रिश्वतखोरी,भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और विश्वासघात।
ये सब नफरत व हिंसा से भरे हुए कायरों के जंग लगे हथियार हैं। 🔥🙏❤️😭
जब कण कण में राम है तो रिश्वत का क्या काम है??
इस सत्य को समझने वाला रत्नाकर डाकू भी महर्षि वाल्मीकि बनकर अमर हो जाता है।
लेकिन अफसोस कि IAS भी 😀😀
@DistrictAdm_Pnp@dipro_panipat@DiprHaryana@NayabSainiBJP@cmohry शुभकामनाएं किस बात की महोदय,
आज के शिक्षक भ्रष्टाचार के कारण बहुत दुखी हैं।
और हद तो तब होती है जब अदालत और प्रशासन के साथ जालसाजी और धोखाधड़ी करने वालों पर कार्रवाई करने में प्रशासन भी समर्थ नहीं है
@DiprHaryana आरटीआई के जवाब मिलते भी हैं तो इस तरह मिलते हैं कि इस कार्यालय में आपके द्वारा मांगा गया रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है यह जवाब किसी और विभाग का नहीं बल्कि खुद तहसील का है। दूसरा प्रार्थना पत्र लेने से इनकार कर दिया गया और ईमेल से भेजे गए प्रार्थना पत्र का जवाब नहीं दिया।
@NayabSainiBJP इसरो की ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा को शत-शत प्रणाम है।
समय की मांग है कि रिश्वतखोरो मिलावटखोरों जालसाजों और भूमाफिया को देशद्रोही आतंकी घोषित किया जाए🙏🙏🙏
@SVBHaryana मेरे संदेश और सबूत देखे जा रहे हैं।
और आशा है कि 2005 में उपायुक्त को फर्जी रिपोर्ट देने वालों सहित अदालत में फर्जी दस्तावेजों को सफल बनाने वाले वकील और जमीन को 40 दिन के अंदर खरीदने वाले रिटायर्ड एसडीओ जिसने 2012 में फर्जी पेट्रोल पंप पट्टानामा बनवाया सभी पर कार्रवाई होगी।।
@SVBHaryana मेरी तो करोड़ों की खानदानी जमीन ही नायब तहसीलदार पटवारी ASIऔर कानुनगो ने अदालती आदेश की आड़ लेकर लूट ली।
जबकि सरकारी रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन होता तो मामला 2003 में ही पलट जाता।
खैर मामला विजिलेंस में है और उम्मीद है कि जल्दी ही कार्यवाही होगी।
@berojagar7711@swag_haryana फोटो खिंचाने में ही मुसीबत है लेकिन सोचो किसान मज़दूर कैसे इसको बड़ा करते हैं।
और राजस्व अधिकारी फिर भी किसानों से विश्वास घात करते हैं।
@SVBHaryana पानीपत की तहसीलें रिश्वत ही नहीं खाती।
झूठे मुकदमे करने वालों की भरपूर मदद भी करती हैं।
सरकारी दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना रजिस्ट्री भी करके और किसान को अदालत व पुलिस का डर दिखाकर दखल भी दिला देती है।