@UPPCLLKO Sab SM par hi hai wastav me jamini starpar koi sunwai nhi hoti Maine subah me sikayat kari hai jiska koi hal nhi hua jisko phone kro kahta hi hum nhi jante
बरनवाल पताका
बरनवाल पताका में "तुला खड्गा च राष्ट्र सेवायां" वाक्य हमारी असीम राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। तुला हो या तलवार, जो भी धारण करते हैं राष्ट्र की सेवा में अर्पित है। अर्थात हमारा तन मन सब राष्ट्र सेवा में अर्पित है।
बरनवाल पताका
बरनवाल पताका में बाघ जो पृष्ठभूमि में है वो हमारे अतीत का द्योतक है जब बरन पर हमारा शासन था। यह उस शौर्य का प्रतीक है जिसने बरन वालों को इस्लामी शासन के विरुद्ध पहला जन विद्रोह बरन का दोआबा का विद्रोह करने का हौसला दिया।
बरनवाल पताका
बरनवाल पताका में तुला आज की हमारी वैश्य पहचान को उजागर करता है। पृष्ठभूमि में बाघ और सामने तुला यह दिखाते हैं कि हम वैश्य हैं लेकिन हम शौर्य से भरपूर हैं।
बरनवाल पताका
श्री प्रभुदयाल बरनवाल,परोसिया,बंगाल के सुझाव पर बरनवाल समुदाय की अपनी पताका के चयन हेतु बरनवाल पताका प्रतियोगिता 2023 में आयोजित की गई।कोई 23 प्रविष्टियों में से श्री अमित कुमार बरनवाल,बर्धमान,बंगाल की पताका को एक निर्णायक मंडल द्वारा बरनवाल पताका हेतु चुना गया।
बरनवाल पताका
बरनवाल पताका का भगवा रंग हिंदुत्व और बरनवालों के हिंदुत्व की पहचान का प्रतीक है। यह प्रतीक है कि बरनवालों ने असीम चुनौतियों के बीच भी अपनी हिंदुत्व की पहचान को छोड़ना स्वीकार नहीं किया।
बरनवाल पताका
बरनवाल पताका में सूर्य सूर्य की भांति बरनवालों के हमेशा कीर्तिमान होने का और निरंतर प्रकाशमान होने का प्रतीक है। सूर्य की रश्मियां बरनवालों की कीर्ति के चहुंओर फैलने की प्रतीक है।