ब्राह्मण नहीं खुद दलित जातियाँ हीं आरक्षण सुधार की माँग को लेकर सड़क पर उतर चुकी हैं।
SC आरक्षण में वर्गीकरण की माँग को लेकर महाराष्ट्र में बहुत बड़ा आंदोलन चल रहा है।
पूरी संभा��ना है कि जल्द SC वर्गीकरण किया जाएगा।
ये कुछ दलित समुदाय SC वर्गीकरण की मुहिम को लीड कर रहे हैं।
🔰 दक्षिण भारत में - मदिगा समुदाय
🔰 मध्य भारत में - मतंग समुदाय
🔰 उत्तर भारत में - मांझी व वाल्मीकि समुदाय
दलित तबके के इन वंचित समुदायों को इनकी आबादी अनुपात में हिस्सेदारी दिए जाने की माँग का मैं समर्थन करता हूँ। इसी से बाबसाहेब अम्बेडकर की सामाजिक न्याय की मुहिम सफल होगी। 🙏
Note : वीडियो आज की है, ���हाराष्ट्र की है।
Credit : Mohit Bharat
No mainstream media coverage.
No outrage on social media.
No tears from the so-called activists.
Because the kid is a General Category Brahmin. And they still say there is no caste discrimination!
मोदी एक्ट की सुंदरता यही है कि कोई व्यक्ति यदि किसी ब्राह्मण सभा में बैठ कर दलितों के लिए इन्हीं शब्दों का प्रयोग कर रहा होता तो @narendramodi व्यक्तिगत रूप से अपने घर में पिघलाए लोहे से बनी हथकड़ियाँ ला कर बाँध लाते। पर आप सवर्ण हो तो माँ-बहन की गालियाँ सुनो, नवबौद्धों द्वारा हर दिन अपने देवी-देवताओं को गालियाँ देते देखते रहो। मोदी जी चाय पीते रहेंगे।
BJP ने रासुका में जेल से बाहर निकलवाया !!
BJP ने पोलिटिकल पार्टी बनवाई !!
BJP ने सांसद बनवाया 200 करोड़ का बंगला दिया Y+ सिक्योरिटी दी !!
2 साल से मेरी FIR नहीं होने दी बीजेपी !!
Thankyou @AmitShah 😂
निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने आरक्षण और SC/ST एक्ट को लेकर ब��़ा बयान दिया है।
संजय निषाद ने कहा कि इस देश में जानवरों के लिए भी कानून बने हैं और अलग-अलग जातियों के लिए भी एक्ट है। इसी तरह सवर्ण समाज के लिए भी कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जाति के आधार पर चुनाव लड़ने के लिए सीट आरक्षित हो सकती है, तो सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए भी चुनाव लड़ने के लिए कुछ सीटें आरक्षित होनी चाहिए।
इसके बाद उन्होंने कहा कि जो लोग पहले से आरक्षण का लाभ पा चुके है, उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए। उसी जाति के झोपड़ी में रहने वाला गरीब व्यक्ति को आरक्षण का लाभ मिले, सं��न्न व्यक्ति को इससे बाहर रखा जाए।
@AnilYadavmedia1 अरे मेरे तूचिये चाचा, आरक्षण नहीं है का मतलब ये भी तो है कि वो सभी जातियों के लिए बराबरी से खुला हुआ है, और पूरे देश में ही मेडल लाने वालों की संख्या कम है?
ज्यादा दिमाग न लगाइए चचा, वरना खर्च हो जायेगा पूरा।
I'm so sorry for this tweet. He is a biggest Dogla.
Now he has aligned himself with Swara Bhasker, who mocked Rajput women and made offensive remarks about 'Jauhar'.
What a shameless man;
Gautam Gulati addressing pain of general category on a public platform 🚨🙏
Young guy - Students life is very tough nowadays
Gautam - Not all students, but majority ones. A child unaware of castes and categories grows up with friends from every community. Later he appears in an exam after 12th, he gets to know his cutoff is 90 percentile while the cutoffs of his friends are much lower than his.
He feels ashamed of being left out, couldn’t clear an exam for which he wasted all his young age. Now he has hatred against the nation, system, laws and his peers. That’s how society is turning talented kids into villains.”
Hats off, Gautam Gulati. How perfectly he described the struggle of GC and to do this on live TV takes so much guts 🔥
तो इंदिरा साहनी वाले निर्णय में यह स्पष्ट किया गया था कि पायलट से ले कर कोई भी ऐसा क्षेत्र जहाँ प्रतिभा से समझौता मृत्यु को आमंत्रण है, या देश की बर्बादी का बिगुल, वहाँ आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। शोध, मेडिकल-इंजीनियरिंग या अन्य तकनीकी विषयों के सुपर स्पेशियालिटी, प्रोफ़ेसर्स के पद के लिए, रक्षा सामग्री बनाने के लिए दिए पदों में आरक्षण ना दिया जाए।
यानी, जजों ने स्वयं मा��ा है कि आरक्षण पाने वाले गुणवत्ता को घटाते हैं।
जब व्यक्ति पूजा में दीपावली मनाई जाने लगे तो दीया नहीं जलाने वाले के हिन्दुत्व का सर्टिफिकेट छीन लिया जाता है। आज जिन हिन्दुओं ने सिंहासन दिया, वही राजद्रोही हो गए हैं।
We are ready to hit the streets, agitate & fight for the human rights, dignity & to uphold the values of our constitution & protect citizens against the unfair provision in the SC-ST ACT that presumes guilt.
We demand a preliminary inquiry!!
Vote here: 👇 @OGTeamBharat