अन्धविशास यदि नही है कि किसी नदी में डुबकी लगाने से पाप धुल जाते है तो जेलों में बन्द कैदियों को जेल से निकालकर डुबकियां लगवा दो सब पाप धुल जाएंगे। ग़जब का अन्धविशास भरा पड़ा है मेरे भारत देश के लोगो मे।।
धर्म मे लोग अंधे होते है। धर्म के कारण देश मे दंगे होते रहते है। वैमनस्यता का कारण ही धर्म है। धर्म के कारण लोग मारे जाते है। में धर्म को धर्म नही कहते हुवे पाप युद्ध कहूंगा। चाहे कोई सा भी धर्म हो।। सभी धर्म पाप के द्वार है।
देश की जनता सब कुछ जानती है, आग लगाने वाले कौन होते है ??? जनता को इतना बेवकूफ़ मत समझो। सिर्फ धर्म की नाम की रोटियां सकते रहने वाले कभी देश के लोगो के साथ नही हो सकते। वे सिर्फ और सिर्फ धर्म के साथ होते है। धर्म अफ़ीम है। लोगो को बर्बाद करने का काम करता है।
अक्सर मैं इस जमाने मे देख रहा हु, लोग रिस्तो को कम महत्व देते है और रुपयों पेसो को ज्यादा महत्व देने लग गए। रिस्तो का मूल्य घटता जा रहा है और रुपयों का वजूद बढ़ता जा रहा है। रिश्ते तार तार होने जा रहे है। क्या लोग अपनी मानसिकता को सुधार पाएंगे। विचारणीय बाते है।