मैं किसानों के लिए आवाज उठाता हूं इसलिए ट्वीटर ने मेरी रिच बिल्कुल कम करदी।
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सहमत = रीट्वीट
जब कृषि बिल सिर्फ कॉरपोरेट हितों को ध्यान मे रखकर ही बनाना था सरकार को तो क्यो वो किसी किसान संगठन को बुलाते.?
और जिनके हितों को ध्यान में रखकर ये बिल बना है वो उद्योगपति और पूंजीपति तो अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को चला ही रहें है फिर अन्नदाता की क्यो सुनेगी ये गूंगी बहरी सरकार..??