10 मुहर्रम को धरती काप रही थी सूर्य वा चंद्रमा रो रहा था और ईश्वर भी उदास था क्योंकि इमाम हुसैन और उनके 71 साथी ज़ुल्म ,अत्याचार , ना इंसाफी झूठ से लड़ते हुए 10 मुहर्रम को शहीद हो गए उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा
राष्ट्र की एकता अखंडता और सुरक्षा करना 135 करोड़ देशवासियों पर फ़र्ज़ है , आदर्णी योगी जी का आभार वयक्त करता हूं कि उन्होंने जातिवाद ख़तम करने का फैसला लिया .