समस्तीपुर, लखीसराय खगड़िया से भी बड़े संख्या में समाज के लोग बेगूसराय पहुंच रहे हैं कल महान किसान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती जी के पुण्यतिथि के कार्यक्रम में
मोतिहारी से आ रहे हैं बेगूसराय पुर्व मंत्री योगेंद्र पांडे जी के सुपुत्र राजु पांडे जी। स्वामी सहजानंद सरस्वती जी के पुण्यतिथि कार्यक्रम में।
दिनकर भवन टाउन हॉल में भूमिहार नेता आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यक्रम है आयोजित।
बिहार के राजनीति के पिछले 35 वर्षों से एक पक्ष बने श्रीमान लालू प्रसाद यादव जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। लालू यादव की यह बात मुझे बहुत पसंद है कि भूमिहार से दोस्ती हो या अदावत पूरे दिल से किए।
गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र के विकास पुरुष, पूर्व मंत्री स्व. योगेन्द्र पाण्डेय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
स्व. योगेन्द्र पाण्डेय जी ने अपना संपूर्ण जीवन जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया। इनके बेटे राजू पांडे अभी राजद के बड़े नेता है।
गिरफ्तारी के बाद रात में अभी जैसी सूचना आ रही है थाना में ना ले जाकर वहां से कहीं अलग ले जाया जा रहा है। जातिवादी खेल अगर होती है तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। #Muzaffarpur_Police#muzaffarpur
जब कोई अपराध नहीं है तो परेशान क्यों कर रहा है भूमिहार लड़कों को प्रशासन?
मुजफ्फरपुर जिले के सिकंदरपुर थाना प्रभारी दुखी महतो स्थानीय राजनीति के षड़यंत्र में समाज के एक उभरते समाजसेवी युवा को फंसाना चाहती है कुछ अनहोनी भी हो सकती है। जब कोई मामला शिवम ठाकुर पर नहीं है जब कुछ मिला नहीं है घर से तो गिरफ्तारी क्युं? @MuzaffarpurPol3 1/1
बिहार में खासकर राजनीति में होम्योपैथिक इलाज के लिए मशहूर आदरणीय सुपर सीएम सर ललन बाबू। एक बार नंबर लग जाने के बाद ईलाज दस साल बाद भी शुरू हो सकता है।
जय महादेव, जय बिहार
आप ठीक समझ रहे हैं पोस्ट का मतलब। जीवन दान दिए हैं तो ऐसे छोड़ देंगे किसी को?
😃 बेचारे सीएम साहब इस पोस्ट को देखने के बाद ठीक से सो नहीं पाएंगे 😃 वैसे अखिलेश यादव को अब बिहार का रुख करना चाहिए तेजस्वी यादव और राजद सुधरेगा नहीं 27 के बाद ही सही इनको बिहार में बड़ा एक्सटेंड करना चाहिए।
कुशवाहा लड़कों के लक्षण को देखते हुए अब दया आ रहा है सम्राट चौधरी पर। बढ़िया है इन लोगों ने सिर्फ तेजस्वी यादव की लंका नहीं लगाया अब सम्राट चौधरी के भी लगाने पर तुल गया है। बिल्कुल इसी तरह सम्राट चौधरी को उनकी जाती सपोर्ट करते रहे 🤣
सम्राट युग का बिहार में शुभारंभ। नव बिहार के लिए शुभकामनाएं। अठावले की हड्डी जरुर तोड़ना सीएम सम्राट चौधरी, अगर अठावले फिर से बोधगया पर कब्जा की बात किया तो।
एक नीट छात्रा को न्याय मिला नहीं, दुसरे के लिए संघर्ष शुरू 😭 गृह मंत्री रहते फेल साबित हुए सम्राट चौधरी अब देखते हैं मुख्यमंत्री रहते क्या कर पाएंगे? ओपनिंग शर्मनाक शर्मनाक शर्मनाक 😭😭😭 अपराधियों के हौसले बुलंद 😭
लगभग अब पक्की खबर है पुर्व भाजपा नेता आदरणीय सुधीर शर्मा जी का भी जल्द राजनीतिक वनवास खत्म होने जा रही है। सीएम सम्राट चौधरी लंबी पारी खेलने के जुगत में।
वर्तमान दौड़ में चर्चा में चल रहे पुज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी से R&D मु... गल पुत्रों की जलन स्वाभाविक है। उन्होंने एक भूमिहार समाज के लड़के के सवाल के जवाब में बोला कि तुम इन सारे लोगों के पिता श्री हो। वह लड़का को भरोसा नहीं हो रहा था फिर भी पूछ लिया बार-बार पूछा तो उन्होंने कहानी बनाकर बोला। इस मामले में परम पूज्य आदरणीय शंकराचार्य जी के प्रतिनिधि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के समर्थन में, और देश और धर्मद्रोहियों के बारे में और कुछ नहीं बोलेंगे वह धर्म का झंडा उठाए हुए हैं किसी प्रकार की दलाली नहीं करते हैं विचार और सदाचार से विश्व में उनके जैसा कोई बढ़िया नहीं है। उनका विरोध करने वाला भारत देश और धर्म का विरोधी है।
इस तस्वीर में अनंत सिंह की कोई गलती नहीं है जो आदमी दे रहा है उसे भूमिहार समाज के लोगों के द्वारा जूता से पीटना चाहिए। भले वह कितना भी शिक्षित संस्कारी और किसी भी jhtt बली प्रकार के परिवार से हो। अनंत सिंह तो दिल का ईमानदार आदमी है वह तो रामधारी सिंह दिनकर का नाम सही से नहीं ले सकता लेकिन जब मन होता है ताकत से आवाज उठा देता है। लेकिन ऐसा चोट्टा जो अपने फायदा के लिए जाकर ऐसा किया दिनकर जी का नाम डूबा दिया उसको सच में जूता से पीटना चाहिए और उस व्यक्ति के पास पोस्ट पहुंचा दीजिए। दिनकर के वंशज को चाहिए जिस आदमी ने ऐसा कुकृत्य किया है उस पर बहुत भयानक मुकदमा दर्ज करें। जाति से निकलने की भी पेशकश होनी चाहिए इस हरा......जादे को। मैं फिर कह रहा हूं अनंत सिंह की कोई गलती नहीं। हमारे आराध्य देशवासियों के एकमात्र राष्ट्रकवि के साथ ऐसी नीचता पूर्ण हरकत उनके नाम पर संस्थान बनाकर करने की कोई कैसे कर सकता है और उसे कैसे छोड़ दिया जाए?
कपार्टी कौन हो इस बात से कोई मतलब नहीं, जिसके पिता ने नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिस पर आज अमित शाह भाषण दे सकते हैं तो उसके बेटे के साथ नक्सलियों के विरुद्ध लड़ाई में साथ है। मिस्टर ओसामा तुम आगे बढ़ते रहो चिंता मत करना कभी तुम हारोगे नहीं अपने पिता की तरह। तुम्हें सभी जन प्रिय लोगों का समर्थन सदैव रहेगा। मुंह नहीं खोलना चाहते हैं लेकिन नक्सली आज किधर है वह सभी को पता है। जिसके पिता को कोई सरकार बिना अपने कब्जे में लिए कुछ कबर नहीं सका उसके बेटे को घंटा कर लेगा। हमें किसी प्रकार की दूसरी कहानी हिंदू मुस्लिम से कोई लेना देना नहीं है जो नक्सली के खिलाफ था खास कर 90 के दौर में उसके साथ हम तो रहेंगे।
अत्यंत दुखद समाचार, धरहरा स्टेट (वैशाली) के महान दानी व स्वतंत्रता सेनानी बाबू लंगट सिंह की चौथी पीढ़ी, सात बार लोकसभा सांसद स्मृतिशेष बाबू दिग्विजय नारायण सिंह के बड़े पुत्र अलख नारायण सिंह (87 वर्ष) का आज उनके पैतृक निजी आवास धरहरा स्टेट में हृदय गति रुकने से निधन हो गया।बिहार के इतिहास में यह नाम अमर है — धरहरा परिवार। बाबू लंगट सिंह — जो 1851 में धरहरा के एक अत्यंत गरीब परिवार में जन्मे, रेलवे लाइनमैन के रूप में जीवन शुरू किया, लेकिन अपनी लगन, साहस और दूरदर्शिता से तिरहुत-वैशाली के सबसे बड़े दानी बन गए। उन्होंने 1899 में लंगट सिंह कॉलेज (तत्कालीन भूमिहार ब्राह्मण कॉलेज) की नींव रखी — उत्तर बिहार का पहला कॉलेज, जहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आचार्य जे.बी. कृपलानी, रामधारी सिंह दिनकर जैसे महापुरुष पढ़े और पढ़ाए। महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह की रूपरेखा इसी कॉलेज परिसर में तैयार की थी।इसी परिवार ने मुजफ्फरपुर में लगभग 500 एकड़ जमीन (खरबों की संपत्ति) दान कर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU), लंगट सिंह कॉलेज और मोतीझील स्थित बी.बी. कॉलेज समेत दर्जनों शिक्षा संस्थानों को जन्म दिया। सैकड़ों अस्पताल, प्रखंड कार्यालय, थाना और सार्वजनिक भवन इसी परिवार की दानशीलता की देन हैं। दलित, महादलित, अतिपिछड़े वर्गों को भी सैकड़ों एकड़ जमीन दान देकर सामाजिक न्याय की मिसाल कायम की।बाबू दिग्विजय नारायण सिंह ने इस विरासत को राजनीति में आगे बढ़ाया — मुजफ्फरपुर, वैशाली, हाजीपुर, पुपरी से 7 बार लोकसभा सांसद रहे। कांग्रेस से जनता पार्टी तक, बिहार की राजनीति में उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।अलख नारायण सिंह ने इसी महान परंपरा को संभाला — सादगी, सेवा और पारिवारिक मूल्यों के प्रतीक बनकर। 87 वर्ष की आयु तक उन्होंने धरहरा स्टेट की गरिमा और परिवार की लोकसेवा की ज्योति को जलाए रखा।आज बिहार ने एक सच्चे दानी, शिक्षाप्रेमी और समाजसेवी को खो दिया है।धरहरा स्टेट परिवार को यह अपूरणीय क्षति हुई है।ओम शांति।
श्रद्धांजलि। बाबू लंगट सिंह की विरासत अमर रहे।
अलख नारायण सिंह जी को सादर नमन।जय बिहार।
धरहरा स्टेट परिवार को गहरी संवेदना।