रमते तृषितो धनश्रिया
रमते कामसुखेन बालिशः।
रमते प्रशमेन सज्जनः
परिभोगान् परिभूय विद्या।।
(सौन्दरनन्द - ८/२६)
अर्थात् - तृष्णावान व्यक्ति का मन धन-सम्पत्ति में और मूर्ख का काम-सुख में रमता है। जो सज्जन लोग हैं वह ज्ञान द्वारा भोग इच्छा को जीतकर शान्ति में रमते हैं। #संस्कृतम्
#Post_Code_813_Shastri_ko_Joining_do
2020 से इंतजार कर रहे हैं 2 साल हो गए और कितना इंतजार करे आपसे विनम्र प्रार्थना है कि मई 2022 में हमें नियुक्ति दे🙏
बेरोजगारी का दर्द सिर्फ
पढ़ा-लिखा युवा ही जानता है,
जब वह खर्च के लिए अपने
अनपढ़ बाप से पैसे मांगता है
#Shastri_Post_code_813_Appointment
पोस्ट कोड 813 (शास्त्री) की चयन प्रक्रिया जून 2020 से चल रही है लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं मिली इसीलिए मुखयमंत्री जी से निवेदन है की हमे नियुक्ति दे!