आत्मवत् सर्वभूतेषु यः पश्यति सः पण्डितः !
वैश्विक संकट-काल में आत्म रक्षा के साथ साथ राष्ट्र-धर्म निर्वहन सर्वथा कल्याणप्रद है ! हमारा प्रथम कर्तव्य है कि हम भारतीय औदार्य-पारमार्थिकता को क्रियात्मक बनाएँ ! साधनहीनों के प्रति संवेदनाएं अधिक तीव्रतर होनी चाहिये ! #motivation
ज़रा-सा तुमसे क्या आगे बढ़ा हूँ
तुम्हारी आँख में चुभने लगा हूँ ?
तुम्हारे क़द से क़द तो कम है मेरा
तुम्हारी सोच से लेकिन बड़ा हूँ
तुम्हें फ़ुर्सत कहाँ है देखने की
तुम्हारे सामने कब से खड़ा हूँ
मिरा विस्तार है मेरे बदन में
अगन, आकाश, जल, मिट्टी, हवा हूँ
~आलोक 🤗 #NewProfilePic
भीतर से ख़ालिस जज़बाती और ऊपर से ठेठ पिता
अलग अनूठा अनबूझा सा इक तेवर थे बाबू जी
कभी बड़ा सा हाथ खर्च थे कभी हथेली की सूजन
मेरे मन का आधा साहस आधा डर थे बाबू जी
- आलोक श्रीवास्तव ☘️ @AalokTweet#HappyFathersDay2020#HappyFathersDay
पिता का कोई एक दिन नहीं होता, हो ही नहीं सकता. ये सारा जीवन जिनके कारण है, जीवन में उनका ‘एक दिन’ हो भी कैसे सकता है ? वे हों न हों :
मुझे मालूम है उनकी दुआएँ साथ चलती हैं,
सफ़र की मुश्किलों को हाथ मलते मैंने देखा है.
~आलोक ☀️ #FathersDay
Why God Why??😭 I have never been So disturbed by Death of any other celebrity....But it feels like a personal loss 😥😥
#SalimKhan#JusticeForSushantSinghRajput
#KanganaRanaut exposes the propaganda by industry arnd #SushantSinghRajput's tragic death &how the narrative is spun to hide how their actions pushed #Sushant to the edge.Why it’s imp to give talent their due &when celebs struggle with personal issues media to practice restraint
@AalokTweet अपनी फ़ितरत में ही कब थी, लफ़्ज़ों की लच्छेदारी,
लेकिन आप कहाँ समझे थे, दिल की बात इशारों से ?
मन में पीड़ा, आँख में आँसू, कभी-कभी ज़ख़्मों के फूल,
ऐसे तोहफ़े ख़ूब मिले हैं, अवसरवादी यारों से.
~आलोक श्रीवास्तव l @AalokTweet
ज़रा सा तुमसे क्या आगे बढ़ा हूँ,
तुम्हारी आँख में चुभने लगा हूँ ?
तुम्हारे क़द से क़द तो कम है मेरा,
तुम्हारी सोच से लेकिन बड़ा हूँ.
- आलोक श्रीवास्तव | @AalokTweet