SSP मेरठ की After Conference सुन के आपके होस उड़ जाएंगे 😢😢
कोई अधिकारी इतना निर्लज कैसे हो सकता है?
सामान्यतः प्रेस कॉन्फ्रेंस ऑब्जेक्टिविटी के साथ होती हैं, यहां लगता है SSP खुद को राजा समझ बैठे हैं।
वीडियो में समझाने की कोशिश की है।
She became a politician showing her tears for her daughter, and now that Ratna Debnath became an MLA and is in power, she started talking like a politician on the Baruipur rape case.
Shameful.
“राम मंदिरातून १४०० कोटी रुपये जेव्हा चोरी होतात त्यावर आम्ही बोलायचं नाही? आम्ही यावर बोललो तर आम्ही धर्मविरोधी?
समजा सध्या देशात इतर कोणाचं सरकार असतं आणि राम मंदिरात चोरी झाली असती तर, आरएसएस, भाजप, विश्व हिंदू परिषदेने काय केलं असतं? मोर्चे काढले असते, आंदोलन केली असती ते राजकारण नाही?”
- मा. राजसाहेब ठाकरे
#MNSAdhikrut
A video from Bangladesh, in which a man allegedly had his genitals severed by his wife, is being falsely shared as showing a Kerala father attacked by his daughters.
The video is not from Kerala, and the viral sexual abuse narrative is false.
राहुल गांधी जी 5 नवंबर 2023 को केदारनाथ दर्शन करने गए जहां उनकी मुलाकात "मौनी बाबा" से हुई
मौनी बाबा लगातार 11 वर्षों से मौन व्रत पर थे, तो राहुल गांधी जी कागज – कलम से लिखकर संवाद हुआ..!
राहुल गांधी जी मौनी बाबा की कुटिया में गए, जहां उन्होंने बाबा के साथ बैठकर सादगी से भोजन किया..!
बाबा ने लिखकर बताया कि राहुल गांधी उन्हें बहुत शालीन और जमीन से जुड़े बताया ( डाउन टू अर्थ )
राहुल गांधी जी मौनी बाबा के साथ बिताए पल का वो वीडियो "भय मन का वहम है" लिखकर साझा किया..!
राहुल गांधी जी ये दौरा पूरी तरह आध्यात्मिक था, कांग्रेस के संगठन को पता भी नहीं था राहुल गांधी जी केदारनाथ आने वाले हैं.....!
मैं आपके सामने RTI के कुछ दस्तावेज और लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र रख रहा हूं।
ये दस्तावेज साबित करते हैं कि कैसे मर चुके लोगों के अंगूठे लगाकर ग्राम सभाओं के प्रस्ताव प्रस्तावित किए गए।
कुछ उदाहरण देखिए 👇
⦁ बृजभान सिंह जी की मृत्यु 2014 में हुई, लेकिन 2021 में उनसे अनुमति ली गई
⦁ फुलेश्वरी सिंह जी की मृत्यु 2018 में हुई, इनसे सहमति 2021 में ली गई
⦁ जग बंधन सिंह गोंड जी की मृत्यु 2015 में हुई, लेकिन इनका अंगूठा 2021 में लिया गया
⦁ चंद सिंह जी की मृत्यु 2017 में हुई, लेकिन 2021 में इनकी अनुमति ली गई
इन सबसे अलग एक और उदाहरण है- सुमारू सिंह जी और सोनमती सिंह जी का। ये सिंगरौली कोल ब्लॉक के खिलाफ डेलिगेशन लेकर नेता विपक्ष राहुल गांधी जी से मिलने दिल्ली आए थे।
लेकिन BJP सरकार का फर्जीवाड़ा देखिए कि इनका अंगूठा भी ग्राम सभा के प्रस्ताव में मौजूद है।
साफ है कि BJP सरकार में मरे हुए लोगों को जिंदा दिखाकर, फर्जी ग्राम सभाओं के जरिए आदिवासियों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
: @INCAdivasi के चेयरमैन @VikrantBhuria जी
📍 दिल्ली
We are in the Endgame against India’s Thanos.
But we have a Captain — the only leader who can assemble all the real-life Avengers to fight back.
They already hold the six Infinity Stones:
• Power Stone — Control of central agencies
• Mind Stone — Narrative dominance through media & IT cells
• Reality Stone — Polarisation that bends facts
• Space Stone — Electoral machinery & alliances
• Time Stone — Command over timing and institutions
• Soul Stone — The ultimate “sacrifice” of democratic norms for one vision of “balance”
Yet the real power belongs to the people.
The time has come — India must Assemble.
For justice. For dignity. For a better tomorrow.
#IndiaAssemble #India2029
@INCIndia@RahulGandhi@priyankagandhi@kcvenugopalmp@ShuklaRajiv@revanth_anumula@DKShivakumar@nsui@IYC@TOIIndiaNews@TheLallantop@IndianExpress@the_hindu
अहंकार देखो SSP पांडे का . "सड़क तुम्हारे पिता की नहीं- सड़क गंदी कर दी "! ऐसे महानुभाव निकल रहे हैं Civil Services से? ये हिम्मत धार्मिक जुलूस में सड़क जाम और गन्दा करने वालों पर क्यों नहीं दिखाई देती . पुलिस में ऐसी सामंती सोच की कोई जगह नहीं!
मेरठ में दलित प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) पहुंच गया है। इस संबंध में की गई शिकायत पर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपना वक्तव्य जारी किया। उन्होंने मामले में उच्चस्तरीय जांच और समुचित कार्रवाई की मांग की है।
I strongly condemn the police assault on protesting Dalits in Meerut yesterday. False FIR’s are now being framed on the activists who were present at yesterday’s protest. This clearly exposes the casteist attitude of the UP police and BJP government.
#meerut@TOIIndiaNews@PTI_News@ANI@IndianExpress
मेरठ में दलित छात्रा की हत्या से गुस्साए लोग संविधान के दायरे में रहकर न्याय की मांग कर रहे थे। लेकिन पहले से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी के साथ SSP द्वारा मारपीट की गई।
एक तरफ दलित बेटी की हत्या, दूसरी तरफ न्याय मांगने वालों पर पुलिस की सख्ती.. क्या यही कानून का राज है? अगर जनता अपनी आवाज़ भी नहीं उठा सकती, तो लोकतंत्र का अर्थ क्या रह जाता है?
भाजपा सरकार जवाब दे.. आख़िर पुलिस का डंडा अपराधियों पर चलेगा या न्याय मांगने वालों पर?