हर मुद्दे पर बेबाकी से आवाज़ उठाएंगे,सरकार किसी की भी हो,हम विपक्ष की भूमिका निभाएंगे,और बिकाऊ मीडिया को भी उनकी औकात बताएंगे..🙏जय श्री कृष्णा🙏अंधभक्त दूर रहे
हमारा वादा नही हमारा इरादा है!
बारा का विकास और हर घर की खुशहाली हमारी जिम्मेदारी!!
आपका भाई आपका बेटा
श्री अजय भारती मुन्ना भईया
पूर्व प्रत्याशी विधानसभा बारा
शिक्षा ही वह शक्ति है जो सपनो को हकीकत मे बदलती है।हर बच्चे को शिक्षित करना हमारा संकल्प हमारा मिशन!
शिक्षा से बनेगा सशक्त समाज, समाजवाद से होगा देश का विकास!
इसलिए एकदम शिक्षा की ओर मिशन -2027
श्री अजय भारती मुन्ना भईया
पूर्व प्रत्याशी विधानसभा बारा
गगन यादव एक यदुवंशी योद्धा है कोई गुंडा नहीं।
हमारे नेता को जब तक रिहा नही किया जाएगा हम यादव चुप नहीं बैठने वाले।
श्री गगन यादव को रिहा करो
#justiceforgaganyadav@igaganindia
प्रिय दर्शकों एवं पाठकों,
दरअसल वही मीडिया और पत्रकारिता लोकतांत्रिक होती है जो लोक या जनता की आवाज़ नीचे से ऊपर तक पहुँचाती है। ऐसी स्वतंत्र पत्रकारिता का सत्ता से ‘जिसका दाना-उसका गाना’ वाला संबंध नहीं होता है। ऐसा जर्नलिज्म सत्ता से सवाल भी पूछता है और जन-जन की समस्या और अपेक्षा के लिए, जनता की गुहार-पुकार का मंच भी बनता है और जन आकांक्षाओं की पूर्ति न होने पर सरकार का आलोचक भी। अंततः ऐसी बेबाक पत्रकारिता को ही दर्शक सराहता है, जिसमें साधन-संसाधन की भले कमी होती है लेकिन सत्य और विश्वसनीयता की नहीं।
कुछ मेन स्ट्रीम मीडिया चैनल में चाटुकारिता, पत्रकारिता का पर्यायवाची बन गयी है। ऐसे पथभ्रष्ट मीडिया चैनल पर उनके दर्शक तक विश्वास नहीं करते हैं। सत्ता से नालबद्ध संबंध रखनेवाले, ऊपर से आये और सत्ता द्वारा बनाये गये समाचारों को नीचे पहुंचाने वाले ऐसे चापलूस लोग दरअसल मीडिएटर हैं, मीडिया नहीं। जिसमें संगीत, नाटकीयता, ग्राफ़िक्स, सेट डिज़ाइन आदि की दिखावटी भूमिका ज़्यादा ज़रूरी होती है क्योंकि तत्व और तथ्य के स्तर पर इनमें इन बाहरी सजावटी तत्वों और सनसनी के अतिरिक्त और कुछ भी ठोस आंतरिक तत्व नहीं होता है। टीआरपी की प्रतिस्पर्धा को इसीलिए व्यंग्यात्मक अर्थ में ‘तत्व रहित पत्रकारिता’ के रूप में भी उल्लेखित किया जाता है।
जो सरकार से न करे सवाल, समझ लो वो नहीं है पत्रकार। उसके वाचन और लेखन में न करो विश्वास और न ही अपना समय बर्बाद।
आपका अखिलेश
"भारतीय जनता पार्टी घबराई हुई दिख रही है क्योंकि उनके पास महंगाई का जवाब नहीं है, नौकरी रोजगार नहीं है। पहली सरकार है जो पाबंदी लगा रही कि इससे ऊपर आप गेहूं नहीं खरीद सकते।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, मैनपुरी
"समाजवादी पार्टी संविधान के तहत आगे बढ़ रही है, जिन्होंने तलवारें लहराई, जिन्होंने गालियां दी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, हम लोग कानून मानने वाले लोग हैं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, आगरा
"जो इतिहास हमें आगे ना बढ़ाता हो, जो हमारे आपके बीच में दूरियां पैदा करता हो, उस इतिहास को इतिहास ही रहने देना चाहिए। क्योंकि इतिहास में बहुत सारी ऐसी चीज है कुछ आपको अच्छी नहीं लगेगी, कुछ मुझे अच्छी नहीं लगेगी।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, आगरा
"मनमानी का दौर अब नहीं चलेगा क्योंकि अब बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी का संविधान है, संविधान ही सर्वोपरि रहेगा, पहले भी था और आगे भी रहेगा।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, आगरा
"वस्त्र से कोई योगी नहीं हो सकता, विचार से योगी हो सकता है। इस लोकतांत्रिक देश में डंडे की बात करेंगे आप? जो खुद ही अंडा है वह डंडे की बात तो करेंगे।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी