सरकार द्वारा अदालत को बताए का सार शायद यही है कि वांगचुक की हालत जबरिया हस्तक्षेप करने जैसी चिंताजनक नहीं है यानी वे चाहें तो अनशन जारी रख सकते हैं ?किसी के पास जवाब नहीं है कि आंदोलन सरकार के ख़िलाफ़ है तो निशाने पर राहुल क्यों हैं ?श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/oNEMGCz5ba
अयोध्या में उजागर हुए घोटाले के प्रथम दृष्टया दोषी तो वे लोग हैं जो करोड़ों हिंदुओं की निश्चल आस्थाओं के रथ पर सवार होकर सत्ता में पहुँचे हैं !अतः हिसाब सिर्फ़ मंदिर के चढ़ावे का ही नहीं बल्कि सरकार के पूरे कामकाज का मांगा जाना चाहिए।श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/MQfLtb4FiB
जो हमसे ‘टकराएगा ? यह News तो प्राप्त होना ही थी :”The ED conducted searches at the corporate offices of the Anil Agarwal-led Vedanta Group in Delhi and Mumbai.The raids were said to be part of an ongoing investigation into alleged violations under the FEMA.”आगे-आगे देखते जाइए !!
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के रातों-रात उदय और युवा संस्थापक के भाग्योदय की कहानी क्या उतनी ही ‘स्वस्फूर्त’ और ‘इनोसेंट’ है जितनी दिख रही है ? या उसकी कड़ियाँ सत्ताओं,दलों और नेताओं को गिराने-स्थापित करने के षड्यंत्रों से जुड़ने वाली हैं ? श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/TbWsEChsoU
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ क्या ‘एक्सीडेंटल’ उत्पत्ति है या किसी ऐसी योजना का हिस्सा है जिसमें अमेरिका में बैठकर भी नागरिकों को घरों में ही डिजिटली उत्तेजित करके सरकार अस्थिर की जा सकती हैं और स्थापित विपक्ष को अविश्वसनीय बनाया जा सकता है? श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/EgQdvPCjyr
इस समय जो कुछ चल रहा है बताता है अच्छे दिनों की शुरुआत तो कभी हो ही नहीं पाई, बुरे से बदतर दिनों की ज़रूर होती नज़र आ रही है।संकट की स्थिति नहीं बदली तो क्या होगा यह भारत की ज़मीन पर कहने के बजाय मोदीजी ने नीदरलैंड की ज़मीन का चयन किया।श्रवण गर्ग का आलेख : https://t.co/6uKE3siASv
पीएम की अपील का जनता पर कोई असर हुआ है ऐसा नज़र आता है क्या ?अगर नहीं हुआ है तो क्या पीएम के कहे पर जनता का यकीन कम हो गया है ? संकट गंभीर है और कोविड काल की तरह नागरिक उनके ‘मन की बात’ नहीं सुनते हैं तो मोदी का अगला कदम क्या होगा ? श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/XNroOqpQLK
क्या जनता को किसी ऐसे नए कोविड काल में धकेला जा रहा है जिसकी कोई वैक्सीन कभी तैयार ही नहीं हो पाएगी ?खाड़ी युद्ध के ढाई महीने बाद पीएम बता रहे हैं कि संकट कितना बड़ा है और क्या-क्या त्याग करना चाहिए ! क्या जनता पीएम का कहा मान लेगी ? श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/KNZlDkNgpm
यूपी के बरेली में एक गरीब औरत ने एक अमीर औरत से 1200 रुपए उधार लिए थे
लौटा नहीं पाई
अमीर महिला ने गरीब महिला को 5 थप्पड़ जड़ दिए और कहा “1200 का राशन खाके पैसे देने के लिए इधर उधर कर रही है”
मजबूरी और गरीबी का यह मतलब तो नहीं की पैसे वाली आंटी हाथ चलाने लगें
📍उप्र बरेली
ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने का प्रमाण दो.
सर्टिफिकेट बनवाना गरीब जीतू के लिए पहाड़ चढ़ने सा था, उन्होंने आसान रास्ता चुना.
जीतू ने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और कंधे पर कंकाल को लादकर बैंक पहुंच गए. इस दौरान जीतू 5 किलोमीटर ऐसे ही चलते रहे. रास्ते में जिसने भी ये देखा, वो स्तब्ध रह गया.
सोचिए.. अपने देश में ये है गरीबी का हाल, 19,300 रुपए के लिए लोग ऐसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं.
फिर आएंगे न्यूज एंकर जो चिल्लाएंगे कि हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं... सॉरी, अब तो छठवीं अर्थव्यवस्था हो गए हैं.
ये है असल भारत
राघव चड्ढा के नेतृत्व में हुई ‘आप’ की विध्वंसक परिणति का श्रेय किसे दिया जाना चाहिए ?बीजेपी को जो एक-एक करके सभी क्षेत्रीय दलों को निगल रही है या केजरीवाल की अहंकारी महत्वाकांक्षाओं को जिसके चलते लगभग सारे संस्थापक नेता पार्टी से बाहर हो गए ?सुनिए बातचीत : https://t.co/Hi7P4OudiT
बीजेपी की इस बात में गहरी रुचि है कि जनता और मीडिया ईरान-अमेरिका युद्ध में लगा रहे और इस बीच 5 राज्यों के चुनाव मोदी की जीत के जश्न में बदल दिए जाएं।देश की असली लड़ाई तो केरल,बंगाल,असम में चल रही है और नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं।श्रवण गर्ग की बातचीत : https://t.co/nsng5N7cII
ट्रम्प के सहयोगियों के इस्तीफे शुरू हो गए हैं। उनके आरोप हैं कि इसराइल के दबाव में ट्रम्प ने ईरान पर हमला किया है।इजरायली दबाव के ख़िलाफ़ मोदी के नज़दीकियों के भी इस्तीफ़े होंगे कि नहीं ? या नागरिकों को ही अपने इस्तीफ़े देना पड़ेंगे ? श्रवण गर्ग की बातचीत: https://t.co/8uIrS3YJPu
इसराइल जब ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा था मोदीजी ‘फ़ादरलैंड’ में ही थे।मोदीजी के ‘मदरलैंड’ पहुंचते ही तेहरान पर हमला हो गया।पूछा जाना चाहिए: मोदीजी को हमले या तैयारियों की जानकारी थी कि नहीं ? ईरान में रह रहे दस हज़ार विद्यार्थियों/भारतीयों को बाहर निकालने के लिए क्या किया गया ?