यूपी के मिर्ज़ापुर ज़िला के ग्राम धवहा, थाना चुनार में दबंगों द्वारा एक दलित परिवार के साथ की गई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत तथा कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना अति-दुःखद व निन्दनीय। सरकार दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार की पूरी मदद भी करे।
1. हरियाणा की नई भाजपा सरकार द्वारा एससी समाज के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू करने अर्थात आरक्षण कोटे के भीतर कोटा की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला दलितों को फिर से बांटने व उन्हें आपस में ही लड़ाते रहने का षड़यंत्र। यह दलित विरोधी ही नहीं बल्कि घोर आरक्षण विरोधी निर्णय है। 1/3
2. हरियाणा सरकार को ऐसा करने से रोकने के लिए भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के आगे नहीं आने से भी यह साबित है कि कांग्रेस की तरह बीजेपी भी आरक्षण को पहले निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने और अन्ततः इसे समाप्त करने के षडयंत्र में लगी है, जो घोर अनुचित व बीएसपी इसकी घोर विरोधी है। 2/3
3. वास्तव में जातिवादी पार्टियों द्वारा एससी-एसटी व ओबीसी समाज में ’फूट डालो-राज करो’ व इनके आरक्षण विरोधी षड़यंत्र आदि के विरुद्ध संघर्ष का ही नाम बीएसपी है। इन वर्गों को संगठित व एकजुट करके उन्हें शासक वर्ग बनाने का हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। 3/3
1. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र व झारखण्ड राज्य विधानसभा आमचुनाव के लिए तारीख़ों की आज की गई घोषणा का स्वागत। चुनाव जितना कम समय में तथा जितना पाक-साफ अर्थात् धनबल व बाहुबल आदि के अभिशाप से मुक्त हो उतना ही बेहतर, जिसका पूरा दारोमदार चुनाव आयोग पर ही निर्भर। 1/3
2. बीएसपी इन दोनों राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी और यह प्रयास करेगी कि उसके लोग इधर-उधर न भटकें बल्कि पूरी तरह बीएसपी से जुड़कर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान कारवाँ के सारथी बनकर शासक वर्ग बनने का अपना मिशनरी प्रयास जारी रखें। 2/3
3. यूपी में 9 विधानसभा की सीटों पर हो रहे उपचुनाव में भी बीएसपी अपने उम्मीदवार उतारेगी और यह चुनाव भी अकेले ही अपने बलबूते पर पूरी तैयारी एवं दमदारी के साथ लड़ेगी। 3/3
1. यूपी के बहराइच जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति का खराब होकर काबू से बाहर हो जाना चिन्ताजनक। ऐसे हालात के लिए शासन-प्रशासन की नीयत व नीति पक्षपाती नहीं बल्कि पूरी तरह से कानूनवादी होना चाहिए ताकि सम्बंधित मामला गंभीर न होकर यहां शान्ति व्यवस्था की स्थिति बनी रहे। 1/2
2. साथ ही, त्योहार कोई भी व किसी मजहब का हो, शान्ति व्यवस्था सरकार की पहली जिम्मेदारी है। ऐसे अवसर पर विशेष प्रबंध जरूरी। यदि ऐसी जिम्मेदारी निभाई गयी होती तो बहराइच की घटना कभी भी घटित नहीं होती। सरकार हर हाल में अमन-चैन व लोगों के जान-माल व मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित करे। 2/2
“मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो समानता और भाईचारा सिखाता है!” - बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर
14 अक्टूबर 1956 को परमपूज्य बाबासाहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने नागपुर में अपने लाखों अनुयाइयों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। उन्होंने अष्टांगिक मार्ग की शिक्षाओं में 14 शिक्षाएँ जोड़कर 22 प्रतिज्ञाएँ दी थी और धम्म के रुके हुए चक्र को फिर से गतिमान किया था।
हमारा अधिकार, हमारा सत्य और हमारा आंदोलन इन्हीं 22 प्रतिज्ञाओं से प्रेरित है।
जय भीम, नमो बुद्धाय!
बीएसपी हरियाणा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, असंध विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी, निष्ठावान नेता नरेंद्र राणा जी का निधन की खबर दुःखद है.
बीएसपी के सच्चे सिपाही का जाना पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है.
उनके परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।
हरियाणा की असंध विधानसभा से बीएसपी के कर्मठ नेता और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नरेंद्र राणा जी के निधन की खबर मिलने से मन उदास है। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे जिसकी वजह से हाल में संपन्न हुए हरियाणा विधान सभा चुनाव में उनकी जगह उनके पुत्र गोपाल सिंह जी ने बीएसपी की टिकट से चुनाव लड़ा।
उदारता और विनम्रता के प्रतीक श्री नरेंद्र सिंह राणा जी का आकस्मिक निधन बीएसपी परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति है। कुदरत उनके परिवार और समर्थकों को ये दुख सहने की शक्ति दे।
यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहल्ला गंजरहापुरवा स्थित डा. भीमराव अम्बेडकर पार्क में घुमने गए एक दलित युवक के साथ कल शाम पुलिस की बर्बरता से हुई मौत की घटना अति-दुःखद। लोगों में रोष व्याप्त। सरकार दोषी पुलिस वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे तथा पीड़ित परिवार की पूरी मदद भी करे।
दिल्ली के सरोजनी नगर में एक सीवर टैंक में जहरीली गैस से दो सफ़ाई कर्मियों की मौत की खबर से स्तब्ध हूँ।
देश की राजधानी जहां हर सुविधाएं होने का दावा किया जाता है। जहाँ मुफ्त की बिजली, मुफ्त का पानी की गारंटी दी जाती है, लेकिन गरीब के जीवन की गारंटी नहीं है।
क्योंकि दिल्ली की आरामवादी पार्टी की सरकार को एलजी से लड़ने से फुरसत नहीं और केन्द्र की सुस्त भाजपा सरकार को चुनावी मैनेजमेंट से फुरसत नहीं कि वह गरीबों और शोषितों जनता की चिंता करे।
2 Workers Die After Inhaling Toxic Gas While Cleaning Sewer Tank In Delhi - NDTV https://t.co/DIk64qq0OF
हरियाणा विधानसभा चुनावों में बीएसपी का प्रदर्शन पिछले कुछ चुनावों की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। हालांकि, हाल ही में आई कुछ भ्रामक मीडिया रिपोर्टों की वजह से पार्टी कैडर में काफी रोष है।
जिन 36 विधानसभा सीटों पर बीएसपी प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा उस पर बीएसपी को करीब 2,52,671 वोट मिले। जो इन सीटों पर डाले गए कुल वोटों का करीब 4.51% है। यह 2019 के विधानसभा चुनावों में मिले 4.14% वोट प्रतिशत से अधिक है, गौरतलब है कि 2019 मेें बीएसपी ने राज्य की 82 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
इसके अलावा, बसपा ने अपने 2024 के लोकसभा चुनावों में पड़े वोट प्रतिशत 1.28% से अधिक वोट हासिल करते हुए करीब 1.82% वोट हासिल किए हैं, जो हरियाणा की जनता के बीच बीएसपी के बढ़ते जनाधार को दर्शाता है। यही नहीं बल्कि बीएसपी-इनेलो गठबंधन को कुल 5.96% वोट मिले हैं, जो फिर से 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में मिले वोटों से कहीं अधिक है।
बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष परम आदरणीय बहन कु. @Mayawati जी के दिशा निर्देशों और मार्गदर्शन पर चलते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर श्री @AnandAkash_BSP जी, केंद्रीय कोऑर्डिनेटर श्री रणधीर सिंह बेनीवाल जी, और हरियाणा बीएसपी के सभी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अथक समर्पण, प्रतिबद्धता और जुनून से ये नतीजे हासिल हुए हैं।
जय भीम, जय भारत!
BSP’s performance in the Haryana Assembly elections has improved significantly compared to the past few elections. However, some misleading media reports have caused anger among our party cadre.
To set the record straight, according to the Election Commission's data, BSP's vote share has increased to 4.51%, securing 2,52,671 votes out of the total votes cast across 36 state assembly seats in Haryana. This marks a notable rise from the 4.14% vote share in the 2019 assembly elections, where the party contested 82 seats.
Additionally, the BSP has exceeded its Lok Sabha vote share of 1.28%, now achieving a 1.82% vote share in the recent elections, showing growing public support. The BSP-INLD alliance has collectively garnered 5.96% of the votes, which is again higher than in the 2019 Haryana Assembly elections.
This achievement is a testament to the relentless dedication, commitment, and passion of our Hon'ble Bahen Kumari @Mayawati Ji, National Coordinator Sh. @AnandAkash_BSP Ji, Central Coordinator Sh. Randhir Singh Beniwal Ji, and the leadership of BSP Haryana, as well as the efforts of all our candidates, workers, and office bearers.
Jai Bhim, Jai Bharat!
1. यूपी सहित दूसरे राज्यों के चुनाव में भी बीएसपी का वोट गठबंधन की पार्टी को ट्रांसफर हो जाने किन्तु उनका वोट बीएसपी को ट्रांसफर कराने की क्षमता उनमें नहीं होने के कारण अपेक्षित चुनाव परिणाम नहीं मिलने से पार्टी कैडर को निराशा व उससे होने वाले मूवमेन्ट की हानि को बचाना जरूरी।
2. इसी संदर्भ में हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम व इससे पहले पंजाब चुनाव के कड़वे अनुभव के मद्देनजर आज हरियाणा व पंजाब की समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय पार्टियों से भी अब आगे गठबंधन नहीं करने का निर्णय, जबकि भाजपा/एनडीए व कांग्रेस/इण्डिया गठबंधन से दूरी पहले की तरह ही जारी रहेगी।
3. देश की एकमात्र प्रतिष्ठित अम्बेडकरवादी पार्टी बीएसपी व उसके आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट के कारवाँ को हर प्रकार से कमजोर करने की चौतरफा जातिवादी कोशिशें लगातार जारी हैं, जिस क्रम में अपना उद्धार स्वंय करने योग्य व शासक वर्ग बनने की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रखनी जरूरी।
4. बीएसपी विभिन्न पार्टियों/संगठनों व उनके स्वार्थी नेताओं को जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि ’बहुजन समाज’ के विभिन्न अंगों को आपसी भाईचारा व सहयोग के बल पर संगठित होकर राजनीतिक शक्ति बनाने व उनको शासक वर्ग बनाने का आन्दोलन है, जिसे अब इधर-उधर में ध्यान भटकाना अति-हानिकारक।