@RealShrutiSIAS ऊँची नीची जाति मनुवाद और हिंदू धर्म की देन है। और ये भेदभाव सांप के जहर से भी अधिक जहरीला है। इससे समाज का सिर्फ विनाश ही हुआ है, हो रहा है और होता रहेगा। इसलिए मानव को जाति धर्म से दूर ही रहना चाहिए।
@RealShrutiSIAS भारत में सिर्फ ब्राम्हणों के साथ होने वाली घटनाओं /दुर्घटनाओं को ही भारत का या देश का मुद्दा कहा जाता है। अन्य किसी के साथ होने वाली घटनाओं /दुर्घटनाओं को सिर्फ जातीय मुद्दा कहा जाता है।
@RealShrutiSIAS Right
इनको समानता रास नहीं आ रही। ये जानवर को माता व हनुमान कह सकते हैं परंतु इंसान को इंसान कह कर ���म्मान देने में इनकी श्रेष्ठता कम हो जाती है। ये तो इंसान को कटुआ मुल्ले नीच शूद्र इत्यादि कहकर व धार्मिक स्थलों पर धक्का मुक्की कर अपमानित करने में इनको कोई संकोच नहीं होता है।
@harshitambedkar right
जाति धर्म का भेदभाव ऊँचनीच छुआछूत करने वाले समाजों के लोगों से समझदार शिक्षित बहुजन बहनों बेटियों बहुओं एवं महिलाओं को या तो शेरनी बन कर रहना चाहिए या फिर दूर ही रहना चाहिए।
@MukeshB34417280@ashokgehlot51 दोषियों को खोज खोज कर भर्ती से बाहर करके जेल में डाला जाए। निर्दोष,ईमानदार और मेहनतकश आम बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए। भर्ती को रद्द करके मेहनतकश व ईमानदार बेरोजगारों को आत्महत्या के लिए मजबूर न किया जाए।
जामिया एवं जेएनयू के छात्र देशद्रोही नहीं यूपीएससी टॉपर होते हैं यहां के प्रोफ़ेसर क्रांतिकारी भी पैदा करते हैं और प्रशासक भी इसलिए इन युनिवर्सिटी का नाम सुनते ही गोलवलकर एवं सावरकर के वैचारिक खेमे में बेचैनी और मायूसी छा जाती है! यूपीएससी टॉपर को बधाई