सवाईमाधोपुर में चुनाव ड्यूटी के दौरान अपना फर्ज निभाने वाले पुलिस अधिकारी राजेंद्र मीणा जी का हौसला एवं संविधान और नियमों के प्रति निष्ठा देखकर शायद कुर्सी पर जमे कुछ "दरबारियों" को जरूर शर्म आएगी।
कोई तो है खाकी वर्दी वाला, जिसकी वफादारी सत्ता के प्रति नहीं, बल्कि अपने फर्ज के प्रति है।
लेकिन सवाल ये है कि राजस्थान पुलिस इतनी बेबस क्यों हैं? सत्ता के अहंकार में BJP के नेता, कानून के दायरे में अपना फर्ज निभा रहे अधिकारी के साथ हाथापाई और बदसलूकी कर रहे हैं, और पुलिस महकमा तमाशा देख रहा है।
ऊपर से मुख्यमंत्री को फोन लगाने और नौकरी करना भुला देने की धमकी दी जा रही है। एक पुलिस अधिकारी को खुलेआम इस तरह धमकाया जा रहा है। ऐसा लगता है सत्ता का तांडव चरम पर है, और सरकारी तंत्र भी बेबस बना हुआ है।
अगर अब भी इस तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं की, तो याद रखिए.. आज राजेंद्र जी का नंबर है, कल आपका नंबर भी आएगा।
@PoliceRajasthan
"8 बज रहा था या 7 बज रहा था तो वो यहां कैसे आई?" - दरिंदे नंदन यादव का पड़ौसी
यही वो मनुवादी मानसिकता है जिसकी वजह से ऐसे दरिन्दों की हिम्मत होती किसी भी लड़की के साथ कुछ भी करने की।
ये बात गलत है शीला जी सोशल मीडिया पर जोर-जोर से बोलकर सारे प्लानिंग सबको बता दे रहे हो😏🤫🤣
अबकी बार साहब जी के हेलीकॉप्टर को हवा में रोककर AIR एम्बुलेंस को रास्ता देना बाक़ी हैं 😀
कांग्रेस पार्षदों पर बंदूक तानी गई, प्रताड़ित किया गया, डराया, धमकाया, बंधक बनाया गया।
राजस्थान के साथ हर हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने तानाशाही बर्ताव किया।
लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई, तिजारा में कांग्रेस विजयी हुई।
आपने बीजेपी की नौटंकी देखी🤡😂🤡😂
गले में VIP पास है लेकिन बूढ़ी महिला के पास
कुर्सी नहीं है बैठने को।
और सारे बीजेपी के नेता भजिया तलने गए है।
अपने उम्र की बराबर होगी महिला उसको माँ बना दिया।
ये भाजपा का PR स्टंट है।😂😂🤡
BJP की लाखों कोशिश के बाद भी बीकानेर में कांग्रेस का नगर निगम मेयर बना लिया गया।
अध्यक्ष मदन मेघवाल को पीटा गया लेकिन हार नहीं मानी और आज कांग्रेस की जीत ने सब दुख मिटाकर खुशियां भर दीं