Narwar Fort is situated atop a hill, at Narwar in Shivpuri district of Madhya Pradesh, about 500 feet above ground level spread over an area of 8 km², The fort was Built by Kachwaha Rajputs.
यूपी की ठाकुरवादी सरकार में मंत्रियों का जातिवार आंकड़ा
ब्राह्मण - 5
कुर्मी -3
भूमिहार -2
राजभर -2
जाट -2
लोधी -1
बनिया -1
निषाद -1
नोनिया -1
प्रजापति -1
किरार -1
खत्री -1
कोइरी -1
क्षत्रिय - 0+0+0+0
इतनी घोर जातिवादी/ठाकुरवादी सरकार है कि भर-भर के क्षत्रियों को मंत्रालय बांट रखे हैं
Important Update regarding the Agra Scam Issue!
First of all, I had no intention of getting involved in this issue, but after seeing certain accounts deliberately drag the Kshatriya community into the matter, I felt the need to clarify a few things.
This information had been circulating on Twitter, but I deliberately refrained from posting it until I could verify it. I have now received confirmation from higher authorities that the individual in question is indeed Ajayveer Singh s/o Jaypal Singh, a resident of Village Badganv Kamtri, Bah, Agra. Based on the information available to me, there is also reason to believe that he belongs to the Gujjar community.
I never participated in the donation drive, primarily for two reasons:
1. The account was very new, had no display picture, and appeared to have virtually no established network or contacts.
2. Frankly, the name sounded like something straight out of an Imran Khan movie (Jaane tu ya Jaane Na).
Even after the scam came to light, I found it difficult to believe that this had anything to do with the Kshatriya community. The historical record of Rajput traditions contains a long-standing culture of charity, patronage and philanthropy. Attributing an individual's alleged fraud to an entire community-- particularly when there is no credible basis for associating him with that community--is both unfair and intellectually dishonest.
The matter has been clarified sufficiently. It should be allowed to rest now and people should stop calling that person Jai Singh Rathore.
I think this is a good lesson for our Rajput community: people will exploit the goodwill associated with our caste and surnames to rip others off.
We should always be extra careful and not accept or act on anything until it comes through proper, trusted channels. We shouldn’t let emotion get the better of us and show solidarity in the name of the community when doing so could cause financial harm to ourselves or others, however small.
This “Jay Singh Rathore” is actually Ajay Gurjar, who faked his identity to rip people off.
(1/2)
सामने आए दस्तावेजों और दावों के अनुसार जिस व्यक्ति को ‘जय सिंह राठौड़’ नाम से पेश किया गया, उसकी पहचान को लेकर अब अजय गुर्जर का नाम सामने आ रहा है। सवाल यह है कि असली पहचान स्पष्ट करने के बजाय ‘जय सिंह राठौड़’ नाम क्यों प्रचारित किया गया, जिससे क्षत्रिय समाज को बदनाम किया जा सके
12 सितंबर को लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष ने प्रदेश कार्यालय में एक गुप्त बैठक ली जिसमें लगभग 29 पदाधिकारी थे
इस बैठक में युवा मोर्चा से आये और नए नवेले प्रदेश महामंत्री बने अभिजात मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवाद के आरोप लगाये
ये आरोप तब लगाए गए जब प्रदेश में चारों तरफ ब्राह्मणों का बोलबाला है.. सर्वाधिक एमपी, सर्वाधिक एमएलए, सर्वाधिक मंत्री, सर्वाधिक केबिनेट मंत्री, सर्वाधिक जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष, युवा मोर्चा अध्यक्ष, संगठन से लेकर शासन प्रशासन तक यत्र तत्र सर्वत्र ब्राह्मण ही ब्राह्मण है... अभिजात मिश्रा को खुद ब्राह्मणवाद के चलते महामंत्री बनाया गया है..
राम मंदिर ट्रस्ट की तो बात ही क्या करनी वो तो हैं ही ब्राह्मण ट्रस्ट..
बाकी सवर्ण एकता जिंदाबाद थी और जिंदाबाद रहेगी..
राजस्थान में BJP के गढ़ में निर्दलीयों ने बिगाड़ा खेल? UGC पर राजपूतों की नाराजगी ने बढ़ाई टेंशन
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में स्थानीय मुद्दों के साथ UGC के जाति आधारित नियमों को लेकर राजपूत समाज की नाराजगी ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया.
पूरी खबर : https://t.co/w38jqxvZtw
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ओके
पहले हमारे साथ रिपीट कीजिए:
वीर दुर्गादास राठौड़, राठौर (तेली- साहू) नहीं थे, क्षत्रिय थे। क्लेम करने वाले नहीं, असली।
सम्राट मिहिर भोज गुज्जर नहीं क्षत्रिय थे, क्लेम करने वाले नहीं, असली।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान क्षत्रिय थे, गुज्जर नहीं, नोनिया नहीं।
सम्राट अनंगपाल तोमर क्षत्रिय थे, गुज्जर नहीं, जाट नहीं।
माता पन्ना धाय खिंची चौहान थीं, गुज्जर नहीं।
क्षत्रिय=राजपुत्र=राजन्य=राजपूत।
क्षत्रिय इतिहास का खिचड़ी पका के बाँटना बंद कीजिए।
फिर बात कीजिए का राजपूत स्वाभिमान की।
बाक़ी योगी आदित्यनाथ को अगला मुख्यमंत्री कैंडिडेट घोषित कर रहे हैं ना? कि नहीं?
देवरिया में मनीष सिंह की चाकू से हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर सड़क जाम कर दी। मामले में चीनू अंसारी, अंबुज विश्वकर्मा, जय किशन यादव और नागेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
थाना अध्यक्ष राकेश कुमार राय व चौकी इंचार्ज ज्योति कुमारी निलंबित हुए। आरोपियों का एनकाउंटर हो।
राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बनाया गया है रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को। वैसे पहले नाम चल रहा था पुलिस अधिकारी राजेश पांडेय का। राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ नियुक्त करने की मांग उठाई थी निर्पेन्द्र मिश्रा ने। ट्रस्ट में पहले से ही बहुत सारे मिश्रा हैं, लेकिन सीईओ के रूप में एक और मिश्रा चाहिए था।
लेकिन इससे कुछ ब्राह्मण विरोधियों के पेट में दर्द शुरू हो गया है, क्षत्रियो को भड़का रहे हैं तुम्हे तो कोई पूछता ही नहीं । तो उन्हें बता देना चाहता हूँ कि मैं तो सनातन का रक्षक हूँ। मेरे काम केवल सनातन की तरफ नज़र उठाकर देखने वालो की आँखे नोच लेना है। पद वद से हमें क्या लेना ? ये सारे निर्णय तो हमारे मार्गदर्शक पूजनीय गुरु जी लेते हैं। ख़बरदार किसी ने भी ब्राह्मण देवता के लिए एक शब्द बोला तो मेरी तलवार से गुजरना पड़ेगा। तलवार चलाना छोड़ा है भूला नहीं हूँ। और वैसे भी मंदिर मेरे ही पूर्वज का है इससे बड़ी भागीदारी और क्या होती ? ये सीईओ वीईओ क्या मायने रखते हैं ?
सनातन सर्वश्रेष्ठ था, सर्वश्रेष्ठ है और सर्वश्रेष्ठ रहेगा। हमें जाति में बाँटने की तुम्हारी कोशिश कभी सफल नहीं होगी। हर सच्चा सनातनी केवल सनातनी होता है। वैसे भी कंधे से ऊँची छाती नहीं होती और धर्म से बड़ी जाती नहीं होती।
जय सनातन।
“जयचंद”, हर्ष दुबे को आख़िरकार “जयचंद” मिल ही गए।
और भाई करणी सेना! ओकेंद्र, महिपाल, वीरू! और बड़े नेता लोग!
कैसा लग रहा है अपने पूर्वजों का नाम ग़द्दारी के पर्यायवाची के तौर पे?
अच्छा लग रहा होगा, तुम जय दादा परशुराम बोलो, लाठी डंडे खाओ।बदले में ग़द्दारी के पर्यायवाची महाराजा जयचंद्र गहरवार रहेंगे।बाक़ी बाथरूम से वीडियों कहें बनाये?
क्या करणी सेना के कार्यक्रम इसीलिए आयोजित होते हैं, ताकि किसी और की बंदूक चलाने के लिए मज़बूत कंधा मिल सके?
जब तक क्षत्रियों की लीडरशिप ओकेंद्र, वीरू, महिपाल, जैसे लोगों के पास रहेगी, तबतक आपका कोई अस्तित्व नहीं है भारतीय पॉलिटिक्स में। आप संख्या बल दिखाने, लाठी खाने के बाद सिर्फ दरी बिछाने और जय दादा परशुराम का नारा लगाने तक सीमित कर दिए गए, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीछे खड़े होने की जगह तक नहीं मिली।
देवराज सिंह की फोटो ही लगा लेते यहाँ, जो शहीद हो गए थे UGC के प्रोटेस्ट के दौरान राजस्थान में!
लेकिन सारा फुटेज टीवी स्टूडियो से शुरू हुआ, कैसे हुआ आप सब जानते हैं, कोई भी कहीं से उठके स्टूडियो नहीं पहुँच जाता, उसको पहुंचाया जाता है. फिर सड़क पे करनी सेना और तमाम प्रभावशाली लोगों के आह्वान पर पहुँचा, और फिर ये उसी जगह पहुँचा जहाँ से निकला था; सरकार की गोद। @ajeetbharti से आपके कितने भी राब्ते रहे हों, ये तो पक्का हो गया कि ये आदमी कभी सरकार की गोद में नहीं बैठेगा हर्ष की तरह। बाक़ी जो है सो हैये है।
क्षत्रिय बेचारे जयपुर में लाठियाँ खाए,एक बच्चे की जान भी चली गई थी,जंतर-मंतर पर भी क्षत्रियों ज़्यादा संख्या में थे …
लेकिन लाइमलाइट की बारी आई तो बृजेश पाठक के साथ हर्ष दुबे ,मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा बैठ कर भाव-तौल कर रहे हैं ..
यहाँ भी क्षत्रियों के कंधे पर बंदूक चला दी 😝
स्वर्ण एकता में जिसकी स्वान( कुकुर) जैसी औकात, वो राजपूत!
जो खुद लातें खाकर पंडित जी को बचाए, वो राजपूत!
खुद सबका दुश्मन बनकर गैरों को नेता बनाए, वो राजपूत!
जिसकी गांव फटे, फिर भी नवाबी न घटे, वो राजपूत!
छतरी पुत्र धर्म निभाते शिवम् सिंह।