6 मिनट में पहुंची #Blinkit एम्बुलेंस, बची बुज़ुर्ग महिला की जान।
दिल्ली से सामने आई एक सच्ची घटना इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। एक युवक ने #LinkedIn पर बताया कि उनकी दादी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। घबराहट के उस पल में परिवार ने Blinkit ऐप के जरिए एम्बुलेंस बुक की।
हैरान करने वाली बात यह रही कि Blinkit की एम्बुलेंस मात्र 6 मिनट में मौके पर पहुंच गई। मेडिकल स्टाफ ने तुरंत दादी की जांच की, जरूरी प्राथमिक उपचार दिया और उनकी हालत को स्थिर किया। कुछ ही मिनटों में उन्हें होश आ गया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित अस्पताल ले जाया गया।
इस पूरी सेवा के लिए परिवार से कोई शुल्क नहीं लिया गया, बल्कि स्टाफ ने टिप लेने से भी साफ मना कर दिया। यह अनुभव परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।
यह घटना बताती है कि तकनीक और मानवीय संवेदना जब साथ आती हैं, तो हर सेकंड ज़िंदगी बचा सकता है। 🚑💙
मशहूर मुक्केबाज़ #marrykom जब रजत शर्मा के शो ‘आप की अदालत’ में अपने पति को लेकर जिस तरह की बातें करती दिखीं, उसे देखकर एक सवाल उठता है।
क्या यही वजह थी कि पहले बुज़ुर्ग महिलाएँ ज़्यादा आज़ादी देने से हिचकिचाती थीं?
20 साल की शादी और तीन बच्चों के बाद, यह बात सामने आती है कि मैरी कॉम ने अपने पति के ‘सफल करियर’ न होने को एक कारण बताया।
जबकि दूसरी तरफ़ सच्चाई यह भी है कि ओलंपिक की तैयारी के दौरान उनके पति ने अपना फुटबॉल करियर छोड़ दिया, बच्चों की ज़िम्मेदारी संभाली और उनका पूरा साथ दिया।
ऐसे में सवाल उठता है—जहाँ त्याग और सहयोग था, वहाँ श्रेय के बजाय ‘निकम्मा’ जैसे शब्द क्यों?
यह मुद्दा सिर्फ़ एक रिश्ते का नहीं, बल्कि उस सोच का है जहाँ पर्दे के पीछे खड़े सहयोग को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
#Thread #Marry
मंत्री रेखा आर्य के पति द्वारा खुलेआम बिहार की लड़कियों की बोली लगाने पर बीजेपी चुप रहती हैउल्टा विरोध करने पर दलित अपमान का झूठा केस। एक आरोपी केखिलाफ बोलना दलित अपमान है?बीजेपी राजनीति स्वार्थ में दलित के लिए नफरत फैला रही है।