Major Market two Year Returns amid Global Crisis
🇮🇳 India : -9%
🇰🇼 Kuwait : +5%
🇨🇳 China : +18%
🇺🇸 USA : +35%
🇧🇷 Brazil : +65%
🇻🇳 Vietnam : +45%
🇵🇰 Pakistan : +70%
🇯🇵 Japan : +85%
🇹🇼 Taiwan : +150%
🇰🇷 South Korea : +172%
Note: The Government cannot control this data.
रितिका चोपड़ा मेरे लिए हीरो हैं। आज के माहौल में सरकार के खिलाफ बोलना Suicidal है। Indian Express ने सबूतों के साथ देश के सामने रखा कि कैसे वोटर लिस्ट में घोटाला करके लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
ढोंगी पाखंडी लोग भारत के लोगों से जो चाहे करवा सकते हैँ,
इस स्तर तक मानसिक गुलाम बना लिया है,
पाखंडियों ने भी ऐसी ऐसी गंदी परम्पराएं बनाकर टेस्ट कर लिया है कि
वो इन मानसिक गुलामों से कुछ भी करवा सकते हैँ,
एंकर मुझे मेरी विचारधारा बता रहे थे, इसलिए उन्हें उनकी विचारधारा याद दिलाना ज़रूरी था!
गोदी मीडिया तो सिर्फ़ दो शब्द ही समझती है “पैसा-पैसा, मोदी-मोदी!”
ये तो एकदम भयावह व समाज के लिए शर्मनाक विषय है,
ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए,
बिहार में लगभग 21 वर्षों से भाजपा की सरकार है और ये सब इतने बड़े स्तर पर हो रहा है,
बीजेपी वाले बड़ी बड़ी डींगे हांकते है और उनके ही राज्य में ये सब हो रहा है,
बिहार अब भगवान भरोसे ही चल रहा है।
आखिर जाति जनगणना (Caste Census) से इतना डर क्यों? क्या डेटा सामने आने से वर्चस्व का खेल बिगड़ जाएगा? आईआरएस अधिकारी नेत्रापाल एम.एस. इस जटिल मुद्दे की परतें खोल रहे हैं।
इस चर्चा में उन्होंने बताया कि कैसे बिना सही आंकड़ों के कयास लगाए जाते हैं, जिससे समाज में गलतफहमियां फैलती हैं। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के लेख 'फ्रॉम मिलियंस टू फ्रैक्शंस' का जिक्र करते हुए यह समझाया कि कैसे जनगणना के आंकड़ों का राजनीति और आरक्षण के साथ सीधा संबंध है। क्या डेटा के अभाव में हम समाज के बड़े हिस्से को उनके हक से वंचित रख रहे हैं? यह विश्लेषण आपको सोचने पर मजबूर कर देगा कि हकीकत और राजनीति के बीच की यह बारीक रेखा क्या है।
#CasteCensus #JatiJanganana #SocialJustice #IndianPolitics #NethrapalMS
Markets are crashing like anything and its mostly because of the manipulation done by the govt in all data they publish and Tax terrorism that they have unleashed on India