मोबाइल चोरी की शिकायत लेकर छात्र पुलिस के पास गया था..पुलिस ने छात्र से कथित तौर पर
अभद्रता की है..!
कानून के रखवालों पर से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है..पिछले कुछ सालों में पुलिस ने खुद को हीरो नहीं विलेन के तौर पर प्रस्तुत किया है -
आखिर क्यों पुलिस का रवैया इतना असंवेदनशील होता जा रहा है..क्या कारण हो सकता है..?
दिल्ली (कनॉट प्लेस)
क्या देश में आपात काल लग गया है?
देश की राजधानी में खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है एक राष्ट्रीय पार्टी CPI (M) के कार्यालय में बिना अनुमति @DelhiPolice कैसे घुस गई?
अरे चोर उचक्के बलात्कारी चंदा चोर पकड़ना है तो @BJP4India के ऑफिस में जाओ।
"हमारे स्पष्ट 3 सवाल हैं सरकार से-
1. लाठियां, टियर गैस, गोली चलाने का आदेश किसने दिया?
2. सिविल ड्रेस में मौजूद गुंडे कौन थे?
3. गिरफ्तारी और एफआईआर नहीं होंगे ये एश्योरेंस देने के बाद अपने वादे से सरकार क्यों मुकरी?" - अंजली
After a youth's murder in Saharanpur, UP, Family members, along with local residents, staged a highway protest by placing the teenager's body on the road, demanding the arrest of all the accused. The protest turned violent and police resorted to a lathi charge and beat women protesters.
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
सुनिए जुनैद के पिता की पुलिस ने कैसे प्रतारित किया, खाना खाने बैठे जुनैद के पिता तभी पुलिस थाने उठा ले गई!
सवाल जवाब किए दो बेटे हैं 8 बेटियां जुनैद वकालत पढ़कर जज बनने की तैयारी कर रहे हैं, बिना किसी वजह पूछताछ के नाम पर उत्पीड़न, घर के दस्तावेज मंगवाना और पूरे परिवार को परेशान करना, क्या यही है कानून है?
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मुझे करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
TIMES NOW Confronts Satyam Pandit
Who gave the protesters the right to attack police, media personnel, and RAF?... I have no regret about what I have done; I am proud of my actions: Satyam Pandit, who assaulted protesters tells @priyanktripathi
दाल मंडी चौड़ीकरण के नाम पर मुसलमानों को घर से बेघर करने की साजिश है!
ये सिर्फ़ मुसलमानों की नहीं बल्कि लोकतंत्र की भी हत्या है!
मेरा कहना बस इतना ही है कि ज़ुल्म ज्यादा दिन चलता याद रखना अल्लाह सब देख रहा है ☝️