🔱 ॐ नमः शिवाय 🔱
जगत के पालनहार, आदि-अनादि, अनंत और देवों के देव महादेव की कृपा से ही समस्त सृष्टि संचालित होती है। 🙏
जिनके जटाजूट में माँ गंगा, मस्तक पर अर्धचंद्र और कंठ में नागराज विराजमान हैं, वे करुणामूर्ति भोलेनाथ माँ भवानी सहित हम सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें। 🌺
"नमामीशमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपम्।" ✨
॥ हर हर महादेव ॥ 🔱
॥ ॐ नमः शिवाय ॥ 🙏
Thank you, uncle, for this wisdom.
अमीर बनो। अमीर नहीं बन सकते हो तो Attractive बनो।
अगर Attractive नहीं बन सकते, तो Intelligent बनो।
Intelligent नहीं बन सकते, तो Confident बनो।
Confident नहीं बन सकते, तो Disciplined बनो।
क्योंकि अमीर पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है।
खूबसूरत दिखना भी हमारे हाथ में नहीं है।
हर किसी का IQ भी एक जैसा नहीं होता।
लेकिन...
सुबह समय पर उठना,
अपना वादा निभाना,
हर दिन मेहनत करना,
और बिना बहाने के लगातार आगे बढ़ना — ये सब हमारे हाथ में है।
Discipline वो आखिरी हथियार है जो हर इंसान को मिला है.
और अगर इंसान आखिरी हथियार भी इस्तेमाल न करे, तो फिर जिंदगी को बदलने का कोई option नहीं रहता.
अब ये आपके ऊपर है कि आप Discipline चुनते हैं या Excuses.
दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मोहित ने छात्रों के समर्थन में अपना इस्तीफा दे दिया।
NEET पेपर घोटाले के खिलाफ जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज के आदेश से दुखी होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
मोहित जंतर मंतर पहुंचकर बोले, “भाइयों को लाठी नहीं मार सकता।”
हेलो @DelhiPolice
ये अभिषेक ठाकुर नाम का लफ़ंगा और इसके चिलांडू लोग जंतर मंतर में घूम घूम के छात्रों को पीट रहे है
प्लीज थोड़ा ध्यान इसकी तरफ़ देके इसकी जांघिया खसका के इसका पृष्ठ भाग बेबी पिंक कलर का कर देते तो बड़ी कृपा होती।
हनी डागर को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह जाट हैं, या इसलिए क्योंकि उसने कोई नियम तोड़ा? पहले यह तय कर लीजिए।
NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विरोध का मुद्दा कुछ लोगों ने "Student vs Police" और अब "जाट vs Student" बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर ऐसे पेश किया जा रहा है मानो Honey Dagar ही दिल्ली पुलिस का Commissioner हों और लाठीचार्ज का आदेश भी इसने ही दिया हो। वही बीजेपी वाले हनी को हीरो की तरह पेश कर रहे ताकि गुस्साए छात्र हनी डागर के साथ कोई अनहोनी करदे और पेपर लीक का सारा मुद्दा ही भटक जाये।
अगर सवाल उठाने हैं, तो सही सवाल उठाओ।
दिल्ली पुलिस के Commissioner अनुराग कुमार हैं। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी Special CP (Law & Order) Devesh Chandra Srivastava और Madhup Tiwari जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के पास होती है। इनकी जाति निकाल कर इनको निशाना बना लो क्योंकि आदेश तो लाठीचार्ज के इन लोगों ने ही दिए है।
दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। धर्मेंद्र प्रधान के साथ साथ अमित शाह से भी इस्तीफा मांग होनी चाहिए क्योंकि जो बर्बरता छात्रों के साथ हुई है,उसकी जवाबदेही इसकी ही होनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस के Standing Order No. 51 (Uniform Regulations of Delhi Police) के अनुसार ड्यूटी के दौरान नेम प्लेट और निर्धारित पहचान पहनना अनिवार्य है।
साथ ही, डी.के. बसु मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि जनता से संपर्क करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट और दिखाई देने वाली होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए।
अगर किसी पुलिसकर्मी ने बिना स्पष्ट पहचान या बिना निर्धारित वर्दी के कार्रवाई की है, तो सवाल यह होना चाहिए कि उसे ऐसा करने का आदेश किसने दिया? यह प्रशासनिक जवाबदेही का विषय है, न कि किसी व्यक्ति की जाति का। लेकिन कुछ लोगों ने हनी डागर का पता निकाल कर सोशल मीडिया पर डाल दिया और अब उसको,उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी मिल रहीं है।
अगर कल को हनी के साथ कोई घटना घट जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
सरकार हर आंदोलन में यही चालें चलती है ताकि लोगों को मुद्दों से भटकाया जाये और इनका काम कुछ लोगों ने views के लिए आसान कर दिया।
लोकतंत्र में सवाल जाति से नहीं, जवाबदेही से होने चाहिए। अगर नियम टूटे हैं, तो जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाए—किसी एक व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर निशाना बनाना न न्याय है, न लोकतंत्र।
#जाट_समाज
@amitkilhor
दोस्तों आज पहली बार विडियो शेयर करने के लिए बोल रहा हूं ये विडियो हर #StudentProtest तक पहुंचा दो।
जिसने खाना नहीं खाया है भूखा है कुछ मदद हो जायेगी।
#संसद_मार्च#cjp_पार्टी । Dharmender pardhan
आखिर यह तानाशाही हुकुमत सुनेगी किसकी बताए तो सही?
छात्रों को बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करके पीटा जा रहा हैं उन आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं, नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी सहित विपक्ष के सांसदो के साथ धक्का-मुक्की कर दुर्व्यवहार किया जा रहा हैं।
यह लोकतांत्रिक देश भारत के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक स्थिति हैं।
स्विगी - जोमेटो के जरिए देश भर से जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेज रहे हैं लोग .
खाना भेजने वाले को नहीं पता कि उनका भेजा खाना कौन खा रहा है और खाने वाले को नहीं पता कि कौन भेज रहा है.
पूरी रिपोर्ट मेरे यूट्यूब चैनल पर
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने कायरता के साथ हमारे नेता राहुल गांधी जी को घसीटा। प्रियंका गांधी जी के साथ बदतमीजी की गई और उन्हें भी जबरन बस में ठूंस दिया।
हमारी मांग साफ है:
• छात्रों पर लाठियां और केस नहीं चलने देंगे
• धर्मेंद्र प्रधान को उनकी कुर्सी पर नहीं रहने देंगे
• प्रधानमंत्री-गृह मंत्री को छात्रों और उनके परिवारों से माफी मांगनी होगी, इस्तीफा देना होगा
जय हिंद, जय कांग्रेस ✊
: @Pawankhera जी
केन्द्र सरकार स्पष्ट करें कि दिल्ली पुलिस के साथ सिविल कपड़ों में लाठी लेकर मौजूद लोग कौन थे? उन्हें किसके आदेश पर कार्रवाई करने और लाठीचार्ज में शामिल होने की अनुमति दी गई?
लोकतांत्रिक देश में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने वाले युवाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का प्रयोग अत्यंत चिंताजनक है। लोकतंत्र में असहमति को बल प्रयोग से नहीं, संवाद से सुना और सुलझाया जाना चाहिए।
देश के युवाओं की आवाज़ लाठियों और आंसू गैस से दबाई नहीं जा सकती।
मैं पुछु कि "तू कौन होता है ये पूछने वाला " तो कैसा लगेगा आपको महाशय - चाटुकारिता में इतने डूबे कि संस्कार भूल गये खेर जब cm तिलमिला रहे हो
Minster तिलमिला रहे हो आप क्यूँ पीछे रहेंगे खामखा number काट जायेंगे ||
चढ़ावा चोरी | paper लीक | पुलों का गिरना | - ऐसा kro इन सब को भी प्राकृतिक आपदा घोषित करदो |
और सुनो modi जी के साथ तस्वीर का मतलब नहीं है कि कुछ भी बत्तमीजी करोगे आगे से हिसाब से लिखना - इससे सलाह नहीं warning समझना | ऐसा 8-10 बार कर चुके इसीलिए!!
सवाल बारिश से नहीं, उस सिस्टम से है जो हर साल पहली तेज़ बारिश में ही डूब जाता है।
अगर हर विफलता का जवाब सिर्फ़ "प्राकृतिक आपदा" है, तो फिर "Smart City" का दावा किस बात का?
जयपुर के विजय शर्मा का परिवार…
विजय शर्मा खुद कोर्ट में LDC के पद पर कार्यरत थे
एयरपोर्ट कॉलोनी में दो मकान, करोड़ों की ज़मीन…
पत्नी गृहणी थी…
एक बेटी आयूषी शर्मा….
और एक मानसिक रूप से विकलांग छोटा भाई…
साल भर पहले विजय शर्मा की मौत हो गई…
पिता के पीछे अनुकंपा नियुक्ति के तौर पर घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी थी…
आयुषी चाहती थी ये नौकरी उसे मिले…
लेकिन नौकरी ले ली आयुषी की माँ ने…
आयुषी ने सात लाख रुपये में भाड़े के क़ातिलों को बुलाया…
अपनी ही माँ का मर्डर करवाया…
और उसे एक्सीडेंट की शक्ल दे दी…
लेकिन पुलिस के सामने चालाकी टिक नहीं पायी…
और सारा मामला खुल गया…
पिता प्राकृतिक मौत मर गए…
माँ को बेटी ने मार दिया…
बेटी जेल चली गई…
अब घर में एक अकेला मानसिक रूप से अस्वस्थ छोटा भाई बचा है…!