Letter No. 875, 1564, 1881** के बावजूद आज तक न्याय नहीं मिला। लेबर कोर्ट, ओरमांझी थाना और जसीडीह थाना के चक्कर काटते-काटते मैं आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुका हूँ। आरोपी स्वयं को भाजपा के एक बड़े नेता का भाई बताकर प्रभावशाली होने का दावा करता है।
Letter No. 875, 1564, 1881** के बावजूद आज तक न्याय नहीं मिला। लेबर कोर्ट, ओरमांझी थाना और जसीडीह थाना के चक्कर काटते-काटते मैं आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुका हूँ। आरोपी स्वयं को भाजपा के एक बड़े नेता का भाई बताकर प्रभावशाली होने का दावा करता है।
मासूम चेहरा, निगाहें फरेबी
लबों पे हंसी और दिल में दगा है.
मिले दोस्त जिसको यहां तेरे जैसा,
उसे दुश्मनों की जरूरत ही क्या है
Sayoni Ghosh भाजपा में शामिल हो गई।
दिल उदास हैं.., विपक्ष को कमजोर पड़ते हुए देखकर
और दूसरी तरफ गर्व हैं @RahulGandhi की मजबूती को देखकर!
एक शब्द है जिसकी बहुत अहमियता है "डॉक्टर "
आपके दिल मे एक विशेष समाज के लोगो के प्रति जो नफरत है, वहाँ ये शब्द मर्यादित नहीं.. ये मानसिकता समाज के लिए खतरा पैदा कर सकती है...
@CISFHQrs#tusharmehta पर एक विशेष करवाई की मांग....
देश मे आज़ादी की 77वी सालगिरह पर भी जश्न सिर्फ सरकारी दफ़्तरो मे बैठे छोटे बड़े अफसर ही जश्न मना पाते है..
ये लाखो गरीब - मज़दूर परिवार को गरीबी, बेरोजगारी, और पेट की भूख ने कैद कर रखा है...
भूखे पेट हर् घर तिरंगा कोई कैसे लहराएगा..?
#HappyIndependenceDay#77thindependanceday
"दोषमपि गुणवति जने दृष्ट्वा गुणरागिणो न खिद्यन्ते।
प्रीत्यैव शशिनि पतितं पश्यति लोकः कलङ्कमपि।।"
अर्थात - "चंद्रमा के धब्बे को भी लोग प्रेम से देखा करते हैं । गुणवान के गुण देखकर गुणानुरागी खिन्न नहीं होते ।"
#FridayThoughts
मजहब बेनाम हो जाए तो सुकून मिले~२
हरि खुदा में खुदा हरि में है ये बात आम हो जाए तो सुकून मिले,
नजर का उठना कुछ कहना लाज़िम है~२
हर नजर पाक हो जाए तो सुकून मिले,
चांद तारे सूरज आसमान सब के सब सांझे हैं~२
इंसान इंसान का हो जाए तो सुकून मिले.....
पर्दा आँखों से हटाने में बहुत देर लगी,हमे दुनिया नजर आने में बहुत देर लगी,नजर आता है जो,वैसा नही होता कोई शख्स,खुद को ये बताने में बहुत देर लगी ।।
#अनजान_ख्याल