इनको न रुलायेंगे।
हरीभरी कर सके जो धरती,
बदल सकें तस्वीर,
तो जीवन सुखमय होगा।
जगह जगह हम वृक्ष लगाकर,
प्रण यही दोहराएंगे
पर्यावरण बचायेंगे
पर्यावरण बचायेंगे।
सब मिलकर संकल्प करें ये,
पेड़ों को अब ना काटेंगे,
जीवनदायी है ये पौधे,
इनको जल से हम सींचेंगे,
पशु पक्षियों के ये घरौंदे,
इनको ना उजाड़ेंगे,
फल और अन्न मिलेंगे न तो,
कैसे भूख मिटायेंगे,
वृक्षों में भी जान होती है,