#mpadhyapak
कर्मचारी के वेतन-पेंशन की बात आती है तो,
जनता पर बोझ लगता है?
शिक्षक कर्मचारी देश की सेवा में सर्वस्व झौंक देता है,
उनके लिए तरह तरह की दलीलें दी जाती हैं?
पक्ष विपक्ष के MLA-MP माननीय अपने वेतन वृद्धि के नाम पर एक हो जाते हैं!
यह दोहरा मापदंड क्यों?
#mpadhyapak
कर्मचारी के वेतन-पेंशन की बात आती है तो,
जनता पर बोझ लगता है?
शिक्षक कर्मचारी देश की सेवा में सर्वस्व झौंक देता है,
उनके लिए तरह तरह की दलीलें दी जाती हैं?
पक्ष विपक्ष के MLA-MP माननीय अपने वेतन वृद्धि के नाम पर एक हो जाते हैं!
यह दोहरा मापदंड क्यों?
#mpadhyapak
कर्मचारी के वेतन-पेंशन की बात आती है तो,
जनता पर बोझ लगता है?
शिक्षक कर्मचारी देश की सेवा में सर्वस्व झौंक देता है,
उनके लिए तरह तरह की दलीलें दी जाती हैं?
पक्ष विपक्ष के MLA-MP माननीय अपने वेतन वृद्धि के नाम पर एक हो जाते हैं!
यह दोहरा मापदंड क्यों?
#mpadhyapak
कर्मचारी के वेतन-पेंशन की बात आती है तो,
जनता पर बोझ लगता है?
शिक्षक कर्मचारी देश की सेवा में सर्वस्व झौंक देता है,
उनके लिए तरह तरह की दलीलें दी जाती हैं?
पक्ष विपक्ष के MLA-MP माननीय अपने वेतन वृद्धि के नाम पर एक हो जाते हैं!
यह दोहरा मापदंड क्यों?
#mpadhyapak
कर्मचारी के वेतन-पेंशन की बात आती है तो,
जनता पर बोझ लगता है?
शिक्षक कर्मचारी देश की सेवा में सर्वस्व झौंक देता है,
उनके लिए तरह तरह की दलीलें दी जाती हैं?
पक्ष विपक्ष के MLA-MP माननीय अपने वेतन वृद्धि के नाम पर एक हो जाते हैं!
यह दोहरा मापदंड क्यों?
#mpadhyapak
कर्मचारी के वेतन-पेंशन की बात आती है तो,
जनता पर बोझ लगता है?
शिक्षक कर्मचारी देश की सेवा में सर्वस्व झौंक देता है,
उनके लिए तरह तरह की दलीलें दी जाती हैं?
पक्ष विपक्ष के MLA-MP माननीय अपने वेतन वृद्धि के नाम पर एक हो जाते हैं!
यह दोहरा मापदंड क्यों?
#mpadhyapak
बदलाव अनिवार्यता के पहियों पर लुढ़कता हुआ नहीं आता बल्कि निरंतर संघर्ष से आता है। इसलिए हमें अपनी पुरानी पेंशन के लिए निरंतर संघर्ष करना चाहिए तब तक जबतक स्वयं OPS का लाभ लेने वाले जनप्रतिनिधि कर्मचारियों को भी इसका लाभ प्रदान न कर दें।
#mpadhyapak
एक ख्वाहिश है
कुछ ख्वाब हकीकत हो जाए,
उम्र 60 बरस होने से पहले,
NPS.....#OPS हो जाए।
यूँ ना कारगुज़ारी रखिये,
थोड़ी सी खुद्दारी रखिये ।
मिल ना पाए तो भी क्या है,
अपनी कोशिश जारी रखिये।
#mpadhyapak
होंगे बूढ़े दवाएं चलेंगी,दिए बुझाने हवाएं चलेंगी।
तब जरूरी पैसा होगा,न होगी पेंशन तो कैसा होगा।
ऐसा भी मुमकिन कोई न संभाले,औलाद जाने कब घर से निकाले।
जेबें सब खाली होगी,न कोई माली होगा।
तब याद आएगा,नौकरी से बेहतर रोजगार करते।
पुरानी पेंशन जिन्दाबाद।
#mpadhyapak
कर्मचारियों के हितों की सुध लेते हुए पुरानी पेंशन सर्वप्रथम राजस्थान सरकार द्वारा दी जाने वाली है।
देखना है की अगला राज्य कौन सा है जो कर्मचारियों के हित में नई पेंशन बंद कर पुरानी पेंशन देने की घोषणा करता है।
#mpadhyapak
जिस राष्ट्र में ब्रह्मा समान गुरुवर की अकाल मृत्यु पश्चात मृतक की विधवा को मानवीय आधार पर मिलने वाली अनुकम्पा नियुक्ति को नियमों का हवाला दे प्रदान न कर, उनके मुह से निवाला छीन दर दर की ठोकरों हेतु छोड़ दिया गया हो क्या ये व्यवस्था उचित है?
#mpadhyapak
बदलाव अनिवार्यता के पहियों पर लुढ़कता हुआ नहीं आता बल्कि निरंतर संघर्ष से आता है। इसलिए हमें अपनी पुरानी पेंशन के लिए निरंतर संघर्ष करना चाहिए तब तक जबतक स्वयं OPS का लाभ लेने वाले जनप्रतिनिधि कर्मचारियों को भी इसका लाभ प्रदान न कर दें।
#mpadhyapak
पूरे देश के सरकारी कर्मचारी जिस पुरानी पेंशन के हकदार है जिस पुरानी पेंशन से सदियों से कर्मचारी बुढ़ापे में अपना सम्मानजनक जीवन यापन करते आये है।
उस सम्मान और पुरानी पेंशन के अधिकार को बन्द कर स्वयम राजनेता दो-दो पेंशन लाभ उठाये क्या ये उचित है?
#mpadhyapak
राजस्थान के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की बहाली की बधाई हो।
1 जनवरी 2004 और उसके बाद नियुक्त हुए समस्त कार्मिकों के लिए आगामी वर्ष से पहले की तरह पेंशन योजना लागू की गई।
आशा है मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी भी पुरानी पेंशन की सौगात अतिशीघ्र प्रदान करेंगे।
#mpadhaypak
देश में जब 2005 के बाद जनप्रतिनिधि NPS के स्थान पर OPS का लाभ ले सकते है।
तो 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को OPS की जगह NPS क्यों दी जा रही है?
या तो जनप्रतिनिधि स्वयं OPS के स्थान पर NPS का लाभ ले या स्वयम की भांति कर्मचारियों को भी OPS लाभ दें।
#mpadhyapak
हम सोये नहीं कई रातों से,ये चिंता सभी के मन मे है।
हमें नींद उसी दिन आएंगी,मिल जाए जब OPS हमें।
जीत की बस जूनून चाहिए,जिसमे उबाल हो ऐसा खून चाहिए।
आसमा भी आएगा जमी पर,बस इरादों में जीत की गूँज चाहिए।
नेता देखें स्वार्थ अपना, तुम भी देखो अपना।
#OPS