इस दृश्य के गुरुत्व को इस्लामिक आक्रांताओं की हवस पर फ़िदा ‘मानसिक यौनदासियाँ’ कभी समझ नहीं पाएँगी। राजस्थान का कण-कण हमारी माँओं के सतीत्व की कथाएँ कहता है।
राजस्थान की हूँ… क्षत्राणियों के लिए सम्मान क्या है- समझती हूँ।बचपन से जौहर की कहानियाँ सुनते आई हूँ..
जब कोई जौहर को सीधे-सीधे “कायरता” कह देता है, तो बात चुभती है।
आप सहमत मत होइए, सवाल कीजिए, बहस कीजिए… लेकिन बिना पूरा इतिहास समझे वीरांगनाओं के फ़ैसले को कायर कह देना असल में कायरता है।
जौहर एक तरह की शहादत थी. उसके लिये जिगरा चाहिए. उन महिलाओं ने हमें सिखाया कि दुश्मन की गुलाम या दासी बनकर हर रोज मरने से बेहतर है खुद से मौत चुने. गर्व को अपने आप में भरकर.
वो हमारे लिये हमेशा अमर रहेंगी…
उनके साहस, समर्पण और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा 🙏🏻🙏🏻
#जौहर
मैं @ReallySwara को जौहर पर डिबेट की चुनौती देती हूँ।
भयावह क्षणों को एक सस्ती punchline में बदलना आसान है। दरिंदों से घिरी औरतों के सामने मौजूद उस ख़ौफ़ को A.C. Hall में बैठकर कायराना कह देना आसान है।
एक होता है रहमोकरम पर जीना— एक होता आन बान शान से जीना..
रानी पद्मावती और हज़ारों औरतों ने अपनी देह, अस्मिता सम्मान पर आख़िरी फैसला किसी हवसी आक्रांता पर नहीं छोड़ा…
ट्री प्रोटेक्शन एक्ट के नए नियम लागू होने के बाद…
अनुमति लेकर खेजड़ी को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है…
लेकिन काटा नहीं जा सकता…
स्थानांतरण की अनुमति भी केवल तभी मिलेगी जब आपके निर्माण कार्य में बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही हो…
नए नियमों के परिणाम दिखने लगे हैं…!!!