#UGC_Roll_Back पर पिछले 24 घंटे में हड़कंप मच चुका है।
- शुभांकर मिश्रा ने वीडियो बनाया
- सुशांत सिन्हा ने वीडियो बनाया
- Zee न्यूज़ ने DNA शो में दिखाया
- ट्विटर पर लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है
- अब तक कई लाख लोगो ने पोस्ट डाला
- MP निशिकांत दुबे ने सफ़ाई दी
- करनी सेना आंदोलन की तैयारी में जुटी
- अनिल मिश्रा ने वकीलों से मीटिंग की
इधर सवर्ण समाज एकदम एकजुट है। खबर है, मोदी तक यह बात पहुँच चुकी है। 🔥
सिविक सेंस भारतीयों को नहीं कुछ स्पेशल कास्ट , स्पेशल स्टेट के लोगों और स्पेशल मज़हब के लोगों को सीख���ा ज्यादा जरूरी है
#civicsense #Caste #Indian #Reservation #Bihar
Jat, Gujjar, Ahir etc are landlord 'dominant castes' with 'political capital'. There are Brahmins, Khatris, Kayasthas and Baniyas from the same Haryana and it is rare to see them behave in this manner. Rules usually can not be enforced on dominant castes. They can even stab a wagie and get out of jail in 3 to 5 years due to political connections.
Difficult to intervene. In an argument or fight, on-ground majority matters. These guys are usually in groups of 10 to 20, armed, and all of them will fight. Brahmin-Baniya etc groups are smaller, say 5-10 people, and only maybe 1 max 2 will fight.
Numbers, Concentration, Willingness to Fight and their Boomers investing in Political Capital is why these landlords are India's ruling-class.
Thoughts?
"Babasaheb & Deekshabhoomi." ⛩️
"A man who shaped lives of untouchables."❣️
From Columbia to London, entire world gave him respect, but in India, he was untouchable.
Muslim girl, Mehjabeen Khan, highlights the importance of Deekshabhoomi. Must watch.
आरक्षित श्रेणी के लोगों को आयु में छूट,शुल्क में छूट और ये सभी लाभ लेने के बाद भी जब वे अपनी श्रेणी में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते,तब उन्हें अनारक्षित(UR)सीटें चाहिए
आपको अनारक्षित(UR)सीट चाहिए,तो अनारक्षित मानदंडों के अनुसार ही योग्यता प्राप्त करें(बिना किसी छूट के
#Reservation
परसो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया कि एससी/एसटी/ओबीसी अगर सामान्य से ज्यादा नम्बर ले आते है तो वो ओपन कैटेगरी में गिना जाएगा।
श्री अखिलेश यादव जी ने "न्याय हुआ" भी कह दिया। पहली बार मेने निर्णय नही पढा ओर अखिलेश यादव पर विश्वास करके निर्णय की तारीफ कर दी। सोचा था कि अखिलेश यादव जी की टीम में लीगल जानकार होंगे। उन्होंने पढ़ लिया होगा।
कल मेने निर्णय का कुछ भाग पड़ा तब उल्टा मिला क्योंकि;
1.फीस में छूट लेने वाले को सुविधा नही मिलेगी।
2.आयु में छूट लेने वाले को राहत नही मिलेगी।
3.और अब यह कि बार आरक्षण का लाभ ले लिया तो पुनः ज्यादा नम्बर लाने पर भी ओपन कैटेग��ी में नही जाएगा।
समझे मित्रो। लिफाफा देखकर वाह वाही हुई। अंदर झांखकर देखा तो चवन्नी निकली।
ऐसा कौन सा एससी/एसटी/ओबीसी है जो फार्म भरते समय यह ध्यान में रखता है कि;
"फीस में 500 या 600 की छूट ली तो ज्यादा नम्बर लाने पर भी ओपन कैटेगरी में नही जाएगा"
इसलिए एक तरह से पुनः 50% शीट ओपन कैटेगरी की देश के 10 से 15% सामान्य वर्गों के लिए आरक्षित हो चुकी है।
श्री अखिलेश जी से आग्रह है कि अपने शब्द "न्याय हुआ" वापस ले ले और अपनी टीम में लीगल जानकारी रखने वाले लड़को को भी भरे।
विकास कुमार जाटव
आप खुद को योग्य मानते हैं तो general category में फॉर्म भरिए
जब फॉर्��� भरते हुए आप खुद को SC/ST/OBC/EWS बता रहे हैं तो फिर एडमिशन भी उसी कैटेगरी में ��ीजिए
आपको फीस में भी छूट चाहिए,उम्र में भी छूट चाहिए उसके बाद जनरल कैटेगरी की सीट भी चाहिए
#Reservation #ReservationNotARight
परसो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया कि एससी/एसटी/ओबीसी अगर सामान्य से ज्यादा नम्बर ले आते है तो वो ओपन कैटेगरी में गिना जाएगा।
श्री अखिलेश यादव जी ने "न्याय हुआ" भी कह दिया। पहली बार मेने निर्णय नही पढा ओर अखिलेश यादव पर विश्वास करके निर्णय की तारीफ कर दी। सोचा था कि अखिलेश यादव जी की टीम में लीगल जानकार होंगे। उन्होंने पढ़ लिया होगा।
कल मेने निर्णय का कुछ भाग पड़ा तब उल्टा मिला क्योंकि;
1.फीस में छूट लेने वाले को सुविधा नही मिलेगी।
2.आयु में छूट लेने वाले को राहत नही मिलेगी।
3.और अब यह कि बार आरक्षण का लाभ ले लिया तो पुनः ज्यादा नम्बर लाने पर भी ओपन कैटेग��ी में नही जाएगा।
समझे मित्रो। लिफाफा देखकर वाह वाही हुई। अंदर झांखकर देखा तो चवन्नी निकली।
ऐसा कौन सा एससी/एसटी/ओबीसी है जो फार्म भरते समय यह ध्यान में रखता है कि;
"फीस में 500 या 600 की छूट ली तो ज्यादा नम्बर लाने पर भी ओपन कैटेगरी में नही जाएगा"
इसलिए एक तरह से पुनः 50% शीट ओपन कैटेगरी की देश के 10 से 15% सामान्य वर्गों के लिए आरक्षित हो चुकी है।
श्री अखिलेश जी से आग्रह है कि अपने शब्द "न्याय हुआ" वापस ले ले और अपनी टीम में लीगल जानकारी रखने वाले लड़को को भी भरे।
विकास कुमार जाटव
"व्यापार हमारी कुशलता है, और सेवा हमारा धर्म। वैश्य समाज ने हमेशा देश की उन्नति में अपना योगदान दिया है। आइए, हम सब मिलकर अपने समाज की एकता को और मजबूत करें। 💪✨
#व��श्य_समाज #बनिया_समाज #Ekta #BaniyaPride"
@Sjp48420 आवाज़ें किसने उठाई अभी ? हमने ही बीज���पी का नाम लेके । देख लीजिए तीन ट्वीट करे है देख लीजिए
आप तो ना ही बोलियों ये सब तो अच्छा है , हम तो सवाल पूछ भी रहे है , आप तो अपने नेता से वो भी नहीं पूछते आप जो उनके इतने अच्छे चमचे बने हुए है
Rajesh Garg from Laxmi Nagar was dragged,beaten in day light that too in front of @DelhiPolice by Gym Owner Vikas Yadav, Pintu Yadav, Shubham Yadav and their Goons. It is alleged that these Goons own a Thar, a Gym and having good connection with BJP leaders
#DelhiNews#BJP#news
#Delhi के लक्ष्मी नगर में दिन दहाड़े गुंडागर्दी,जहां जाती विशेष के दबंगों ने बाप-बेटे को सड़क पर कपड़े उतारकर पीटा,घटना का CCTV भी सामने आया है
वहीं वारदात की सूचना पर जब Delhi Police मौके पर पहुंची तो दबंग मौके पर मौजूद थे,लेकिन पुलिस दावा कर रही है कि आरोपी फरार है
#news#live
@AstroCounselKK समस्या स्ट्रिक्टनेस की है
फ्री राशन मिल रहा है उनमें ��े 50 % बेच देते है
करोड़पति कई सारी पैसे वाली सुविधा का फायदा ले रहे है,गरीब के लिए बनी है,गरीब को पता भी नहीं है ऐसे कोई सुविधा भी है
एक बांग्लादेशी के पास 10 , 10 आधार कार्ड है
अगर स्ट्रिक्टनेस होती है ये सब चीजे सही होती
CALM DOWN BROTHER
The movie portrays the Baloch people fighting for freedom,we know that the Baloch people are not against India. It was just one gangster, who betrayed the Baloch freedom fighters for his selfish political cause.
#BalochYouthRejectsBYC#Dhurandhar#Dhurandhar2
हर चीज़ को जाति के चश्मे से देखना बंद करें,इन्हीं 'बनिया कैपिटलिस्ट्स' ने देश के लाखों युवाओं को रोज़गार दिया है,अगर ये प्लेटफॉर्म्स नहीं होते तो क्या आप उन वर्कर्स को नौकरी देते?
व्यापार कुशलता और तकनीक से चलता है,हज़ारों परिवारों की आजीविका का साधन बनना शोषण नहीं, सेवा है (1/3)
Capitalism at least admits that it turns labor into a commodity; the Baniya capitalist performs a more obscene ideological maneuver by making labor disappear altogether.
विचारधारा से पेट नहीं भरता, धंधे और मेहनत से भरता है।
"देश की इकोनॉमी की रीढ़ की हड्डी को गाली देना आजकल का नया फैशन बन गया है।"
"सफलता को शोषण का नाम देना उन लोगों की आदत है जो खुद कुछ बड़ा नहीं कर पाए।" (3/3)
जोखिम उठाना,मेहनत से साम्राज्य खड़ा करना 'पैरासिटिज़्म' नहीं कहला��ा,जब जेब में दम और दिमाग में धंधा होता है,तभी देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है
10-मिनट डिलीवरी एक समस्या है,तो इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को क्यों नहीं टोकते?सिर्फ एक समुदाय को निशाना बनाना आपकी कुंठा दिखाता है।