वसुंधरा राजे सिंधिया के गढ़ झालावाड़ में कांग्रेस ने इतिहास रचते हुए अध्यक्ष पद पर राजेश गुर्जर ने जीत दर्ज कर ली है.. राजेश गुर्जर ने बीजेपी के राजकुमार सोनी को शिकस्त दी!
सचिन पायलट का गढ़ कहे जाने वाले दौसा और टोंक दोनों नगर परिषदों में भी कांग्रेस ने बाजी मार ली है.. मयंक गोयल को 17 वोटों से जीते और रेखा गुर्जर 7 वोटों से जीती।
दौसा में भाजपा ने कविता गुर्जर और कांग्रेस ने रेखा गुर्जर पार्षद पर दाव खेला था..
निर्विरोध क्यों बन रहे मेयर-सभापति?
राजस्थान के निकाय चुनावों में संख्या बल के लिहाज से भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला लगभग बराबरी का रहा। लेकिन जैसे-जैसे नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पद के परिणाम सामने आ रहे हैं, तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है। अभी तक की जानकारी के अनुसार 20 से अधिक नगरपालिकाओं में भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, वहीं भरतपुर और भीलवाड़ा नगर निगम में भी भाजपा के महापौर निर्विरोध चुने गए हैं।
इन परिणामों ने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और नेतृत्व के आपसी खींचतान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि गहलोत, डोटासरा और पायलट खेमों के बीच जारी खींचतान का असर अब कांग्रेस के पार्षदों तक दिखाई देने लगा है, जिसके चलते कई जगहों पर कांग्रेस अपने ही जीते हुए पार्षदों को एकजुट रखने में चुनौती का सामना कर रही है।
दिलचस्प बात यह है कि जहां कांग्रेस ने पार्षदों की संख्या के लिहाज से मजबूत स्थिति बनाई, वहां भी नगर निगम की सत्ता उसके हाथ नहीं आती दिख रही, बीकानेर को छोड़कर।
कहते हैं, जब संगठन में तालमेल न हो, नेतृत्व की दिशा स्पष्ट न हो और कार्यकर्ताओं-पार्षदों को संभालने वाला कोई धणी-धोरी न हो, तो फिर ऐसी दुर्गति तो होनी ही है।
देवधाम जोधपुरिया में चल रहे लक्खी मेले के दौरान रेलिंग में करंट आने से हुए दर्दनाक हादसे में एक श्रद्धालु की मृत्यु एवं अन्य कई के घायल होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।
मैं इस हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।