान्ति, समृद्धि, सुरक्षा एवं आत्म-सम्मान व स्वाभिमान-युक्त जीवन की शुभकामनायें।
नया साल देश में सर्वसमाज के हर ग़रीब व मेहनतकश लोगों अर्थात् समस्त बहुजनों की दिन-प्रतिदिन की ज़िन्दगी नित्य नये नियम-क़ानूनों की क़दम-क़दम पर जकड़नों से दूर सहज व सरल हो तथा यह साल आप सबके लिये बहुत सारी ख़ुशियाँ लाये, यही कुदरत से कामना ही नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में बहुजन समाज का थोड़ा अच्छे दिन पाने के लिये यही संघर्ष भी है। अन्त में एक बार फिर सभी को नये साल की हार्दिक बधाई।
जैसाकि सर्वविदित है कि अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों के जान, माल व मज़हब को जिस प्रकार से साम्प्रदायिक हिंसा का शिकार बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है उससे अपने देश में ही नहीं बल्कि अन्यत्र भी चिन्ता की लहर है तथा अभी हाल ही में वहाँ एक दलित युवक की जिस प्रकार से नृशंस हत्या की गयी है उसको लेकर भारत भर में लोगों का सड़कों पर फूटा आक्रोश स्वाभाविक है, जिसका भारत सरकार को तुरन्त समुचित संज्ञान लेकर आगे हर स्तर पर कुछ और भी अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की देश को आशा है और यही समय की माँग भी लगती है।
वैसे तो अपने देश में भी ख़ासकर दलितों व आदिवासियों आदि पर सदियों से होने वाली जातिवादी द्वेष, जुल्म-ज़्यादती, शोषण व तिरस्कार आदि रुका नहीं है बल्कि हर स्तर पर लगातार जारी है तथा उनकी सुरक्षा को लेकर बने क़ानूनों को एक प्रकार से निष्क्रिय ही बना दिया गया है, किन्तु पड़ोसी देश बांग्लादेश में इसी प्रकार की होने वाली जुल्म-ज्यादती कोई कम गंभीर बात नहीं है बल्कि यह अति-दुखद व चिन्ता की बात है।
साथ ही, पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति को लेकर ख़ासकर देश में लोगों की चिन्तायें लगातार बनी रहती हैं और इस मामले में सरकार अपनी भूमिका भी निभाने का प्रयास करती रहती है, किन्तु हाल के दिनों में बांग्लादेश में जिस प्रकार से भारत व हिन्दू विरोधी घटनायें घटित हो रही हैं उसको लेकर केन्द्र सरकार को लोगों की अपेक्षा के अनुसार और भी अधिक सक्रियता एवं प्रभावी क़दम उठाने की ज़रूरत लग रही है जिसको लेकर जनता का समर्थन अवश्य ही सरकार के साथ होगा। सरकार उचित ध्यान दे।
देश व दुनिया भर में रहने वाले भारतीय लोगों में भी ख़ासकर ईसाई समुदाय के सभी परिवार वालों को क्रिसमस त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें। आपसी प्यार और करुणा का संदेश देने वाले इस पर्व के पावन अवसर पर समाज में शान्ति, सदभाव, समानता और सेवा के मूल्यों को मज़बूती से जारी रखने का संकल्प भी ज़रूरी। हैप्पी क्रिसमस-Warm Greetings of Christmas
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को पुत्री के रूप में परिवार में नई सदस्य की प्राप्ति पर सभी लोगों में खुशी की लहर है तथा उनके लिये इससे भी ज़्यादा हर्ष व गौरव की बात यह है कि श्री आकाश ने अपनी बेटी को माननीय बहनजी की तरह ही बहुजन समाज के मिशन के प्रति समर्पित करने के लिये तैयार करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका भरपूर स्वागत। माँ और बेटी दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
1. बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा, डाक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डाक्टर का हिजाब (चेहरे का नक़ाब) हटाने का मामला सुलझने की बजाय, ख़ासकर मंत्रियों आदि की बयानबाजी़ के कारण, विवाद का रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है, जो दुखद व दुभाग्यपूर्ण। जबकि यह मामला पहली नज़र में ही महिला सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा होने के कारण माननीय मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिये था ख़ासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने को मिल रही हैं। अच्छा होगा कि मा. मुख्यमंत्री इस घटना को सही परिप्रेक्ष्य में देखते हुये इसके लिये पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर ख़त्म करने का प्रयास करें।
2. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िला पुलिस द्वारा पुलिस परेड में, स्थापित परम्परा/नियमों से हटकर, एक कथावाचक को सलामी देने का मामला भी काफी बड़े विवाद में है और इसको लेकर सरकार कठघरे में है। पुलिस परेड व सलामी की अपनी परम्परा/नियम, मर्यादा, अनुशासन व पवित्रता है, जिसको लेकर खिलवाड़ कतई नहीं किया जाना चाहिये। यह अच्छी बात है कि यूपी के पुलिस प्रमुख ने इस घटना का संज्ञान लेकर ज़िला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किया है। कार्रवाई का लोगों को इंतज़ार है। वैसे राज्य सरकार भी इसको गंभीरता से लेकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति पर रोक लगाये तो यह पुलिस प्रशासन/अनुशासन एवं कानून का राज के हक़ में उचित होगा।
3. जहाँ तक कल दिनांक 19 दिसम्बर से शुरू हुये उत्तर प्रदेश विधान सभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का सवाल है, तो यह सत्र भी पिछले सत्रों की तरह ही, जनहित व जनकल्याण के मुद्दों से दूर रहने के कारण सत्ता व विपक्ष के बीच वाद-विवाद में घिर गया है। बेहतर होता कि सरकार किसानों के खाद की समस्या के साथ-साथ जनहित की अन्य समस्याओं तथा जनकल्याण के प्रति गंभीर होकर संदन में इन पर जवाबदेह होती।
4. इसके साथ ही, संसद का शीतकालीन सत्र भी, राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भीषण समस्या सहित देश व जनहित की विकराल रूप धारण कर रही समस्याओं पर विचार किये बिना ही, कल समाप्त हो गया। जबकि पूरे देश की निगाहें लगी थीं कि सरकार व विपक्ष दोनों देश के ज्वलन्त समस्याओं पर विचार करेंगे और इससे कुछ उम्मीद की नई किरण पैदा होगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होना दुभाग्यपूर्ण। देश की चिन्तायें लगातार बरकरार।
5. इसके साथ-साथ, पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हालात तेज़ी से बिगड़ रहे हैं तथा वहाँ भी नेपाल की तरह भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, वे भी चिन्तनीय स्थिति है, जिसपर भी केन्द्र सरकार समुचित संज्ञान लेकर दीर्घकालीन नीति के तहत कार्य करे तो यह उचित होगा। धन्यवाद।
बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर हम उन्हें नमन करते हुए भारत रत्न के इस महान समाज-निर्माता को भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। Indian Constitution के शिल्पकार का साहस हमें प्रेरित करता है। आज का दिन सत्य और समानता का #शौर्य_दिवस है। #BabasahebAmbedkar 💐