#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
राधा स्वामी पंथ जिसकी शुरुआत ही बिना गुरु के हुई, जिससे ये साबित होता है कि ये अपनी मर्जी से चलाया हुआ पंथ है। जिससे इस पंथ द्वारा बताई भक्ति से कोई लाभ नहीं होगा!
कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान।
गुरू बिन दोनों निष्फल हैं, पूछो वेद पुराण।।
#सत्_भक्ति_संदेश
बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलानी चाहिए
जो माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाते नहीं, वे अपने बच्चों के शत्रु हैं। अशिक्षित व्यक्ति शिक्षित व्यक्तियों में ऐसा होता है जैसे हंस पक्षियों में बगुला। यहाँ पढ़ाने का तात्पर्य धार्मिक ज्ञान कराने से है, सत्संग आदि सुनने से है।
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
राधा स्वामी पंथ जिसकी शुरुआत ही बिना गुरु के हुई, जिससे ये साबित होता है कि ये अपनी मर्जी से चलाया हुआ पंथ है। जिससे इस पंथ द्वारा बताई भक्ति से कोई लाभ नहीं होगा!
कबीर, गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान।
गुरू बिन दोनों निष्फल हैं, पूछो वेद पुराण।।
#सत्_भक्ति_संदेश
बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलानी चाहिए
जो माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाते नहीं, वे अपने बच्चों के शत्रु हैं। अशिक्षित व्यक्ति शिक्षित व्यक्तियों में ऐसा होता है जैसे हंस पक्षियों में बगुला। यहाँ पढ़ाने का तात्पर्य धार्मिक ज्ञान कराने से है, सत्संग आदि सुनने से है।
#सत्_भक्ति_संदेश
बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलानी चाहिए
जो माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाते नहीं, वे अपने बच्चों के शत्रु हैं। अशिक्षित व्यक्ति शिक्षित व्यक्तियों में ऐसा होता है जैसे हंस पक्षियों में बगुला। यहाँ पढ़ाने का तात्पर्य धार्मिक ज्ञान कराने से है, सत्संग आदि सुनने से है।
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
राधास्वामी पंथ काल का चलाया पंथ है
इस पंथ के संस्थापक शिवदयाल जी मृत्यु उपरांत स्वयं भूत बने। तथा लाखों लोगों का अनमोल जीवन बर्बाद किया। सच्चा सौदा सिरसा, जगमाल वाली, जयगुरुदेव पंथ आगरा आदि भी इसी काल के पंथ राधास्वामी पंथ की ही शाखाएँ हैं।
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
राधास्वामी पंथ काल का चलाया पंथ है
इस पंथ के संस्थापक शिवदयाल जी मृत्यु उपरांत स्वयं भूत बने। तथा लाखों लोगों का अनमोल जीवन बर्बाद किया। सच्चा सौदा सिरसा, जगमाल वाली, जयगुरुदेव पंथ आगरा आदि भी इसी काल के पंथ राधास्वामी पंथ की ही शाखाएँ हैं।
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
सावन सिंह महाराज के अनुसार राधास्वामी की पुस्तक "संतमत प्रकाश" भाग-4, पृष्ठ 261 में लिखा गया है: "हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है। यानी इनकी जाति सतनाम और धर्म सतपुरुष है।
RadhaSoami Exposed
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
सावन सिंह महाराज के अनुसार राधास्वामी की पुस्तक "संतमत प्रकाश" भाग-4, पृष्ठ 261 में लिखा गया है: "हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है। यानी इनकी जाति सतनाम और धर्म सतपुरुष है।
RadhaSoami Exposed
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
RadhaSoami Exposed
सतपुरुष, सतलोक, सारनाम एवं सतनाम को एक ही बताने वाले राधास्वामी पंथ द्वारा पांच नाम (ओंकार, ज्योति निरंजन, ररंकार, सोहं, सत्यनाम) बताये जाते हैं। जबकि ये नाम काल के हैं। जिसका प्रमाण पुस्तक ‘‘घट रामायण‘‘ पहला भाग के पृष्ठ 27 में है जिसमें
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
सावन सिंह महाराज के अनुसार राधास्वामी की पुस्तक "संतमत प्रकाश" भाग-4, पृष्ठ 261 में लिखा गया है: "हमारी जाति सतनाम है और हमारा धर्म सतपुरुष है। यानी इनकी जाति सतनाम और धर्म सतपुरुष है।
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सतपुरुष, सतलोक, सारनाम एवं सतनाम को एक ही बताने वाले राधास्वामी पंथ द्वारा पांच नाम (ओंकार, ज्योति निरंजन, ररंकार, सोहं, सत्यनाम) बताये जाते हैं। जबकि ये नाम काल के हैं। जिसका प्रमाण पुस्तक ‘‘घट रामायण‘‘ पहला भाग के पृष्ठ 27 में है जिसमें
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
राधास्वामी पंथ शिवदयाल जी द्वारा चलाया गया पंथ है जिसके कोई भी गुरु नहीं थे
अर्थात निगुरा पंथ है।
सभी संत महात्माओं ने गुरु की महत्ता को दर्शाया है गुरु बिना ज्ञान और मोक्ष नहीं हो सकता इस प्रकार
परमेश्वर कबीर साहेब जी ने कहा है
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
RadhaSoami Exposed
सतपुरुष, सतलोक, सारनाम एवं सतनाम को एक ही बताने वाले राधास्वामी पंथ द्वारा पांच नाम (ओंकार, ज्योति निरंजन, ररंकार, सोहं, सत्यनाम) बताये जाते हैं। जबकि ये नाम काल के हैं। जिसका प्रमाण पुस्तक ‘‘घट रामायण‘‘ पहला भाग के पृष्ठ 27 में है जिसमें
#राधास्वामी_निगुरा_पंथ
राधास्वामी पंथ शिवदयाल जी द्वारा चलाया गया पंथ है जिसके कोई भी गुरु नहीं थे
अर्थात निगुरा पंथ है।
सभी संत महात्माओं ने गुरु की महत्ता को दर्शाया है गुरु बिना ज्ञान और मोक्ष नहीं हो सकता इस प्रकार
परमेश्वर कबीर साहेब जी ने कहा है
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राधास्वामी पंथ शिवदयाल जी द्वारा चलाया गया पंथ है जिसके कोई भी गुरु नहीं थे
अर्थात निगुरा पंथ है।
सभी संत महात्माओं ने गुरु की महत्ता को दर्शाया है गुरु बिना ज्ञान और मोक्ष नहीं हो सकता इस प्रकार
परमेश्वर कबीर साहेब जी ने कहा है