#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो#ढंग_की_पूजा_करो
♦️ कांवड़िए शिवलिंग में जल चढ़ाने के लिए कांवड़ लाते हैं जबकि संक्षिप्त गरुडपुराण, धर्मकांड प्रेतकल्प, अध्याय 38, पृष्ठ 565 में लिखा है "देवता कभी काष्ठ और पत्थर की शिला में नहीं रहते।" अब विचार करो कांवड़ लाने और शिवलिंग में
#ब्रह्माकुमारीपंथ_का_पर्दाफाश
शिव, सदाशिव और शिवलिंग को लेकर ब्रह्माकुमारी पंथ की मान्यता क्या है? जानने के लिए देखिए वीडियो 'Brahma Kumaris Panth Exposed', सिर्फ Factful Debates यूट्यूब चैनल पर।
Om Shanti Panth Exposed
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#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो
क्योंकि कांवड़ यात्रा, जिसका न गीता में वर्णन
और न वेद में; इसलिए शास्त्र विरुद्ध साधना है और गीता अध्याय 16 श���लोक 23 के अनुसार शास्त्र विरुद्ध से साधना से कोई लाभ नहीं होता।
जबकि गीता अध्याय 17:23 में पूर्ण परमात्मा की भक्ति
#GodMorningTuesday
#ढंग_की_पूजा_करो
क्योंकि शिव हैं जन्म-मृत्यु में; जिसका प्रमाण श्रीमद्देवीभागवत, स्कंध 3, अध्याय 4-5 में है। जबकि गीता जी अध्याय 15 श्लोक 17 के अनुसार उत्तम पुरुष, पूर्ण परमात्मा यानी असली शिव तो अविनाशी है जो सर्व का धारण पोषण करने वाला है।
#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो
#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो#ढंग_की_पूजा_करो
कांवड़ लाने का प्रमाण न गीता में है और न वेद में और न परमात्मा प्राप्त संतों की वाणी में। इसलिए यह एक शास्त्र विरुद्ध साधना है और इस बारे में श्रीमद्भागवत महापुराण, स्कन्ध 5, अध्याय 26, श्लोक 15 म���ं भी लिखा है l🙏🌹🌹🙏
#GodMorningTuesday#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो
कांवड़ से पाप ही प्राप्त होते हैं, पुण्य नहीं। क्योंकि सावन में सबसे ज्यादा जीव उत्पन्न होते हैं जिससे कांवड़ के लाने में सबसे ज़्यादा जीव मरते हैं।
कबीर, तीर्थ कर कर जग मुवा, ऊड़ै पानी न्हाय
रामहि राम ना जपा, काल घसीटें जाय ।।
#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो
कांवड़ यात्रियों को अक्सर बम-बम बोलते हुए देखा जा सकता है यानी उन्होंने शिव जी का मूल मन्त्र छोड़ मनमाना मंत्र प्रारंभ कर दिया; जिसका न गीता में वर्णन है और न वेद में; इसलिए यह एक शास्त्र विरुद्ध साधना है
#ढंग_की_पूजा_करो
#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो
कांवड़ यात्रियों को अक्सर बम-बम बोलते हुए देखा जा सकता है यानी उन्होंने शिव जी का मूल मन्त्र छोड़ मनमाना मंत्र प्रारंभ कर दिया; जिसका न गीता में वर्णन है और न वेद में; इसलिए यह एक शास्त्र विरुद्ध साधना है।
#ढंग_की_पूजा_करो h
#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो
शिव जी को हम समाधि लगाए हुए देखते हैं यानी शिव जी से अधिक शक्ति युक्त भगवान कोई और है जिनकी शिव जी को भी तलाश है। वह वास्तव में पूर्णब्रह्म है।
#ढंग_की_पूजा_करो
#गुड्डा_गुड्डी_का_खेल_बंद_करो#ढंग_की_पूजा_करो
♦️ शिव जी हैं जन्म-मृत्यु में; जिसका प्रमाण श्रीमद्देवीभागवत, स्कंध 3, अध्याय 4-5 में है। जबकि गीता अध्याय 15 श्लोक 17 के अनुसार उत्तम पुरुष, अर्थात अविनाशी पूर्ण परमात्मा तो अन्य है जो सर्व का धारण पोषण ��रने वाला है।
#ProphetMuhammad_NeverAteMeat
जीव हनै हिंसा करे, प्रकट पाप सिर होय।
निगम पुनि ऐसे पाप ते, भिस्त गया ना कोय।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि जींस हिंसा करने से पाप ही लगता है। ऐसा महापाप करके ���िस्त (स्वर्ग) कोई नहीं गया। तो फिर हे भोले मानव फिर ऐसा महापाप क्यों करता है।
Allah Kabir
#ProphetMuhammad_NeverAteMeat
जीव हनै हिंसा करे, प्रकट पाप सिर होय।
निगम पुनि ऐसे पाप ते, भिस्त गया ना कोय।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि जींस हिंसा करने से पाप ही लगता है। ऐसा महापाप करके भिस्त (स्वर्ग) कोई नहीं गया। तो फिर हे भोले मानव फिर ऐसा महापाप क्यों करता है।
Allah Kabir
#ProphetMuhammad_NeverAteMeat
जीव हनै हिंसा करे, प्रकट पाप सिर होय।
निगम पुनि ऐसे पाप ते, भिस्त गया ना कोय।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि जींस हिंसा करने से पाप ही लगता है। ऐसा महापाप करके भिस्त (स्वर्ग) कोई नहीं गया। तो फिर हे भोले मानव फिर ऐसा महापाप क्यों करता है।
Allah Kabir
#ProphetMuhammad_NeverAteMeat
जीव हनै हिंसा करे, प्रकट पाप सिर होय।
निगम पुनि ऐसे पाप ते, भिस्त गया ना कोय।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि जींस हिंसा करने से पाप ही लगता है। ऐसा महापाप करके भिस्त (स्वर्ग) कोई नहीं गया। तो फिर हे भोले मानव फिर ऐसा महापाप क्यों करता है।
Allah Kabir
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जीव हनै हिंसा करे, प्रकट पाप सिर होय।
निगम पुनि ऐसे पाप ते, भिस्त गया ना कोय।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि जींस हिंसा करने से पाप ही लगता है। ऐसा महापाप करके भिस्त (स्वर्ग) कोई नहीं गया। तो फिर हे भोले मानव फिर ऐसा महापाप क्यों करता है।
Allah Kabir
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जीव हनै हिंसा करे, प्रकट पाप सिर होय।
निगम पुनि ऐसे पाप ते, भिस्त गया ना कोय।
परमात्मा कबीर जी कहते हैं कि जींस हिंसा करने से पाप ही लगता है। ऐसा महापाप करके भिस्त (स्वर्ग) कोई नहीं गया। तो फिर हे भोले मानव फिर ऐसा महापाप क्यों करता है।
Allah Kabir