आज UPSC ने CSE-2024 के सभी अभ्यर्थियों के इंटरव्यू मार्क्स जारी किए...
"कैटेगरी वार औसत मार्क्स:
UR: 182.64
EWS: 177.34
OBC: 177.04
ST: 176
SC: 172
SC/ST अभ्यर्थियों के औसत मार्क्स कम होने के पीछे क्या कारण हो सकता है?
#UPSC2024
जब तक बीजेपी से ऐसे नोटो के बैग आते रहेंगे बहुजन मिशन चलता रहेगा दलित मूर्ख बनता रहेगा !!
जिस दिन मैंने यह बैग देखा था समझ गई थी कोई मिशन नहीं चल रहा बल्कि दलाली चल रही है !!
समाज को जब तक समझ आयेगा बहुत देर हो चुकी होगी आज चाहे जितना बुरा बोलना है बोलो लेकिन मेरी हर एक बात सच है याद रखना !!
बहुजन समाज का सच्चा हितैषी कौन है सब समझ जाएगा !!
बीजेपी से लड़ने की सिर्फ नौटंकी होती है इसकी पूरी पार्टी संगठन सब बिका हुआ है !!
मैंने समाज को बचाने की बहुत कोशिश की अभी भी कर रही हूँ और करती रहूँगी !!
ईमानदार इंसान किसी से नहीं डरता !!
1. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर में अधिवक्ताओं की माँग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति लगाने की अनुमति माननीय कोर्ट द्वारा दी गई तथा कोर्ट के निर्देशन में ही स्थान का चयन एवं चबूतरा बनाया गया व मूर्ति भी बनकर तैयार हुई।
2. किन्तु कुछ जातिवादी सोच से ग्रसित अधिवक्ताओं द्वारा मूर्ति स्थापना का विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ वक्तव्यों के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की गई। बाबा साहेब के विरोधियों को यह समझना होगा कि सदियों से उपेक्षित बहुजन समाज अब अपना सम्मान पाना चाहता है।
3. मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल, माननीय उच्च न्यायालय तथा मा. मुख्यमंत्री जी भी मूर्ति लगाने में आ रही बाधाओं को दूर करके, तत्काल उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में संविधान निर्माता, भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को सम्मानपूर्वक स्थापित कराएं, यह अनुरोध।
उत्तरप्रदेश में बसपा कार्यकाल के दौरान बड़े बड़े अंबेडकर पार्क , स्मारक और उनकी हज़ारों प्रतिमाएं लगाई गई, और इसका विरोध करने की किसी की भी हिम्मत नहीं हुई।
सार यही है अपनी पार्टी बसपा को मजबूत कीजिए और पूरे भारत को अंबेडकरमय कीजिए।
जो बाप का नहीं हुआ वो किसी और का क्या होगा!
यादव समाज को ऐसे लोगों से सचेत रहने की जरूरत है।
अखिलेश यादव एवं इनके नवरत्न खुद भाजपा के लिए फील्डिंग करते है,
सपा के काले कारनामे!
1)प्रमोशन में आरक्षण का बिल फाड़ देना
2)बसपा की सारी योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल देना
3)सभी महापुरुषों के नाम पर बने जिलों का नाम बदल देना
4)एक पूंजीपति को राज्यसभा सीट दिलाने के लिए बसपा विधायक तोड़ लेना
5)चुनाव आते ही बसपा के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार करना
एससी– एसटी ओबीसी समाज के असली भगवान
बाबा साहब अंबेडकर जी की तस्वीर पर माल्यार्पण करते समय जो जूते नहीं उतरती हैं
वह अपने कार्यालय में घुसने से पहले सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के जूते उतरवा देती हैं
अगर आप बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता हैं और आपको मेरी बातें बुरी लग रही हैं तो यकीन मानिए आप मानसिक गुलाम और अंधभक्त हैं
पार्टी लाइन से अलग हटके एक अंबेडकरवादी के तौर पर अपने मन में सोचना आदरणीय मायावती जी जो कर रहीं हैं क्या वह सही है? बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण करते समय क्या उन्हें जूते नहीं उतरने चाहिए थे ?
पार्टी कार्यालय में घुसने से पहले पदाधिकारियों के जूते बाहर उतरवा देना और आकाश आनंद जी और सतीश चंद्र मिश्रा जी के जूते ना उतरवाना क्या भेदभाव नहीं है?
समानता की बात करने वाली पार्टी आखिर असमानता को गले क्यों लग रही है क्या यह बड़ा सवाल नहीं है?
अब आओ दो मुझे गाली कहो में बसपा विरोधी
अगर सच्चाई लिखना और मर्यादित भाषा में सवाल करना बसपा विरोध है तो हां मैं बस का विरोधी हूं
आपकी गालियों का स्वागत है
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनने के बाद जस्टिस बीआर गवई रविवार को पहली बार मुंबई पहुंचे। जहां उन्हें रिसीव करने चीफ सेक्रेटरी, DGP और मुंबई के पुलिस कमिश्नर नहीं पहुंचे। इस पर उन्होंने महाराष्ट्र-गोवा बार काउंसिल के कार्यक्रम में निराशा जताई।
CJI गवई ने कहा, 'मैं ऐसे छोटे-मोटे मुद्दों पर बात नहीं करना चाहता, लेकिन मैं इस बात से निराश हूं कि महाराष्ट्र के बड़े अफसर प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते। लोकतंत्र के तीनों स्तंभ समान हैं और उन्हें एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए।
आगे उन्होंने कहा, "अगर भारत के चीफ जस्टिस पहली बार महाराष्ट्र आ रहे हैं तो ये उम्मीद की जाती है कि यहां के चीफ सेक्रेटरी, DGP और मुंबई के पुलिस कमिश्नर को मौजूद रहना चाहिए। ऐसा न करना सोचने पर मजबूर करता है।"
बसपा के सुर्खियों में आते ही विरोधी पार्टियां अपने पालतू पत्रकारो को इस तरह से दुष्प्रचार फैलाने के लिए लगा देते है और बसपा हमेशा इसका शिकार होकर रह जाती है।
@AnandAkash_BSP से आग्रह है इन लोगों पर उचित कार्रवाई कराई जानी चाहिए।
बसपा की मीटिंग मात्र से ही कुछ लोगो के पेट में दर्द शुरू हो जाता है।
अभी धैर्य रखिए 2027 आते आते उन लोगों के 2 रुपये प्रति ट्वीट वाला धंधा बंद हो जाएगा।