READY FOR 6th JUNE...
Armed with nothing but PEACE & LOVE
Use of force if any, must not be from our side! Even if it means Jail...
HAR EK KO ZINDAGI MEI EIK BAR JAIL JANA CHAHIYE
NOT FOR A CRIME BUT FOR A CAUSE...!
Sonam Wangchuk
#CockroachJantaParty#CJP#SonamWangchuk
नोएडा के दलालों से हमदर्दी रखने वाले कुछ खुफिया दलाल बोल रहे हैं कि इसमें इनका क्या कसूर है, मीडिया मालिकों को बोलो।
ये तो वही बात हो गई कि आतंकी का क्या कसूर है, उसके संगठन के मुखिया को बोलो।
नोएडा मीडिया में काम करने वाला हर छोटा बड़ा दलाल भारत का दुश्मन है।
No Mercy !
मै पिछले एक दशक से @anjanaomkashyap जी का पंखा रहा हूं। उनके कुछ गौरवशाली क्षण मेरे पास दर्ज हैं। आइए आपको थ्रेड में दिखाता हूं। 🧵
1. अमेरिका में डिप्लोमेट स्नेहा दुबे द्वारा 'पहली फुर्सत में यहां से निकल' वाला पल हमेशा टॉप पर रहेगा।
An investigative reporting which should've been done by a mainstream media house was done by a 17 year old boy. Our godi media is busy protecting the people in power.
> Ashwini Vaishnaw says India isn't far behind US and China in AI race
> Nirmala Sitharaman says, Rupee is doing absolutely fine at 95
> Nitin Gadkari says no vehicle damage and performance issue due to ethanol blending
> NTA says, NEET-UG paper didn't leak, only few questions were out
Only thing worse than not solving the problems is not acknowledging the problem, and our country is run by such ministers and bureaucrats only.
Dangerous Fake news by Minister of Parliamentary Affairs and Minister of Minority Affairs @KirenRijiju
Here is @AltNews fact check:
https://t.co/kwNH1QOrdj
@TajinderBagga@AkasaAir@agoda Hamare desh ki airlines se agar itni problems hai toh Dubai se PIA ki flight lekar Karachi chala ja chappal chor.
Ye naya Hindustan hai, yahan aisa hi system chalega 🇮🇳🇮🇳🐅🐅 🫡
I know you are desperately trying to hack the account but since you have failed to do so. Let me share the real data.
Why would you call 94% of Indian youth as Pakistanis?
Sure Paaji
You are asking for which leader- Bhagwant Mann? Who gave you Rajya Sabha seat?
For your info- Bhagwant Mann gave 5 guarantees and fulfil more than that
Further pls increase your Rajya Sabha attendance from sub 20% and ask Questions regarding Punjab
Will wait for your question on Punjab’s RDF from Narendra Modi
Be a Man and Punjabi
Modi deserves to be humiliated everywhere he goes.
He has not given a single press conference in 12 years since he became the Prime Minister. He fails to fulfill the basic transparency and accountability requirements of being a leader.
I would like to encourage foreign journalists from other European countries to ask him questions wherever they see him, just like @HelleLyngSvends did. Embarrass him so much that he is forced to show some accountability in front of people. You will be doing great service for India’s progress.
माननीय CJI ने जब कॉकरोच वाला कमेंट किया तो लाखों युवा नाराज हो गए। लेकिन उसके बाद उन्होंने सफाई दी है कि वो तो फर्जी डिग्री वालों को कॉकरोच बोल रहे थे।
अब एक बूढ़ा उनसे नाराज हो गया।
अखिलेश जी, आइये तेल दामों की क्रोनोलॉजी समझते हैं:
> मोदी सरकार ने 2014 में कार्यभार संभालते ही पेट्रोलियम उत्पादों की सब्सिडी बिल्कुल खत्म कर दी, जिससे LPG और डीजल आम उपभोक्ता के लिए महंगे हो गए।
> 2015-16 में मोदी खुद को किस्मतवाला बताते थे कि उनके आने के बाद कच्चे तेल की कीमत $30 प्रति बैरल से भी नीचे गिर गई है। लेकिन उस वक्त भी उन्होंने दाम पड़ोसी देशों से ऊपर रखे। पेट्रोल और डीजल औसतन ₹59 और ₹46 तक बना रहा।
> 2016 से 2019 के बीच कच्चा तेल $65-70 प्रति बैरल रहा और पेट्रोल और डीजल औसतन ₹70 और ₹66 तक बना रहा।
> 2020 में कोरोना की आड़ लेकर तेल के दामों में केंद्रीय टैक्स अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिए गए, हालांकि कच्चे तेल की कीमतें गिरती रहीं और लॉकडाउन में तो $20 प्रति बैरल भी आ गिरी। पेट्रोल और डीजल औसतन ₹84 और ₹76 तक बना रहा।
> 2021 में जब कच्चा तेल वापिस से $65-70 की पुरानी रेंज में आया तो हमें बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल उछाल ले रहा है। इसलिए अक्टूबर 2021 में पहली बार पेट्रोल ₹100 पार कर गया और डीजल ₹90 पार कर गया। हालांकि कच्चे तेल की ये कीमतें 2019 के बराबर ही थी। लेकिन कोरोना के बहाने टैक्स का पहाड़ ऐसा खड़ा कर दिया गया कि 2019 के मुकाबले एक्साइज ड्यूटी लगभग 30 रुपए ज्यादा बढ़ा दी गई थी।
> 2022 में रूस यूक्रेन युद्ध की आहट से कुछ महीने कच्चा तेल $100 प्रति बैरल क्रॉस कर गया। सरकार ने कुछ महीने बड़ा एहसान जताया कि हम एक्साइज ड्यूटी ₹8 कम करके रिटेल प्राइस नहीं बढ़ने देंगे। लेकिन दिसंबर 2022 तक क्रूड वापिस से $70-75 की रेंज में आ गया।
> 2023-2025 के बीच हमें बताया गया कि भारत रूस से $25-$30 सस्ता तेल खरीद रहा है। बाजार में कीमत $75-80 थी, लेकिन भारत को $50-55 मिलता रहा। लेकिन फिर भी करिश्माई रूप से पेट्रोल और डीजल का दाम 90 रूपये से ज्यादा बना रहा। गौरतलब है कि 2015 में कच्चे तेल की इस कीमत पर ये दाम 55-60 रूपये था।
> रूस से सस्ते तेल के आयातकों में सबसे बड़ा रिलायंस था, रोजाना 4 लाख बैरल से ज्यादा। इस दौरान रिलायंस ने हजारों करोड़ का मुनाफा कमाया। तेल का शुद्धिकरण करके यूरोप को बेचा गया। यहां तक कि भारत में शुद्धिकरण हुआ तेल नेपाल, भूटान और श्रीलंका में भी हमारे मुकाबले 30 रुपए लीटर सस्ता बिकता रहा।
> सस्ते रूसी तेल का सारा प्रॉफिट अंबानी को और भारत को इसके बदले 2025 में अमेरिका से टैरिफ की सौगात मिली। लेकिन ट्रंप परिवार और अंबानी परिवार की सांझ बहुत अच्छी है, अब यही सैटिंग वेनेजुएला के तेल में शुरू हो चुकी है।
तो अब अगर कोई ये कहता है कि 2022 से 2025 के बीच में तेल के दाम नहीं बढ़े तो भाषा सरकारी है। कायदे से रेट घटने चाहिए थे, हमने अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले ₹30-35 महंगा तेल खरीदा है 3 साल तक।
मोदी कोई महंगाई मई में क्यों याद आई, सबसे गहरा संकट तो मार्च और अप्रैल में था। चुनाव के तुरंत बाद ये माहौल क्यों बनाया जा रहा है?
इज़रायल के चंगुल में फंसकर ईरान की नाराजगी किसने मोल ली है?
ये संकट हमारे ऊपर मोदी ने लादा है और उपरोक्त आंकड़े बता रहे हैं कि जब संकट नहीं था तो मोदी सरकार ने रिलायंस के साथ मिलकर उपभोक्ता को लूटा है।
प्रणाम।